जानिए नई खरीदारी का निषेधकाल नहीं पितृपक्ष

Image result for सोनानई दिल्ली:  आमतौर पर पितृपक्ष में लोग भूमि, वाहन, जेवर आदि की खरीदारी नहीं करते. मगर, शास्त्रों में कहीं ऐसा उल्लेख नहीं है कि पितृपक्ष में खरीदारी वर्जित है.

प्राचीन समय में लोग इस दौरान धार्मिक अनुष्ठान में अधिक समय देने के कारण वस्तुएं नहीं खरीद पाते थे. यह परंपरा धीरे-धीरे रूढ़ियों में तब्दील हो गई, जबकि इन दिनों दिनों में शुभ काम सहित खरीदारी की जा सकती है, क्योंकि पितर हमेशा गणेश आराधना  देवी पूजा के बीच की अवधि में आते हैं.

सूक्ष्म बॉडी में हमारे बीच उपस्थित पितर जब हमें खुश, समृद्ध  नयी वस्तुएं खरीदते हुए देखते हैं तो आशीष ही देते हैं. हां, यह जरूर है कि पितृपक्ष में आपराधिक, अमानवीय  गलत काम से बचना चाहिए, लेकिन शुभ  पवित्र कार्यों से नहीं. हमें मन से यह भ्रम निकाल देना चाहिए कि पितृपक्ष का समय अशुभ है. बल्कि, यह दिन तो सामान्य दिनों से अधिक शुभ हैं, क्योंकि पितर हमारे साथ हैं.

यह भी पढ़ें:   इस खबर को पढ़ झूम उठेंगे MP के कर्मचारी
loading...

पितृपक्ष में नया घर लेने में भी कोई बुराई नहीं है. बस इस समय में जगहबदलाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि जहां पितरों की मृत्यु हुई होती है, वो उसी जगह पर लौटते हैं. आप पितरों के लिए श्राद्ध-तर्पण कर रहे हैं तो उन्हें आपके नए घर, नए वाहन, नए कपड़े आदि खरीदने से कोई कठिनाईनहीं होती है. शास्त्रों में इस बात की कहीं मनाही नहीं है. उल्टे वे आपको आगे बढ़ते हुए देखकर खुश ही होते हैं. जाते-जाते भी तो वे सुख-समृद्धि, ऐश्वर्य का आशीष देकर जाते हैं.

Click Here
पढ़े और खबरें
Visit on Our Website
यह भी पढ़ें:   मुलायम सिंह यादव रोए फूट-फूटकर SP कार्यकर्ता, कहा- बचा लो साइकिल का निशान
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *