100 दिन परेशान करने के बाद अब GST लाया जनता के लिए ये…

Image result for GST100 दिन तक परेशान करने के बाद अब GST जनता के लिए राहत की समाचार लाया है. इस समाचार से उत्साह का माहौल है. आप भी पढ़ें
केंद्र गवर्नमेंट ने GST काउंसिल की 22वीं मीटिंग के बाद नए दरों पर करवसूली का फैसला लिया है, जिसे कारोबारी देरी से उठाया गया सही कदम बता रहे हैं. इस समय त्यौहारों का समय है, खासतौर से इसे सोने की खरीद का समय भी माना जाता है  यहां गवर्नमेंट द्वारा बरती गई उदारता से सुस्त हो चले सेक्टर को तेजी मिलने की बात कही जा रही है. इसके अतिरिक्त कपड़ों से लेकर विभिन्न खाद्य पदार्थों  एक्सपोर्ट सेक्टर में भी सुधार आने की बात विशेषज्ञ बता रहे हैं. अमर उजाला ने प्रमुख सेक्टर्स का विश्लेषण अपने पैनल से करवाया, इसमें जिस तरह के आकलन सामने आए, उन पर यह विशेष रिपोर्ट.

सोना  ज्वेलरी धनतेरस तक चमकेंगे बदलाव : 2 लाख रुपये तक के मूल्यवान धातु  रत्नों के ज्वेलरी खरीदने पर ग्राहकों को पैन नंबर नहीं बताना होगा, मनी लॉड्रिंग एक्ट में 23 अगस्त से यह सीमा 50 हजार रुपये कर दी गई थी. असर : 123.5 टन सोना हिंदुस्तान ने जनवरी से मार्च 2017 के दौरान आयात किया.यह हर वर्ष 15 फीसदी की दर से बढ़ रहा है. वहीं उत्तराखंड में त्यौहारों के सीजन में 125 करोड़ रुपये का सोना बिक जाता है, जिसमें सीधे तौर पर करीब 42 फीसदी की गिरावट बताई जा रही थी. ज्वैलर्स एसोसिएशन ऑफ उत्तरांचल के सचिव गुरदीप सिंह का कहना है कि निश्चित तौर पर गवर्नमेंट के इस निर्णय से टूट चुके सराफा कारोबार को नयी ऊर्जा मिलेगी. धनतेरस तक सोने का कारोबार निश्चित तौर पर चमकेगा.

ई-वे बिल अभी खत्म बदलाव : उत्तराखंड राष्ट्र के उन कुछ राज्यों में था, जहां के ट्रांसपोटर्स के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था की गई थी. फिल्हाल एक नवंबर तक इसकी आवश्यकता नहीं होगी. असर : प्रदेश में कारोबारियों के लिए यह एक बाधा बन रहा था, उनका तर्क था कि अभी इसके लिए पिछड़े इलाकों में बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं हो सकी हैं. हालांकि कंपनी सेक्रेट्री अनुज कुमार अग्रवाल का कहना है कि ई-वे बिल लागू होने से कारोबारियों ट्रांसपोर्टर्स को कई तरह के झंझटों  करप्शन से मुक्ति मिलेगी. ट्रांसपोर्ट नगर वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दीपक अग्रवाल के मुताबिक ई-वे एक नवंबर से लागू होने जा रहा है.

नई कंपोजिशन स्कीम से 70 फीसदी कारोबारी फायदे में रहेंगे, रिटर्न में भी राहत बदलाव : इस स्कीम के तहत छोटे व्यापारियों को अपने सालाना टर्नओवर का कुछ फीसदी देना होता है, जिससे वे GST की जटिलताओं से बच जाते थे. सालाना 75 लाख का कारोबार करने वालों कारोबारियों को इसका फायदा मिलता था, अब एक करोड़ तक का कारोबार करने वालों को मिलेगा.असर : उत्तराखंड कपड़ा कमेटी के महामंत्री गजेंद्र वासन का कहना है कि कंपोजिशन स्कीम की इस योजना से निश्चित तौर पर कारोबारियों की संख्या तो बढ़ेगी, लेकिन गवर्नमेंट ने अभी तक कर से कोई राहत नहीं दी है.

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रिटर्न दाखिल करने से छूट का मतलब कारोबार पर दे पाएंगे ध्यान बदलाव : GST में हर महीने की 10 तारीख तक बिल लगाकर इनकम टैक्स विभाग को रिटर्न दाखिल करने, 20 तारीख तक खरीद की घोषणा करने  30 तारीख तक बचे हुए स्टॉक की जानकारी देनी होती थी. यहां भी 1.5 करोड़ का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों को हर महीने के बजाय हर तीन महीने में जानकारी देने की छूट दी गई है. असर : वहीं 1.5 करोड़ का सालाना टर्न ओवर करने वाले कारोबारियों को भी इनकम टैक्स विभाग के साथ कागजी कार्रवाई से राहत मिलने की वजह से वे बेहतर ढंग से अपना कार्य कर सकेंगे. ये सभी कारोबारी इनकम टैक्स विभाग  सीए के चक्कर लगाते हुए अपने कारोबार पर ध्यान नहीं दे पा रहे थे.

ट्रांसपोर्ट में भी छोटे व्यापारियों को राहत बदलाव : ऐसे कारोबारी जो बिना पंजीकरण कार्य कर रहे हैं, उन्हें अपने माल की ढुलाई के लिए रिवर्स चार्ज चुकाना पड़ा रहा था. यानी जो माल लेगा, उसी को कर चुकाना होगा, सप्लायर को नहीं. बाहर से मंगवाए माल पर भी वे कर चुका रहे थे. उन्हें गवर्नमेंट ने राहत दी है. असर : विशेषज्ञों के अनुसार अपंजीकृत कारोबारियों की संख्या का अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन वे बहुत बड़ी संख्या में हैं. गवर्नमेंट इन सभी को कर के दायरे में लाने का कोशिश कर रही है. लेकिन माल ढुलाई पर उन्हें रिवर्स कर से छूट मिलने पर वे बड़ी राहत महसूस करेंगे.
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