खुलासा: डोकलाम में चाइना हिंदुस्तान से युद्ध नहीं बल्कि ये चाहता था

Image result for डोकलामनई दिल्लीः डोकलाम में 16 जून 2017 से प्रारम्भ हुआ सीमा टकराव 73 दिन तक चला था  दोनों राष्ट्रों ने इसे बीतचीत के जरिए हल कर लिया लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या हकीकत में चाइना द्वारा डोकलाम में युद्ध की कोई साजिश रची जा रही थी?  क्योंकि इस दौरान चीनी सेना  मीडिया ने ऐसी कोई कसर नहीं छोड़ी थी जिससे हिंदुस्तान  चाइना के बीच युद्ध ना हो सकेइस दौरान चाइना कई बार इंडियन सीमा में जबरन घुसने की प्रयास भी करता दिखा कभी चीनी सेना बुल्डोजर लेकर डोकलाम में इंडियन सीमा में दाखिल हो जाती तो कभी चाइना के सैनिक उत्तराखंड से सटी इंडियन चौकियों में घुस जाते  बिना हथियारों के सैनिकों से झगड़ा करते

इस दौरान यह भी समाचार आई थी कि डोकलाम में जहां दोनों राष्ट्रों के सैनिक आमने-सामने हैं उससे करीब एक किलोमीटर के दायरे में चाइना ने 80 टैंट लगा दिए हैं चीनी सेना पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (PLA) की तरफ से डोकलाम में इसे बड़ी तैयारी के रूम में माना जा रहा था इसके बाद इंडियनसेना ने भी यहां करीब 350 सैनिकों को तैनात किया था जिन्हें करीब 30 टैंटों ठहराया गया

एक तरफ चाइना हर रोज गीदड़ भभकी दे रहा था तो दूसरी तरफ इंडियन सेना भी मुस्तैदी से अपनी सीमा की रक्षा में जुटी थी लेकिन हिंदुस्तान पर चीनी सेना के उकसावे का कोई प्रभाव नहीं पड़ा गवर्नमेंट की कूटनीति के तरह सेना ने भी सधा रवैया अपनाया   इस दौरान ने भी आग में घी डालने का कार्य किया एक चीनी अखबार ने तो युद्ध का समय तक तय कर दिया था लेकिन हिंदुस्तान ने अपनी कूटनीति के दम पर चाइना पर दबाव बनाना जारी रखा आखिरकार युद्ध की धमकी देने वाले चाइना की कोई रणनीति कार्य नहीं आई  उसे 28 अगस्त 2017 डोकलाम से पीछे हटना पड़ा

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इस टकराव के समाप्त होने के बाद भी यह सवाल बना हुआ कि क्या चाइना हकीकत में हिंदुस्तान से युद्ध करना चाहता था? कई विशेषज्ञों का कहना है कि हिंदुस्तान की तैयारी  कूटनीति ने चाइना को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया लेकिन अब जो बात निकलकर सामने आ रही है उससे ऐसा लगा रहा है कि चाइना भी भले ही ऊपरी तौर पर युद्ध की धमकी दे रहा था लेकिन वह भी नहीं चाहता था कि ऐसे कोई दशा पैदा हो जाएं चाइना की सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी लियू फांग ने बयान दिया है कि डोकलाम के मामले को सुरक्षित ढंग से सुलझाया गया था वह समझाना चाह रहे थे कि चाइना की सेना दूसरे राष्ट्रों के साथ वार्ता के जरिए किस तरह से मुद्दों को हल करने की प्रयास कर रही है लियू ने डोकलाम गतिरोध का हवाला देते हुए कहा, हमने बहुत ज्यादा व्यवहारिक कदम उठाये

लियू ने कहा, निश्चित तौर पर इसे सुरक्षित ढंग से हल कर लिया गया उन्होंने बोला सेना में मेरे साथी  दूसरे मंत्रालयों ने बहुत नजदीक से मिलकर कार्य किया  इंडियन पक्ष के साथ कई बार वार्ताकी ‘ लियू ने बोला इन सबसे चीन-भारत सीमा पार टकराव को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने में मदद मिली बताते चलें कि डोकलाम गतिरोध 16 जून को उस वक्त शुरुआत हुआ था जब चीनी की सेना ने भूटान के दावे वाले एरिया में सड़क बनाने की प्रयास की थी यह गतिरोध 28 अगस्त को समाप्तहुआ था

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