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25 हजार लोगों को मिलेगी गैस एजेंसी की कमान,चार वर्ष में हर घर में होगा LPG कनेक्शन

Image result for गैस एजेंसीगरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाली तीन करोड़ से भी ज्यादा स्त्रियों को नि:शुल्क रसोई गैस (एलपीजी) कनेक्शन उपलब्ध कराने के बाद नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट ने राष्ट्र के हर घर में रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है.

इस लक्ष्य को अगले चार वर्ष में पूरा किया जाएगा. इस समय राष्ट्र के करीब 77 प्रतिशत घरों में ही रसोई गैस का कनेक्शन पहुंच पाया है  जिन घरों में अभी तक इसकी पहुंच नहीं हो पाई है, उनमें से अधिकांश गांवों या अर्द्ध शहरी इलाकों के घर हैं.

वूमेन इन एलपीजी संगठन के इंडियन चैप्टर के उद्घाटन मौका पर मंगलवार को यहां पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र मुख्य ने बोला कि उन्होंने अगले दो से चार वर्ष में राष्ट्र के हर घर तक रसोई गैस का कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

जब राष्ट्र के सभी घरों में रसोई गैस का कनेक्शन होगा, तो जाहिर है कि गैस सिलेंडरों की मांग भी बढ़ेगी. गैस रिफिल की कमी न हो, इस हिसाब से ढांचागत संरचना  क्षमता विस्तार की तैयारी प्रारम्भ हो गई है.

अभी 77 प्रतिशत घरों में एलपीजी कनेक्शन
मुख्य ने बताया कि इस समय 21.7 करोड़ घरों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंच गया है, जो हिंदुस्तानके कुल घरों का करीब 77 प्रतिशत भाग है. उन्होंने बोला कि पिछले डेढ़ वर्ष में पीएम उज्ज्वला योजना के तहत शहरों एवं गांवों में गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाली स्त्रियों के नाम तीन करोड़ से ज्यादा कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं.

इसमें  भी तेजी लायी जा रही है, ताकि स्त्रियों को धुएं के बीच खाना पकाने की समस्या से मुक्ति मिल सके. इसके अलावा, ग्रामीण एरिया में ऐसे भी गृहस्थ हैं, जो गरीबी रेखा के नीचे नहीं हैं, लेकिन उनके यहां अभी तक एलपीजी गैस का कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है. अगले कुछ सालों में इन्हीं घरों में कनेक्शन पहुंचाने का कोशिश किया जाएगा.

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पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि जब राष्ट्र भर के सभी घरों में एलपीजी कनेक्शन होगा, तो राष्ट्र के हर इलाके में रिफिल सिलेंडरों की मांग बढ़ेगी. इससे निबटने के लिए देशभर में 100  बॉटलिंग प्लांट लगाए जाएंगे.

इस समय तीनों सरकारी ऑयल विपणन कंपनियों के 190 बॉटलिंग प्लांट कार्य कर रहे हैं. वर्तमान में राष्ट्र में करीब 19,000 एलपीजी वितरक हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर 25,000 की जाएगी. इतनी मांग पूरी करने के लिए एलपीजी का आयात भी बढ़ाना होगा  आयातित एलपीजी के सस्ते परिवहन का भी बंदोवस्त करना होगा.

इसके लिए कुछ नए एलपीजी टर्मिनल बनाए जा रहे हैं, जबकि कांडला से गोरखपुर तक करीब ढाई हजार किलोमीटर का एलपीजी पाइपलाइन भी तैयार किया जा रहा है. इससे आयातित एलपीजी सस्ते में बॉटलिंग प्लांटों तक पहुंच जाएगी.

उज्ज्वला के तहत एलपीजी रिफिल की संख्या बढ़ी
मुख्य ने बताया कि उज्ज्वला योजना में जिन्हें गैस कनेक्शन मिला है, वे रिफिल भी भरवाने लगे हैं.अब उनका वार्षिक रिफिल का औसत चार सिलेंडर हो गया है. बताते चलें कि विपक्षी दलों ने गवर्नमेंटपर आरोप लगाया था कि उन्होंने उज्ज्वला योजना में भले ही फ्री में गैस कनेक्शन दे दिया हो, लेकिन वे एक बार सिलेंडर समाप्त होने के बाद रिफिल नहीं ले रहे हैं, बल्कि फिर पुराने तरीके से ही खाना बनाने लगे हैं. मुख्य का कहना है कि गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवार में सिलेंडर का खपत कम है, इसलिए वे रिफिल भी कम ही ले रहे हैं. तब भी वे वर्ष में औसतन चार रिफिल सिलेंडर ले रहे हैं.

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