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विजय माल्या के वकीलों ने न्यायालय में कहा…

Image result for विजय माल्या के वकीलोंनई दिल्ली/लंदन: शराब कारोबारी विजय माल्या के वकीलों ने ब्रिटेन की न्यायालय में प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई के दूसरे दिन मंगलवार (5 दिसंबर) को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)  प्रत्यर्पण निदेशालय (ईडी) पर निशाना साधा वेस्टमिंस्टर की मजिस्ट्रेट न्यायालय में जारी सुनवाई के दौरान उनके वकीलों ने बोला कि CBI  प्रवर्तन निदेशालय का पॉलिटिक्स से प्रेरित होने का इतिहास रहा हैमाल्या की एडवोकेट क्लेयर मोंटगोमरी ने न्यायाधीश एम्मा अर्बुथनॉट को बताया कि CBIन्यायालय में लाये मामलों में पॉलिटिक्स से प्रेरित होने के लिए जानी जाती रही है यह भी संयोग नहीं हो सकता है कि हिंदुस्तान में चुनाव के वर्ष के दौरान माल्या पर लगे करप्शन के आरोप अधिक मुखर हुए

उन्होंने CBI पर राजनीतिक आकाओं से समय-समय पर प्रभावित होने का आरोप लगाते हुए बोलाकि प्रवर्तन निदेशालय के बारे में भी ऐसा बोला जा सकता है उन्होंने बोला कि इस मामले में भी साक्ष्यों का राजनीतिकरण किया गया है सत्ताधारी बीजेपी तथा कांग्रेस पार्टी एवं शिवसेना समेत अन्य पार्टियों ने भी इस मामले को राजनीतिक फायदे के मौका की तरह प्रयोग किया उल्लेखनीय है कि माल्या के विरूद्ध प्रत्यर्पण मामले की ब्रिटेन की न्यायालय में सोमवार (4 दिसंबर) से सुनवाई प्रारम्भ हुई है सोमवार को हिंदुस्तान गवर्नमेंट के वकीलों ने अपना पक्ष रखा था

पहले दिन मामले में सुनवाई प्रारम्भ करते हुये हिंदुस्तान गवर्नमेंट की तरफ से पैरवी कर रही क्राउन प्रोस्क्यूशन सर्विस (सीपीएस) ने अपनी दलीलें रखी थीं यह मामला माल्या की पूर्व कंपनी किंगिफशर एयरलाइंस द्वारा बैंकों के समूह से लिये गये करीब 2,000 करोड़ रुपये के कर्ज पर केंद्रित रहा सीपीएस ने स्वीकार किया कि बैंकों द्वारा कर्ज की मंजूरी देते समय आंतरिक प्रक्रियाओं में हो सकता है कुछ अनियमितताएं रही हों, लेकिन इस मुद्दे से हिंदुस्तान में बाद में निपटा जाएगा

वकील मार्क समर्स ने बोला था, ‘मामले में जोर माल्या के आचरण तथा बैंकों को भ्रमित करने एवं कर्ज राशि के दुरुपयोग पर है ’ उन्होंने मामले में पूरे घटनाक्रम को विस्तार से बताया इसमें नवंबर 2009 में किंगिफशर एयरलाइंस द्वारा आईडीबीआई बैंक से मांगे गये कर्ज पर विशेष जोर था

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माल्या खुद ही मार्च 2016 से हिंदुस्तान से बाहर ब्रिटेन में रह रहे हैं उन पर उनकी बंद हो चुकी विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस द्वारा कई इंडियन बैंकों का ऋण जानबूझकर नहीं चुकाने का आरोप है उन पर कुल 9,000 करोड़ रुपये का बकाया है प्रत्यर्पण मामले की सुनवाई में पीठासीन न्यायाधीश एम्मा लुइस अर्बथनॉट हैं यह सुनवाई 14 दिसंबर तक चलेगी इसमें छह आठ दिसंबर को छुट्टी रहेगी

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