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रीतू रानी ने कहा की मैं हिंदुस्तान के लिए फिर खेलना चाहती हूं

Related imageभारत को 2016 में रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई कराने के बाद तत्कालीन राष्ट्रीय कोच नील हागुड से टकराव के चलते हॉकी को अलविदा कहने वाली रीतू रानी ने छह महीने बाद फिर इंडियन महिला हॉकी टीम में बेला रूस के विरूद्ध सीरीज से वापसी की.

रीतू हिंदुस्तान के लिए हॉकी वर्ल्ड लीग राउंड 2 में इंडियन हॉकी टीम में वापसी की  हॉकी वर्ल्ड लीग राउंड तीन में भी खेलीं लेकिन फिर कोर ग्रुप से बाहर हो गई. रीतू रानी हिंदुस्तान की जापान में महिला एशिया कप जीतने वाली टीम में शामिल नहीं थी. रानी रामपाल की अगुवाई वाली हिंदुस्तान की महिला हॉकी टीम में अभी उन्हीं के शाहबाद मरकंडा की पूर्व इंडियन कप्तान रीतू रानी इस वर्ष हिंदुस्तान के लिए राष्ट्रमंडल खेलों  एशियाई खेलों के लिए खासी अहम हैं.

26 वर्षीय मिडफील्डर रीतू रानी से ‘अमर उजाला’ ने बुधवार को उनके इंडियन महिला हॉकी टीम के लिए फिर खेलने की मामले में जानना चाहा तो उन्होंने कहा, ‘अतीत में जो कुछ भी हुआ  जिन दशा में हुआ, हो गया. हर इनसान की जिंदगी में ऐसे पल आते हैं. यह अब अतीत है.  मैं एक बात साफ कर देना चाहती हूं कि  मैं हिंदुस्तान के लिए फिर से खेलना चाहती हूं. मैं अभी भी हिंदुस्तान की एक बार फिर नुमाइंदगी करने के साथ यह दिखाना चाहती हूं कि मुझमें अभी भी बहुत हॉकी बाकी है. मुझे हिंदुस्तान के लिए खेलने के लिए बुलाया जाएगा तो जरूर खेलने जाउंगी. मैं इसके लिए आगे 26 जनवरी से 4  फरवरी तक सीनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में शिरकत कर अपनी दावेदारी पेश करना चाहूंगी.

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उन्होंने कहा, ‘मैं हिंदुस्तान के लिए अलग- अलग देशी  विदेशी हॉकी उस्तादों के मार्गदर्शन में एक दशक से भी ज्यादा तक खेल चुकी हूं. मैं खुद को इंडियनहॉकी टीम के किसी भी उस्ताद चाहे वह हरेन्द्र सर हों या अन्य कोई उनकी रणनीति के मुताबिक ढाल कर खेलने की काबलियत रखती हूं. अपने लंबे अनुभव से मैं खुद को टीम की आवश्यकता की मुताबिक खेलना अब जान चुकी हूं. मैं हिंदुस्तान के लिए महिला हॉकी विश्व कप, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों  एशिया कप में खेल चुकी हैं. मेरी कप्तानी में हिंदुस्तान ने 2013 में एशिया कप  2014 में इंचियोन में एशियाई खेलों में कांसा जीता था.  मेरी ही कप्तानी में हिंदुस्तान ने 36 बरस के लबे अंतराल के बाद फिर रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया था.

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