Thursday , April 26 2018
Loading...

शराब में 50 प्रतिशत से ज्यादा अल्कोहल मिला तो लाइसेंस होगा रद्द…

Image result for शराब में 50 प्रतिशत से ज्यादा अल्कोहल मिला तो लाइसेंस होगा रद्दखाद्य सुरक्षा  अल्कोहल की मात्रा को लेकर कुछ हफ्ते में नए नियम लागू किए जा सकते हैं. एक ओर केंद्र गवर्नमेंट शराब  बीयर में अल्कोहल की मात्रा सीमित करने जा रही है, वहीं, हर राज्य में खाद्य सुरक्षा जांच के लिए प्रयोगशालाएं भी बनाने वाली है. इसके लिए सभी राज्यों से प्रोजेक्ट्स मांगे गए हैं. नियंत्रण के बाद 50 प्रतिशत से ज्यादा अल्कोहल मिलने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ ही दोषी को कारागार का प्रावधान होगा.
केंद्रीय सेहत मंत्रालय के इंडियन खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने ये मानक तय किए हैं. सूत्र बताते हैं कि नामचीन कंपनियों की शराब में अल्कोहल 50 प्रतिशत से कम होता है, लेकिन कई विदेशी  देशी शराब में 60 से 70 प्रतिशत तक अल्कोहल मिल रहा है.

एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि अल्कोहल की मात्रा सीमित करने का प्रस्ताव कुछ ही समय पहले मंजूरी के लिए मंत्रालय भेजा गया है. इस पर तीन साल से कार्य चल रहा था. मंत्रालय के सूत्र बता रहे हैं कि इस पर गवर्नमेंट ने भी सहमति जताई है. मार्च से पहले इन मानकों पर कार्य प्रारम्भहोगा.

प्राधिकरण ने शराब में अल्कोहल की मात्रा को कई वर्गों में बांटा है. व्हिस्की रम के लिए अल्कोहल की न्यूनतम सीमा 36  अधिकतम 50 प्रतिशत रखी गई है. बीयर के लिए यह 5 से 8  ताड़ी जैसी देशी शराब के लिए 19 से 43 प्रतिशत के बीच होगी. बताया जा रहा है कि वाइन में 7.5 से 15 प्रतिशत तक ही अल्कोहल रहेगा.

यह भी पढ़ें:   हसमुख ने कहा कि 5 लाख से ज्यादा कारोबारियों ने चुनी GST
Loading...
loading...

ऑफिसर के मुताबिक, सिगरेट की भांति जल्द ही शराब की बोतलों पर भी वैधानिक चेतावनी मोटे अक्षरों में लिखी होगी. इस पर लिखा होगा बी सेफ, डोंट ड्रिंक एंड ड्राइव. अल्कोहल पर कोई बाध्यकारी नियमन नहीं हुआ है. ऐसा पहली बार हो रहा है. कुछ राज्यों ने शराब के मानक को सख्ती से लागू किया है, लेकिन राष्ट्र में नियंत्रण के अभाव में इनका खुला उल्लंघन हो रहा है.गवर्नमेंट से मंजूरी के बाद उल्लंघन पर सजा का प्रावधान भी स्पष्ट होगा.

आगे पढ़ें

सभी राज्य में होगी सरकारी लैब

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जल्द ही हर राज्य में खाद्य सुरक्षा जांच के लिए एक-एक सरकारी प्रयोगशाला होगी. केंद्र गवर्नमेंट ने राष्ट्र भर में 42 ऐसी प्रयोगशालाएं स्थापित करने का निर्णय लिया है. सभी राज्यों के मुख्य सचिव को लेटर लिखकर सूचना के बाद प्रस्ताव मांगे गए हैं. इस प्रोजेक्ट में गवर्नमेंट 482 करोड़ रुपये खर्च करेगी. सूत्र बताते हैं कि यूपी के सबसे पहले इस प्रोजेक्ट पर कार्य करने की आसार है. मंत्रालय के अनुसार, अब तक सभी राज्यों में 72 राज्यस्तरीय प्रयोगशालाएं हैं. सर्वाधिक 11 महाराष्ट्र में हैं.
Click Here
पढ़े और खबरें
Visit on Our Website
यह भी पढ़ें:   पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर हुई बढ़ोतरी
Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *