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वेतनभोगी, कारोबारी लोगों के करभुगतान में असमानता : हसमुख अधिया

Image result for हसमुख अधियानई दिल्ली: वेतनभोगी वर्ग तथा कारोबार जगत द्वारा किए जाने वाले इनकम टैक्स भुगतान में असमता है वित्त सचिव हसमुख अधिया ने सोमवार (5 फरवरी) को यह बात कही उन्होंने बोलाकि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाली सात लाख कंपनियों में से करीब 50 फीसदी ने शून्य या निगेटिव आय दिखाई हैं अधिया ने बोला कि गवर्नमेंट फूलप्रूफ प्रौद्योगिकी प्रणाली के जरिये विभिन्न वर्ग के लोगों द्वारा किए जाने वाले कर भुगतान में असमता दूर करने का कोशिश कर रही है

वित्त सचिव ने बोला कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने  उससे पहले नोटबंदी के बाद से करदाता आधार बढ़ा है हिंदुस्तान को एक कर अनुपालन वाला समाज बनाने के कोशिश किए जा रहे हैं उन्होंने बोला कि ई-वे बिल  इन्वॉयस मिलान से इस नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी   इंडियन उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की बजट बाद मीटिंग को संबोधित करते हुए अधिया ने बोला कि पर्सनल इनकम टैक्स श्रेणी में वेतनभोगी लोग कारोबारी लोगों की तुलना में अधिक कर अदा कर रहे हैं आकलन साल 2016-17 में 1.89 करोड़ वेतनभोगी लोगों ने इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया  कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये का कर दिया प्रति आदमीवेतनभोगी करदाता यह औसतन 76,306 रुपये बैठता है

वहीं 1.88 करोड़ पर्सनल कारोबारी करदाताओं  पेशेवरों ने कुल 48,000 करोड़ रुपये का कर अदा किया औसतन यह प्रति कारोबारी करदाता 25,753 रुपये बैठता है अप्रैल, 2014 में प्रभावी करदाता आधार 6.47 करोड़ का था, जो मार्च, 2017 तक बढ़कर 8.27 करोड़ हो गया अधिया ने बोला कि GST का भविष्य उज्जवल है GST में ईमानदारी का लाभ होगा

शेयर मार्केट में गिरावट की वजह वैश्विक इशारा : अधिया
इससे पहले वित्त एवं राजस्व सचिव हसमुख अधिया का कहना है कि शेयर बाजारों में भारी गिरावट की वजह दीर्घकालीन पूंजीगत फायदा (एलटीसीजी) कर लगाया जाना नहीं बल्कि वैश्विक संकेतक हैं अधिया के मुताबिक, शेयरों से कमाई पर सिर्फ 10 प्रतिशत एलटीसीजी लगाया गया है, जिससे शेयरों में निवेश अभी भी सुन्दर बना हुआ है अधिया ने सोमवार (5 फरवरी) को सीआईआई के एक प्रोग्राम को संबोधित करते हुए बोला कि अन्य परिसंपत्तियों के मुकाबले शेयरों पर एलटीसीजी कर कम है

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गौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक फरवरी को आम बजट पेश करते हुए शेयरों से एक लाख रुपये से अधिक की कमाई पर 10 प्रतिशत एलटीसीजी कर लगाए जाने का ऐलान किया था इससे गवर्नमेंट को 20,000 करोड़ रुपये का राजस्व होने की उम्मीद है

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