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बिटक्वाइन में निवेश करने वालों का पैन-आधार के जरिए…

Image result for बिटक्वाइन में निवेश करने वालों का पैन-आधार के जरिएवर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन के कारोबार को केंद्र गवर्नमेंट द्वारा गैरकानूनी करार दिए जाने के बाद इसको वैध करने की तैयारी में इंडस्ट्री लग गई है. बिटक्वाइन एक्सचेंज द्वारा इंटरनेट  मोबाइल एसोसिएशन पर ब्लॉकचेन-क्रिप्टोकरेंसी पर बनाई गई कमेटी ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है.

आधार, पैन से तैयार होगा डाटा
प्रस्ताव के अनुसार, जो भी आदमी बिटक्वाइन को खरीदेगा या फिर बेचेगा उसके लिए एक केंद्रीय रिपॉसिटरी बनाई जाएगी, जिसको रियल टाइम पर अपडेट किया जाएगा. इस डाटा को तैयार करने में खरीददारी करने वाले आदमी का आधार कार्ड अथवा पैन कार्ड मांगा जाएगा.

यह होगी जानकारी

इस डाटा में आदमी के पास कितनी क्रिप्टोकरेंसी है, उसकी वैल्यू  कितनी बार खरीदा और बेचा गया है इसकी जानकारी होगी. कमेटी के अध्यक्ष अजीत खुराना ने बोला कि वो गवर्नमेंट को एक सप्ताह भीतर यह प्रस्ताव देंगे. गवर्नमेंट की तरफ से आर्थिक मामलों के सचिव एससी गर्ग की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई है. यह कमेटी मार्च में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. गवर्नमेंट भी क्रिप्टोकरेंसी को मॉनिटर करने के लिए एक रेग्यूलेटर को जल्द नियुक्त कर सकती है.

एक महीने में गिर गए दाम

वर्चुअल करेंसी बिटक्वाइन के प्राइस में पिछले एक माह में 11 हजार डॉलर से अधिक की कमी दर्ज की गई है. इसके साथ ही केंद्र गवर्नमेंट ने बोला है कि राष्ट्र में जिन लोगों ने इसके जरिए कमाई की थी, उनको अब कर भी देना होगा.

1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बिटक्वाइन को गैरकानूनी घोषित करने के साथ ही इंटरनेशनल बाजार में इसका दाम लगातार गिरता जा रहा है. जहां आप राष्ट्र में एक सिक्के को चार लाख पचास हजार रुपये में खरीद सकते हैं, वहीं बेचने पर करीब 10 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा.

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कमाई पर देना होगा टैक्स
उधर केंद्र गवर्नमेंट ने बोला है कि 1 फरवरी से पहले जिन लोगों ने बिटक्वाइन समेत किसी भी तरह की वर्चुअल करेंसी को खरीदा या बेचा है, तो उस पर कर देना होगा. सेट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्‍ट टैक्‍सेज के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने मंगलवार को बोला कि जिन लोगों ने बिटकॉइन से कमाई की है, उन्हें इस पर टैक्‍स देना पड़ेगा. उनकी इनकम का स्रोत भी पूछा जाएगा. अगर उन्‍होंने टैक्‍स नहीं दिया तो उनके विरूद्ध सख्‍त एक्‍शन लिया जाएगा.

RBI ने पहले ही किया था खारिज
गवर्नमेंट के ऐलान से पहले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को खारिज कर चुकी है. चर्चा थी कि रिलायंस भी जियोकॉइन के नाम से क्रिप्टोकरेंसी लॉन्च करने की तैयारी में है लेकिन बजट से पहले जियो ने भी साफ कर दिया कि ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा.

रिपोर्ट्स में सामने आया कि क्रिप्टो करंसी के नाम पर बड़ी मात्रा में काले धन को खपाया जा रहा है.जिस पर गवर्नमेंट ने पहले भी साफ किया था इस तरह की करेंसी हिंदुस्तान में कानूनी तौर पर मान्य नहीं है. इसी कड़ी में वित्त मंत्री ने बजट सम्बोधन में साफ कर दिया था कि बिटकॉ़इन या फिर इस तरह की कोई भी क्रिप्टो करेंसी हिंदुस्तान में मान्य नहीं है.

गवर्नमेंट के इस ऐलान के बाद उन लोगों को बड़ा झटका लगेगा जिन्होंने बिटकॉइन में निवेश किया था. यानी की मार्केट में लाखों लोगों को करोड़ों  अरबों का नुकसान होगा.

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