Wednesday , August 22 2018
Loading...

उमा भारती ने कहा कि हम ईश्वर राम नहीं हैं जो दलितों के साथ खाना खाने से वे पवित्र हो जाएंगे

भोपाल: भाजपा नेताओं के बीच दलितों के साथ भोजन करने की मची होड़ पर केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने तंज कसा है मध्य प्रदेश की दौरे पर गईं उमा भारती ने कहा, ‘हम ईश्वर राम नहीं हैं कि दलितों के साथ भोजन करेंगे तो वे पवित्र हो जाएंगे जब दलित हमारे घर आकर साथ मीटिंग भोजन करेंगे तब हम पवित्र हो पाएंगे दलित को जब मैं अपने घर में अपने हाथों से खाना परोस कर खिलाऊंगी तब मेरा घर धन्य हो जाएगा ‘Related image

Loading...

उमा भारती ने कहा, ‘मैं कभी सामाजिक समरसता भोजन में भाग नहीं लेती, क्योंकि मैं खुद को ईश्वरराम नहीं मानती हूं कि शबरी के घर जाकर भोजन किया तो दलित पवित्र हो जाएंगे बल्कि मेरा मानना है कि दलित जब मेरे घर में आकर भोजन करेंगे  मैं उन्हें अपने हाथों से खाना परोसूंगी तब मेरा घर पवित्र हो जाएगा लेकिन, मैं आज आपके साथ बैठकर भोजन नहीं कर पाऊंगी, क्योंकि मैंने भोजन कर लिया है ‘

loading...

मालूम हो कि भाजपा आलाकमान की ओर से पार्टी नेताओं  कार्यकर्ताओं को दलितों के बीच जाने का दिशा-निर्देश दिया गया है इसके बाद से केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ सहित उनकी कैबिनेट के कई मंत्री भी दलितों के साथ खाना खा चुकी हैं मध्य प्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी दलितों के साथ खाना खा चुके हैं

हालांकि दलितों के साथ खाना खाने के इस चलन को लेकर टकराव भी हो चुके हैं कई बार बाहर से खाना ले जाकर दलितों के घर में बैठकर खाने के आरोप लग चुके हैं तो रविशंकर प्रसाद ने दलित को फाइव स्टार होटल में बुलाकर उनके साथ खाना खाया था इन सब के बावजूद भाजपा नेताओं का दलितों के घर पर जाकर खाना खाने का चलन थम नहीं रहा है

माना जा रहा है कि सुप्रीम न्यायालय की ओर से SC/ST एक्ट को कथित तौर पर निर्बल किए जाने के निर्णय में केंद्र गवर्नमेंट की रजामंदी के आरोप लगने के बाद से भाजपा लगातार दलितों से नजदीकी बढ़ाने में जुटी है 2019 के लोकसभा चुनाव को देखते हुए विपक्षी दल दलितों को सत्ताधारी भाजपा से अलग-थलग करने की हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं भाजपा के सामने विरोधियों के मंसूबे पर पानी फेरने की चुनौती है

Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *