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मोदी गवर्नमेंट ने लिया बड़ा निर्णय, UPSC पास किए बिना बनेंगे अफसर

ऑफिसर बनने के लिए अब यूपीएससी की सिविल सर्विस इम्तिहान पास करना महत्वपूर्ण नहीं होगा. दरअसल मोदी गवर्नमेंट ने नौकरशाही में प्रवेश पाने का अब तक सबसे बड़ा परिवर्तन कर दिया है. एक निर्णय के बाद अब प्राइवेट कंपनी में कार्य करने वाले सीनियर ऑफिसर भी गवर्नमेंट का भाग बन सकते हैं. लैटरल एंट्री के जरिए गवर्नमेंट ने इस योजना को नया रूप दिया है. रविवार को इन पदों पर नियुक्ति के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) के लिए विस्तार से गाइडलाइंस के साथ अधिसूचना जारी की गई. Image result for मोदी गवर्नमेंट ने लिया बड़ा निर्णय

प्राइवेट कंपनी में कार्य करने वालों को भी मौका 

प्रारम्भ से ही पीएम नरेन्द्र मोदी ब्यूरोक्रेसी में लैटरल एंट्री के के हिमायती रहे हैं. इसलिए गवर्नमेंट अब इसके लिए सर्विस रूल में महत्वपूर्ण परिवर्तन भी करेगी. डीओपीटी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मंत्रालयों में जॉइंट सेक्रटरी के पद पर नियुक्ति होगी. इनका टर्म 3 वर्ष का होगा  अगर अच्छा प्रदर्शन हुआ तो 5 वर्ष तक के लिए इनकी नियुक्ति की जा सकती है.

इन पदों पर आवेदन के लिए अधिकतम आयु की सीमा तय नहीं की गई है जबकि न्यूनतम आयु 40 वर्ष है. इनका वेतन केंद्र गवर्नमेंट के भीतर जॉइंट सेक्रटरी वाला होगा. सारी सुविधा उसी अनुरूप ही मिलेगी. इन्हें सर्विस रूल की तरह कार्य करना होगा  दूसरी सुविधाएं भी उसी अनुरूप मिलेंगी. मालूम हो कि किसी मंत्रालय या विभाग में जॉइंट सेक्रटरी का पद बहुत ज्यादा अहम होता है  तमाम बड़े नीतियों को अंतिम रूप देने में या उसके अमल में इनका अहम सहयोग होता है.

आवेदन देने की अंतिम तारीख 30 जुलाई

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इनके चयन के लिए बस साक्षात्कार होगा  कैबिनेट सेक्रटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका साक्षात्कारलेगी. योग्यता के अनुसार सामान्य ग्रेजुएट  किसी सरकारी, पब्लिक सेक्टर यूनिट, यूनिवर्सिटी के अतिरिक्तकिसी प्राइवेट कंपनी में 15 वर्ष कार्य का अनुभव रखने वाले भी इन पदों के लिए आवेदन दे सकते हैं. आवेदन में योग्यता इस तरह तय की गई है कि उस हिसाब से कहीं भी 15 वर्ष का अनुभव रखने वालों के गवर्नमेंट के टॉप ब्यूरोक्रेसी में डायरेक्ट एंट्री का रास्ता खुल गया है.

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10 मंत्रालयों में होगी नियुक्ति

शुरुआती पहल के अनुसार अभी गवर्नमेंट 10 मंत्रालयों में एक्सपर्ट जॉइंट सेक्रटरी को नियुक्त करेगी. ये 10 मंत्रालय  विभाग हैं- फाइनैंस सर्विस, इकनॉमिक अफेयर्स, ऐग्रिकल्चर, रोड ट्रांसपोर्ट, शिपिंग, पर्यावरण, रिन्यूअबल एनर्जी, सिविल एविएशन  कॉमर्स. इन मंत्रालयों  विभागों में नियुक्ति कर विशेषज्ञता के हिसाब से ही पोस्टिंग होगी.

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2005 से लंबित था प्रस्ताव

ब्यूरोक्रेसी में लैटरल ऐंट्री का पहला प्रस्ताव 2005 में ही आया था, जब प्रशासनिक सुधार पर पहली रिपोर्ट आई थी. लेकिन तब इसे सिरे से खारिज कर दिया गया. फिर 2010 में दूसरी प्रशासनिक सुधार रिपोर्ट में भी इसकी अनुशंसा की गई. लेकिन पहली गंभीर पहल 2014 में मोदी गवर्नमेंट के सत्ता में आने के बाद हुई. पीएम मोदी ने 2016 में इसकी आसार तलाशने के लिए एक कमिटी बनाई, जिसने अपनी रिपोर्ट में इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने की अनुशंसा की.

सूत्रों के अनुसार ब्यूरोक्रेसी के अंदर इस प्रस्ताव पर विरोध  संभावना दोनों रही थी, जिस कारण इसे लागू करने में इतनी देरी हुई. अंतत: पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बाद मूल प्रस्ताव में आंशिक परिवर्तन कर इसे लागू कर दिया गया. हालांकि पहले प्रस्ताव के अनुसार सेक्रटरी स्तर के पद पर भी लैटरल ऐंट्री की अनुशंसा की गई थी लेकिन सीनियर ब्यूरोक्रेसी के विरोध के कारण अभी जॉइंट सेक्रटरी के पद पर ही इसकी पहल की गई है. गवर्नमेंट का मानना है कि लैटरल एंट्री आईएएस अधिकारियों की कमी को पूरा करने का भी प्रभावी जरिया बनेगा.

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