Tuesday , October 23 2018
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PM मोदी व पाक के राष्ट्रपति ने मिलाए हाथ

नई दिल्ली/चिंगदाओ: यहां चल रहे शंघाई योगदान संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में पीएम नरेन्द्र मोदी ने पाक के राष्ट्रपति ममनून हुसैन के साथ हाथ मिलाए  संक्षिप्त वार्ता की दोनों नेता 18 वें एससीओ शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए चाइना में हैं आठ सदस्यीय इस संगठन में सदस्य राष्ट्रों के बीच विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर के बाद दोनों नेताओं ने हाथ मिलाए मोदी अन्य एससीओ राष्ट्रों के नेताओं के साथ कम से कम छह द्विपक्षीय बैठकें कर चुके हैं लेकिन मोदी  हुसैन के बीच कोई द्विपक्षीय मीटिंग नहीं हुई हैImage result for PM मोदी व पाक के राष्ट्रपति ने मिलाए हाथ

दरअसल 2016 में उरी में सैन्य अड्डे में पाकिस्तानी आंतकवादी संगठन के हमले के बाद से हिंदुस्तान  पाक के संबंधों में तनाव आ गया था इसके बाद इंडियन नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सैन्य न्यायालयद्वारा जासूसी के जुर्म में सज़ा-ए-मौत सुनाए जाने से संबंध  बिगड़ गए हैं हिंदुस्तान ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए 2016 में इस्लाबाद में हो रहे 19 वें सार्क सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था हिंदुस्तान का कहना है कि आतंक  वार्ता एक साथ नहीं चल सकते

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भारत  पाक के इस संगठन का पूर्ण सदस्य बनने के बाद यह पहला मौका है जब इंडियन पीएम इस शिखर सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे हैं इस संगठन में चाइना  रूस का दबदबा है इस संगठन को नाटो के समकक्ष माना जा रहा है एससीओ में अभी आठ सदस्य राष्ट्र हैं जो संसार की करीब 42% आबादी  वैश्विक जीडीपी के 20% का प्रतिनिधित्व करता है

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मोदी के अतिरिक्त इस शिखर सम्मेलन में चाइना के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी  पाक के राष्ट्रपति ममनून हुसैन भी शामिल हुए हैं साल 2001 में स्थापित इस संगठन के हिंदुस्तान के अतिरिक्त रूस, चीन, किर्गीज गणराज्य, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान  पाक सदस्य हैं

वहीं दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी ने रविवार (10 जून) को पड़ोसी राष्ट्रों  शंघाई योगदान संगठन (एससीओ) के तहत आने वाले क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क (कनेक्टिविटी) होने को हिंदुस्तान की प्राथमिकता बताया उन्होंने इस शिखर सम्मेलन के नतीजों पर पूर्ण योगदान देने की हिंदुस्तान की प्रतिबद्धता को भी जाहिर किया

एससीओ शिखर सम्मेलन के सीमित सत्र के दौरान मोदी ने ‘सिक्योर’ की अवधारणा को भी रखा इसमें ‘एस’ से आशय नागरिकों के लिए सुरक्षा, ‘ई’ से आर्थिक विकास, ‘सी’ से एरिया में संपर्क (कनेक्टिविटी), ‘यू’ से एकता, ‘आर’ से संप्रभुता  अखंडता का सम्मान  ‘ई’ से पर्यावरण सुरक्षा है मोदी ने कहा, ‘‘हम एक बार फिर उस पड़ाव पर पहुंच गए है जहां भौतिक  डिजिटल संपर्क भूगोल की परिभाषा बदल रहा है इसलिए हमारे पड़ोसियों एससीओ एरिया में संपर्क हमारी प्राथमिकता है ’’

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