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बड़ा घोटाला: पटियाला हाउस न्यायालय पहुंचे तेजस्वी यादव व राबड़ी देवी

रेलवे टेंडर घोटाले मामले की सुनवाई के लिए बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव  पूर्व CMराबड़ी यादव दिल्ली की पटिया हाउस न्यायालय पहुंच गए हैं. इस मामले मे आरोपी के तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मुखिया लालू यादव का भी नाम है. वह सुनवाई के लिए न्यायालय में पेश नहीं होंगे क्योंकि डॉक्टरों मे उन्हें यात्रा करने से मना किया है.

लालू यादव के न्यायालय में पेश ना होने पर राजद नेता भोला यादव ने कहा, ‘वह रिम्स में भर्ती हैं.डॉक्टरों ने उन्हें यात्रा करने के लिए शारीरिक तौर पर अनुपयुक्त घोषित किया है. कारागारप्राधिकारियों ने न्यायालय को सूचित कर दिया है कि वह सुनवाई के लिए पेश नहीं हो पाएंगे.‘ पटियाला हाउस न्यायालय ने उन्हें समन देकर पेशी के लिए हाजिर होने का आदेश दिया था.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने न्यायालय में राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित अन्य को जमानत दिए जाने का विरोध किया है. उसका कहना है कि नियमित तौर पर जमानत मिलने से जांच प्रभावित हो सकती है.इससे पहले न्यायालय ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी.

बता दें कि वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद यादव ने रेलवे के पुरी  रांची स्थित बीएनआर होटल के रखरखाव आदि के लिए आईआरसीटीसी को स्थानांतरित किया था. CBI के मुताबिक, नियम-कानून को ताक पर रखते हुए रेलवे का यह टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दे दिए गए थे.

आरोप के अनुसार टेंडर दिए जाने के बदले 25 फरवरी, 2005 को कोचर बंधुओं ने पटना के बेली रोड स्थित तीन एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड को बेच दी, जबकि मार्केट में उसकी मूल्य ज्यादा थी. इस जमीन को कृषि जमीन बताकर सर्कल रेट से बहुत ज्यादा कम पर बेच कर स्टांप ड्यूटी में गड़बड़ी की गई. बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी संपत्ति लालू प्रसाद यादव की पारिवारिक कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख रुपए में ही दे दी गई, जबकि उस समय मार्केट में इसकी मूल्य करीब 94 करोड़ रुपए थी.

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