Saturday , October 20 2018
Loading...

मध्य प्रदेश चुनाव: जिसे कांग्रेस पार्टी से टिकट न मिले वह सपा से चुनाव लड़ ले : अखिलेश यादव

छतरपुर: दो दिन के मध्य प्रदेश दौरे पर छतरपुर पहुंचे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बोला कि मध्य प्रदेश में जिसको कांग्रेस पार्टी से टिकट न मिले, उसके लिए समाजवादी पार्टी का दरवाजा खुला है इसके अतिरिक्त महागठबंधन को लेकर अखिलेश यादव ने बड़ा बयान दिया हैअखिलेश यादव ने बोला कि मैने कांग्रेस पार्टी से साझेदारी के लिए नहीं बोला लेकिन कांग्रेस पार्टी की ज़िम्मेदारी है कि वह सही दलों को एक साथ रखे साथ ही अखिलेश ने बोला कि जब-जब कंग्रेस निर्बलहोती है तो उसके सबसे करीब समाजवादी पार्टी ही होती है 

मध्य प्रदेश में चुनावी समर का शंखनाद हो चुका है बीजेपी, कांग्रेस पार्टी तो मैदान में हैं ही, लेकिन इस सियासी रेस कोर्स में घोड़े दौड़ाने के लिए समाजवादी पार्टी  बसपा ने भी अपने-अपने उम्मीदवार उतारने का मन बना लिया है पहले सियासी महाभारत में महागठबंधन का दंभ भारने वाले समाजवादी पार्टी  बसपा जैसे दल कांग्रेस पार्टी के खेमे को सहारा देने को तैयार थे, लेकिन बाद में बसपा ने किनारा किया  फिर समाजवादी पार्टी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ये तक कह दिया कि वे  इंतजार नहीं रह सकते, इसलिए सब्र का बांध टूटा  कुछ प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया, एमपी की महाभारत में रथ दौड़ाने वे ख़ुद मैदान में उतर आए

Loading...

अखिलेश यादव ने बोला कि पार्टी साझेदारी की बात हमने नहीं की पहल कांग्रेस पार्टी को करनी चाहिए थी अब जब सियासी समर में समाजवादी पार्टी ने अपना अलग खेमा बना ही लिया है, तो फिर सेना  योद्धा की तैयारी भी ज़रूरी है, इसलिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उनकी पार्टी से चुनाव लड़ने वाले योद्धाओं का स्वागत किया है स्वागत इस लहजे में कि हर लफ़्ज़ से सियासत की महक बिखरे तैयारी ऐसी कि कांग्रेस पार्टी से टिकट न मिली तो नाराज़गी उतारने के लिए समाजवादी पार्टी से चुनावी समर में उतर आएं

loading...

सियासी समीकरण बनाने-बिगाड़ने में सपा कितनी अहम

अब तक समाजवादी पार्टी के तेवर मध्य प्रदेश की सियासी ज़मीन पर बिल्कुल साफ़ हैं हो सकता है, समाजवादी पार्टी को दूसरे दलों से नाराज़ लोगों का साथ भी मिले लेकिन समाजवादी पार्टी की मध्य प्रदेश में स्थिति क्या कहती है सियासी समीकरण बनाने  बिगाड़ने में समाजवादी दल कितनी अहम किरदार निभाएगा, ये सवाल तीर की तरह चल रहा है लेकिन सवाल का जवाब चुनावी आंकड़ें देते हैं

मध्य प्रदेश के 2013 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 164 प्रत्याशी मैदान में उतारे थे इन 164 प्रत्याशियों में से 161 प्रत्याशियों की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी सपा के सभी प्रत्याशियों को कुल मिलाकर 4 लाख 4 हज़ार 853 वोट ही मिले थे यानि समाजवादी पार्टी को कुल वोट के 1.20 फ़ीसदी वोट ही मिले थे जबकि 2013 में मध्य प्रदेश में बसपा का प्रदर्शन अच्छा रहा था बसपा के 227 प्रत्याशियों में से 4 प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी हालांकि बसपा के 194 प्रत्याशियों की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी बसपा को 227 सीटों पर कुल 21 लाख 28 हज़ार 333 वोट मिले थे यानि प्रदेश में BSP को कुल वोट के 6.29 फ़ीसदी वोट मिले थे

2013 में कांग्रेस पार्टी ने दर्ज की थी 58 सीटों पर जीत
हालांकि कांग्रेस पार्टी का 2013 में वोट का फीसदी बहुत ज़्यादा कम नहीं था कांग्रेस पार्टी ने 58 सीटों पर जीत दर्ज करने के साथ 36.88 फ़ीसदी वोट हासिल किए थे 229 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस पार्टी को 1 करोड़ 23 लाख 15 हज़ार 253 वोट मिले थे यानि समाजवादी पार्टी इस बार मध्य प्रदेश के सियासी महाभारत में उतरकर प्रदेश के दो महान दलों से सीधे मुक़ाबला लेने के मूड में है हालांकि बसपा का साथ पाने की प्रयास होगी, लेकिन पिछले प्रदर्शन के आधार पर दोनों दलों के मिलने से कुछ क्षेत्रों में सियासी ज़मीन तैयार होने की पूरी-पूरी आसार है

Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *