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मप्र का चुनावी परिदृश्य बना जटिल

एल.एस. हरदेनिया

विधानसभा चुनाव की तारीख करीब आ रही है, इसलिए चुनावी परिदृश्य और जटिल हो गया है| एक महीने पहले यह सोचा गया था कि चुनावी लड़ाई भाजपा व कांग्रेस, बीएसपी और एसपी के गठबंधन के बीच लड़ी जाएगी| इस तरह के एकजुट मोर्चे की उम्मीदों को बीएसपी नेता मायावती के छत्तीसगढ़ के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजीत जोगी के साथ हाथ मिलाने के निर्णय ने धराशायी कर दिया| चूंकि जोगी ने कांग्रेस विरोधी मोर्चा बना रखा है, इसलिए मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने की बसपा की संभावना गायब हो गई थी| ऐसा तो हो नहीं सकता कि छत्तीसगढ़ में बसपा कांग्रेस की आलोचना करते चुनाव लड़े और मध्यप्रदेश में उसकी प्रशंसा करे| गौरतलब हो कि दोनों राज्यों के चुनाव एक ही समय और एक ही साथ होने हैं| मायावती ने 22 बसपा उम्मीदवारों की एक सूची भी जारी की है जो मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे| मायावती ने यह भी घोषणा की है कि उनकी पार्टी सभी 230 विधान सभा सीटों से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखती है और बीएसपी के आने वाले विधानसभा चुनावों में मध्यप्रदेश में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा| इस बीच राज्य में तीन नये राजनीतिक दलों का गठन किया गया है| पहला अगड़ी जातियों के लोगों के द्वारा, दूसरा आदिवासी नेताओं द्वारा और तीसरा पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडी (यू) नेता शरद यादव द्वारा| कुछ पार्टियों ने आपस में मोर्चेबंदी भी कर ली है| इसलिए यह भविष्यवाणी करना मुश्किल है कि इन नई पार्टियों से भाजपा को कितना नुकसान होगा और कांग्रेस को कितना नुकसान होगा| सामान्य वर्ग पिछड़ा अल्पसंख्यक कल्याण समिति आरक्षण और एससी-एसटी रोकथाम अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है| इसने अधिनियम के खिलाफ अपने विरोध जाहिर करने के लिए राज्य में कई रैलियों का आयोजन किया| अब इसने खुद को एक राजनीतिक दल में बदलने का फैसला किया है| इस संगठन में ज्यादातर नौकरशाहों और पेशेवरों का समावेशन है| नई राजनीतिक पार्टी सपक्स समाज पार्टी के रूप में जानी जाएगी| पूर्व आईएएस अधिकारी हीरालाल त्रिवेदी इसके अध्यक्ष हैं| सेवानिवृत्त महिला आईएएस अधिकारी वीना घनेकर को उपाध्यक्ष बनाया गया है| नई पार्टी की अध्यक्षता स्वीकार करने के बाद त्रिवेदी ने सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने की पार्टी की योजना की घोषणा की| आरक्षण और एससी-एसटी अत्याचार अधिनियम में संशोधन के विरोध में रैलियों में भारी भीड़ से उत्साहित, सपक्स समाज पार्टी राज्य के दोनों प्रमुख खिलाड़ियों को चुनौती देगी| एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पदाधिकारियों की घोषणा और अपने कार्यालय में पार्टी ध्वज जारी करते हुए त्रिवेदी ने कहा कि सपक्स समाज के सभी सदस्य पार्टी कार्यकर्ता बन सकते हैं बशर्ते उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो| त्रिवेदी ने कहा कि उनकी पार्टी बहुमत प्राप्त करेगी| जब पूछा गया कि वह किस आधार पर इनता बड़ा दावा कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि समाज यही चाहता है और हम राज्य में यात्रा करते समय लोगों की नाड़ी महसूस कर रहे हैं| उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी भी नई थी, लेकिन गठन के तुरंत बाद हुए चुनाव में सफल होकर उसने अपनी सरकार बना ली थी|

आदिवासियों के प्रतिनिधियों द्वारा गठित संगठन से बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए एक और चुनौती आई है| इस संगठन को जय युवा आदिवासी संघ के रूप में जाना जाता है| संगठन ने कुक्षी में एक सम्मेलन आयोजित किया| आश्चर्यजनक रूप से प्रसिद्ध अभिनेता गोविंदा ने सम्मेलन में भाग लिया और आदिवासियों से उनकी ताकत का एहसास करने के लिए कहा| सम्मेलन में धार, रतलाम, झाबुआ, अलीरागपुर, बदवानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बेतुल और देवास के युवा जनजातीय नेताओं ने भाग लिया था| गुजरात और महाराष्ट्र से प्रतिनिधि भी आए| अधिकांश प्रतिभागी जनजातीय युवा थे| संगठन के अध्यक्ष डॉ हीरलाल ने घोषणा की कि वे 80 जनजातीय वर्चस्व वाली सीटों में उम्मीदवार खड़े करेंगे| उनका नारा होगा अगला मुख्यमंत्री आदिवासी होना चाहिए| उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने आदिवासियों के कल्याण की परवाह नहीं की है, इसलिए समय आ गया है जब हमें अपने हितों का ख्याल रखना चाहिए| जब उनके पास शक्ति होगी तो यह संभव होगा|

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शरद यादव ने एक और मोर्चे की घोषणा की है| इस मोर्चे में लोकतंत्रिक जनता दल, एसपी, सीपीआई, सीपीएम, बहुजन संघर्ष दल, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय समता दल और प्रजातंत्रिक समाधान पार्टी शामिल हैं|

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