Wednesday , November 14 2018
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प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजस्थान में एक बार कांग्रेस पार्टी एक बार BJP जैसी परिपाटी इस बार बदलेगी

शशि मोहन/जयपुर: चुनाव जीतने की जुगत में लगी भाजपा इस बार विकास के मुद्दे के साथ मैदान में उतरी है चुनावी समर में कई प्रत्याशियों ने अपना विधानसभा एरिया बदलने की मंशा संगठन के समक्ष जताई है लेकिन भाजपा के विधासनभा चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर ने साफ कर दिया है कि पार्टी इस बार किसी भी नेता को चुनाव में सीट बदलने की इजाज़त नहीं देगी 

बीजेपी चुनाव मैदान में पूरे दमखम के साथ उतर चुकी है इसके साथ ही पार्टी ने चुनाव को लेकर कई तरह के परिवर्तन लाने का मन भी बना लिया है भाजपा के विधानसभा चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर बोला कि पार्टी इस बार प्रदेश में खूब विकास कराया है इसी आधार पर जावड़ेकर का दावा है कि एक बार कांग्रेस पार्टी  एक बार भाजपा की गवर्नमेंट आने की इस परिपाटी को भी पार्टी बदल देगी

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परिपाटी बदलने के साथ ही बीजेपी इस बार चेहरे बदलने की जुगत में भी दिख रही है पार्टी में इस बात की चर्चा ज़ोरों पर है कि चुनाव जीतने के लिए संगठन कई मौजूदा विधायकों के टिकट भी काटने जा रहा है इस दौर में चर्चा कुछ विधायकों के समर्थकों ने अपने नेता की सीट बदलने की भी चला रखी हैतो CM के भी झालरापाटन  राजाखेड़ा यानी दो सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा चल रही है

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चुनाव में सीट बदलने की चर्चाओं में राजेन्द्र राठौड़, मोहनलाल गुप्ता, श्रीचंद कृपलानी, गुलाबचंद कटारिया, यूनुस खान, अशोक परनामी के नाम सामनें आ रहे हैं इन सारी चर्चाओं के बीच प्रकाश जावड़ेकर ने साफ कर दिया है कि सीट बदलने की अनुमति किसी विधायक को नहीं दी जाएगी अगर किसी को बदलना ही है तो नेता की सीट नहीं बल्कि चेहरा ही बदलेगा

उधर परिपाटी बदलने की बीजेपी की कोशिशों के बीच कांग्रेस पार्टी का कहना है कि इस बार भाजपाचाहे कुछ भी कर ले जनता ने तो गवर्नमेंट बदलने का मन बना लिया है पीसीसी उपाध्यक्ष अर्चना शर्मा कहती हैं कि भाजपा इस बार नेताओं को चाहे सीट बदलने की इजाजत भाजपा दे या नहीं लेकिन जनता तो भाजपा के प्रति अपना रुख बदल चुकी है

चाहे चेहरा बदलने से हो या फिर चुनावी रणनीति बदलने से सत्ताधारी पार्टी इस बार हर हाल में परिवर्तन की परिपाटी को बदलना चाहती है इन दावों के बीच रणनीति में परिवर्तन की दुहाई देकर पार्टी कार्यकर्ताओं को चौंका भी सकती है लेकिन सवाल यह है कि सीट नहीं बदलने की अनुमति देने की रणनीति पर पार्टी इतनी मजबूती से टिक पाएगी?

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