Wednesday , November 14 2018
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चिदंबरम ने कहा, नोटबंदी के बाद कालाधन खपाने में जनधन खातों का इस्तेमाल

पूर्व वित्त मंत्री  कांग्रेस पार्टी नेता पी चिदंबरम ने पीएम जनधन योजना को लेकर मोदी गवर्नमेंटपर तीखा हमला कहा है. चिदंबरम का कहना है कि नोटबंदी के दौरान जनधन खातों का प्रयोगकालाधन खपाने में किया गया है. हकीकत भारत-2 तहत इस योजना की सच्चाई एक  जुमला है. 

चिदंबरम ने बोला कि अब साफ हो गया है कि जनधन खातों का प्रयोग नोटबंदी के बाद ब्लैक मनी को खपाने के लिए किया गया. आठ नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 के बीच 42187 करोड़ रुपए जनधन खातों में जमा की गई. पहले वित्त मंत्री ने बोला संदिग्ध खातों में पैसा जमा कराने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करेंगे लेकिन वित्त सचिव ने कुछ समय बाद बोला कि कार्रवाई नहीं की जाएगी, इसमें बहुत अधिक समय लगेगा.अकेले यूनाइटेड में 11, 80,000 जनधन खाते हैं, जिसमें एक लाख से अधिक तथाकथित बचत राशि जमा की गई है.

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कांग्रेस पार्टी नेता ने बोला कि जनधन खातों को गरीबों के लिए खोलने की बात है लेकिन एक महीने में सिर्फ चार बार धन निकाल सकते हैं पांचवीं बार में फीस चुकानी पड़ती है. गरीब  मजदूरों का शोषण किया जा रहा है. बीस फीसदी खाते खोलने में बिचौलियों ने पैसे लिए थे.

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15 अप्रैल 2014 से जनवरी 2015 तक खाता खुलवाने वालों को ज़िंदगी बीमा  एक्सीडेंट बीमा सुविधा तो दी गई लेकिन उसके बाद खाता खुलवाने वालों को सुविधा नहीं मिल रही है. गवर्नमेंट ये भी नहीं बता पा रही कि अब तक कितने खाताधारकों को योजना का फायदा मिला है.

पूर्व वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि मोदी गवर्नमेंट ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (बीएसबीडीए) योजना का नाम बदलकर जनधन योजना रखा. गवर्नमेंट जानबूझकर इस योजना के तहत 2014 से पहले खोले गए 25 करोड़ खातों का जिक्र करना भूल जाती है. आंकड़ों को देखें तो यूपीए गवर्नमेंट में शून्य बैलेंस के कहीं अधिक  खाते खोले गए. वित्त मंत्रालय के अनुसार 6.1 करोड़ जनधन खाते अर्थात पांच में से एक खाता निष्क्रिय है.

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