Wednesday , November 14 2018
Loading...

लकवा ग्रस्त कर सकता है जीका वायरस, स्किन रैशेज है शुरुआती लक्षण, जानें

नई दिल्ली: जीका वायरस ने देश में एक बार फिर दस्तक दे दी है| जयपुर की एक बुजुर्ग महिला की इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है| महिला के जोड़ो में दर्द, आंखें लाल होने, कमजोरी के कारण अस्पताल में भर्ती करवाया गया था| जांच के बाद महिला में जीका वायरस की बात सामने आई| वैज्ञानिक तौर पर इस वायरस को रोकने में सफलता हासिल नहीं की गई है लेकिन सावधानी से इसकी रोकथाम की जा सकती है| इससे पहले भारत में जीका वायरस का पहला मामला मई 2017 में गुजरात में सामने आया था|

क्या है जीका वायरस?

Loading...

जीका वायरस एंडीज इजिप्टी नामक मच्छर से फैलता है| यैलो फीवर,डेंगू और चिकनगुनियां जैसी बीमारियां भी यही मच्छर फैलाता है| यह सबसे ज्यादा नवजात बच्चों, गर्भ में पल रहे शिशु, शारीरिक रूप से कमजोर लोगों को अपना शिकार बनाता है| इस खतरनार वायरस से शारीरिक तौर से विकलांग होने का डर रहता है| शुरू में इसके लक्षण सामान्य लगते हैं लेकिन देखभाल न करने से यह बीमारी गंभीर रूप भी धारण कर सकती है|

loading...

हो सकता है लकवा और दिमागी बीमारी

इस वायरस से माइक्रोसेफेली का खतरा हो सकता है| इससे प्रभावित बच्चे का जन्म अविकसित और छोटे दिमाग के साथ होता है| इसके अलावा इससे ग्यूलेन-बैरे का भी खतरा होता है| यह सिंड्रोम शरीर की तंत्रिका पर हमला कर रोगी को लकवे का शिकार भी बना सकती है|

जीका वायरस के लक्षण

इस वायरस के शिकार व्यक्ति में लक्षण एकदम से नहीं बल्कि धीरे-धीरे महसूस होने शुरू होते हैं|

1| स्किन रैशेज होना

2| स्किन बेजान होना

3| हाथ और पांवों में जलन

4| बुखार और आंखों में जलन

5| जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द

6| हाथ और पांव में सूजन

7| सिर दर्द

जीका वायरस होने पर बुखार होता है जो 102 डिग्री फारेनहाइट कर पहुंच जाता है और 2 से 7 दिनों तक रह सकता है| बुखार के साथ रोगी में ऊपर बताए लक्षण भी दिखाई दें तो नजरअंदाज न करके तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और जीका वायरस का टेस्ट करवाएं|

ऐसे करें बचाव

1| घर के आस-पास मच्छर पनपने न दें|

2| शरीर को कपड़ों से ढककर रखें|

3| सुबह शाम बग-स्प्रे करें या मॉस्किटो लोशन का इस्तेमाल करें|

4| पीड़ित व्यक्ति के साथ सेक्स संबंध बनाने से भी यह वाइरस फैलता है|

5| जिन जगहों पर जीका वायरस फैला हो वहां ट्रैवल करने वाली महिलाएं वापिस लौटने के 8 सप्ताह तक गर्भधारण करने से बचें|

6| खिड़की दरवाजें बंद रखें|

7| उन देशों या राज्यों का सैर न करें यहां ये वायरस फैला हो|

8| कोई यात्रा करने के दौरान 2 हफ्ते तक बुखार रहता है तो जांच करवाने में देरी न करें|

Loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *