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मध्य प्रदेश: शिवराज गवर्नमेंट में करोड़ों का घोटाला

भोपाल: हिंदुस्तान के नियंत्रक  महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में पर घोटाले का आरोप लगा है खुलासा हुआ है कि के कार्यकाल में वित्त विभाग ने बेहिसाब खर्च किया

कैग रिपोर्ट में बताया गया कि पेंच परियोजना में 376 करोड़ की अनियमितता की गई इसके अतिरिक्त वाटर कर में 6270 करोड़ का नुकसान, सार्वजनिक उपक्रमों में 1224 करोड़ का नुकसान, छात्रावास संचालन में 147 करोड़ की अनियमितता हुई है मार्च 2017 को समाप्त हुए वित्तीय साल की कैग रिपोर्ट में बोला गया कि शिवराज गवर्नमेंट के दौरान 2016-17 के वित्तीय सालमें हुई भारी अनियमितताएं हुईं

बिगड़ा रहा फायनेंशल मैनेजमेंट
CAG की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सरकारी विदेश दौरों के खर्च को नहीं दर्शाया गया विदेशी दौरा में 8.96 करोड़ इन्वेस्टमेंट ड्राइव के मद से का खर्च हुआ वहीं, गवर्नमेंट ने बजटीय जांच से 8.96 करोड़ का खर्च बचा लिया

निगम-मंडलों पर कैग की टिप्पणी
इस रिपोर्ट के अनुसार, 2012 से 2017 के दौरान राज्य के निगम-मंडल लगातार घाटे में रहे इसमें गवर्नमेंट को 4 हजार 857 करोड़ का नुकसान हुआ वहीं 2017 में 1 हजार 224 करोड़ का नुकसान हुआ था बताया गया कि निगम-मंडलों पर गवर्नमेंट इनवेस्ट करती रही लेकिन रिटर्न नहीं मिल पाया

CAG की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने करछिपाया कर्मकार कल्याण कर के 1218 करोड़ रुपए एकाउंट में दर्ज नहीं है 2012-13 के बाद से ही अकाउंट तैयार नहीं किए गए

सरकारी विभागों ने 18 हजार करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दिया उपयोगिता प्रमाण लेटर वित्त विभाग को उपलब्ध नहीं कराया सामाजिक  सामान्य एरिया के विभागों ने राशि खर्च नहीं की गईगवर्नमेंट अधिक बजट के दावे करती रही लेकिन विभागों ने  खर्च नहीं किया कुल 54 विभागों में से 35 विभाग सामान्य  सामाजिक एरिया के भीतर हैं

एससी, एसटी, अल्पसंख्यक, नगरीय प्रशासन समेत कई विभाग सीएजी ने 2012-13 से 2017 तक के आंकड़े पेश किए इन आंकड़ों में बताया गया कि 2017 में 2 लाख करोड़ का बजट था जबकि 1 लाख 61 करोड़ खर्च किए गए 2015-16 में एक लाख 66 हजार करोड़ का बजट था जबकि 1 लाख 25 हजार खर्च किए गए

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