Sunday , May 26 2019
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इस मेले में बन जाती है चुटकी में जोड़ी, जानें कैसे?

इंदौर: प्रेमी जोड़ों के म‍िलन के ल‍िए प्रख्यात भगोर‍िया उत्सव 14 मार्च से शुरुआत हो गया है इन मेलों में आने वाले मौज-मस्ती का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देते मेले में झूलों से लेकर आइस्क्रीम गोलगप्पों से लेकर मिठाइयों का मार्केट सजा रहता है इस मेले में आने वाले युवा, युवत‍ियों को पान देते हैं, यद‍ि युवतियां पान खा लेती है तो ये माना जाता है क‍ि युवती ने उस लड़के को पसंद कर ल‍िया है

मजदूरी के लिए बाहर गए ग्रामवासियों की आमद के साथ ही अब अंचल में भी ढोल-मांदल की गूंज के साथ उत्साह उमंग की कुर्राटी सुनाई देने लगी है मजदूरी करके गांव वापस लौटे ग्रामीण अब होली तक यहीं रहेंगे वहीं, इस बार भगोरिया हाट सियासी पार्टियों के लिए चुनाव प्रचार का माध्यम भी बनेंगे बाहर से आए ग्रामीणों को अपने समर्थन में करने के लिए के कांग्रेस-भाजपा दोनों ही पूरी ताकत लगाएंगी गुरुवार को पारा, समोई, सारंगी, हरिनगर  चेनपुरा में भगोरिया मेला प्रारम्भ हो गया है, जहां ग्रामीणों की कुर्राटी  ढोल-मांदल की थाप सुनाई देगी

भगोरिया उत्सव की आरंभ आज 14 मार्च से हो चुकी है इसकी हलचल पिछले एक सप्ताह से देखी जा रही है बुधवार को छतरी चौक से लगाकर मुख्य मार्केट तक के हिस्से में भारी मात्रा में ग्रामीण खरीदारी करते दिखाई दिए आदिवासी संस्कृति के भगोरिया त्यौहार को लेकर भिन्न-भिन्न मत हैंकुछ लोगों के मुताबिक भगोरिया एक त्यौहार है जो होली का ही एक रूप है यह मध्य प्रदेश के मालवा निमाड़ अंचल के आदिवासी क्षेत्रों में धूमधाम से मनाया जाता है होली के 1 सप्ताह पहले लगने वाले हाट-बाजार यहां मेले का रूप ले लेते हैं

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