Saturday , April 20 2019
Loading...
Breaking News

ईवीएम मामले में दखल देना चंद्रबाबू नायडू को पड़ा बड़ा महंगा

विशाखापत्तनम: निर्वाचन आयोग ने तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) को लेटर भेजकर पूछा है कि शनिवार को चुनाव आयुक्त से मिलने आए पार्टी अध्यक्ष एन चन्द्रबाबू के प्रतिनिधिमंडल में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले शख्स को कैसे शामिल किया गया था निर्वाचन आयोग ने अपने लेटर में बोला है कि जब नायडू मिलने के लिए आए तो उनके साथ हरि प्रसाद नामक एक शख्स भी था, जिन्होंने कई दफा ईवीएम के कामकाज के बारे में विभिन्न तकनीकी मसलों को उठाया  दावा किया कि उन्हें इस एरिया में तकनीकी विशेषज्ञता प्राप्त है

पत्र में बताया गया है कि मीटिंग के दौरान निर्णय किया गया कि निर्वाचन आयोग की तकनीकी टीम प्रसाद को इस विषय में विस्तृत जानकारी देगी लेटर में बोला गया है कि बाद में पता चला हरिप्रसाद 2010 में ईवीएम की कथित चोरी के एक आपराधिक मामले में संलिप्त था, जिसमें उसके विरूद्ध एक FIR दर्ज की गई थी तेदेपा के कानूनी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयोग की तरफ से लिखे गए इस लेटर में बोला गया, “यह पूरी तरह से दंग करने वाली बात है कि किस तरह ऐसी पृष्ठभूमि वाले तथाकथित तकनीकी विशेषज्ञ को आंध्र प्रदेश के सियाम  तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिनिमंडल में शामिल कैसे होने दिया गया ”

उल्लेखनीय है कि शनिवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा से मिल कर एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गुरुवार को सूबे में वोटिंग के दौरान बड़ी संख्या में ईवीएम में खराबी पाई गई थी  सुरक्षा के अभाव में हिंसक घटनाएं भी देखी गई थी

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *