Thursday , May 23 2019
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पहले चरण का मतदान

2019 आम चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान गुरुवार को संपन्न हुआ| पहले चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों और चार राज्यों ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, सिक्किम की विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ| पहले चरण में कई दिग्गजों समेत कुल 1279 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे| नितिन गडकरी, हंसराज अहीर, किरन रिजिजू, जनरल वीके सिंह,  सत्यपाल सिंह और महेश शर्मा, इन केन्द्रीय मंत्रियों के साथ-साथ चिराग पासवान, अजित सिंह और उनके बेटे जयंत चैधरी जैसे नेताओं का भविष्य ईवीएम में कैद हो गया|बिहार और उत्तरप्रदेश के चुनाव इस बार अधिक दिलचस्प इसलिए हो गए हैं क्योंकि मुकाबला भाजपा बनाम महागठबंधन का है| बिहार में राजद के साथ कांग्रेस भाजपा-जदयू-लोजपा से मुकाबला कर रही है तो उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा-रालोद मिलकर भाजपा से मुकाबला करने खड़े हुए हैं और कांग्रेस इन दोनों से| इधर मतदान चल रहा था और उधर सोनिया गांधी रायबरेली में नामाांकन दाखिल करने पहुंची, उन्होंने रोड शो भी किया, जिसमें उनके साथ राहुल और प्रियंका थे| राहुल गांधी ने 10 तारीख को अमेठी से अपना नामांकन भरा, तब भी रोड शो कर अपनी ताकत दिखाई| उनके रोड शो में भारी भीड़ उमड़ी थी| आज उनके खिलाफ खड़ी हो रही भाजपा प्रत्याशी और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी इसी तरह रोड शो किया और अपना नामांकन दाखिल किया| उनके रोड शो में भी अच्छी-खासी भीड़ थी| इसलिए रोड शो में उमड़ी भीड़ के आधार पर जीत-हार का अनुमान लगाना कठिन है| हां, इतना जरूर नजर आता है कि उम्मीदवार लोकप्रिय हो, या चर्चित हो तो उसे देखने लोग जुट जाते हैं, लेकिन अपना वोट किसे देना है, इसका मन वे पहले ही बना चुके होते हैं| इसमें उम्मीदवार के चेहरे से ज्यादा लोगों के हितों से जुड़े मुद्दे ही प्रभावी होते हैं|आज जिस तरह नक्सल प्रभावित बस्तर और जमुई जैसे इलाकों में मतदान के लिए लोग निकले, उससे साफ नजर आता है कि इस देश की जनता अपने हितों और अधिकारों से वाकिफ है और उनका इस्तेमाल करना चाहती है| नक्सलप्रभावित क्षेत्रों में मतदान कराना चुनौतीपूर्ण काम है, लेकिन सुरक्षाबलों की मदद से इसे बखूबी अंजाम दिया जा रहा है| बस्तर में दो दिन पहले ही नक्सली हमला हुआ, जिसमें भाजपा विधायक भीमा मंडावी समेत 4 सुरक्षा जवानों की मौत हुई थी| नक्सली लोकतांत्रिक निर्वाचन व्यवस्था का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं और मतदान का बहिष्कार करने के लिए कहते हैं| लेकिन आज बस्तर में लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए बाहर निकले और खास बात यह कि घर में शोक के बावजूद भीमा मंडावी का पूरा परिवार भी मतदान के लिए आया| जनता के इस रूख से अब नक्सलियों को समझने की जरूरत है कि समाज में बदलाव लाने या शोषण के खिलाफ लड़ने के लिए लोकतांत्रिक पद्धति पर चलना ही श्रेयस्कर है| चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ संपन्न हों, इसलिए मतपत्रों की जगह ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है| लेकिन इसकी विश्वसनीयता पर भी बार-बार सवाल उठ रहे हैं| निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि ईवीएम में कोई छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है, लेकिन फिर भी उत्तरप्रदेश में कुछ जगहों से ईवीएम में गड़बड़ी की खबर आई कि बटन किसी भी पार्टी के लिए दबाया हो, वोट भाजपा को जा रहा है| उम्मीद है निर्वाचन अधिकारी अगले चरणों के मतदान में इस तरह की शिकायतों को रोकेंगे| गौतमबुद्ध नगर में केन्द्रीय मंत्री महेश शर्मा भाजपा से उम्मीदवार हैं और यहां से खबर आई कि कुछ मतदान केंद्रों के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों को जो खाने के पैकेट बांटे गए, उन पर नमो लिखा हुआ था| हालांकि नोएडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव कृष्णा ने सफाई दी है कि फूड पैकेट नमो फूड शॉप से खरीदा गया, किसी राजनीतिक दल ने नहीं दिया है| इस स्पष्टीकरण के बाद तो अब इसी बात का इंतजार है कि कहीं से रागा फूड शॉप खुलने की खबर आए या रागा टीवी चैनल भी खुले| उत्तरप्रदेश में ही बसपा महासचिव सतीशचंद्र मिश्रा ने डीजीपी के पास शिकायत दर्ज कराई है कि विभिन्न मतदान केंद्रों से सूचना मिल रही है कि बसपा के मतदाताओं को विशेष रूप से दलितों को यूपी पुलिस द्वारा बल प्रयोग से मतदान केंद्रों तक जाने से रोका जा रहा है| इस पर डीजीपी ने क्या जवाब दिया, इसकी कोई सूचना नहीं है| लेकिन अगर इस शिकायत में सच्चाई है तो यह गंभीर मामला है| इधर दादरी में भीड़ के हाथों मारे गए अखलाक का पूरा परिवार वोट डालने पहुंचा तो वोटर लिस्ट से सबके नाम गायब थे| अधिकारियों का कहना है कि बीते कई महीने से अखलाक के घर में कोई सदस्य नहीं था जिस वजह से वोटर लिस्ट से उनका नाम हटा दिया गया| अब यह पड़ताल का विषय है कि जो लोग रोजगार के सिलसिले में महीनों घर से बाहर रहते हैं, क्या उन सभी मतदाताओं के नाम कट जाते हैं या इससे पहले कोई पूर्व सूचना दी जाती है| बहरहाल, कुछ विसंगितयों और कुछेक हिंसक घटनाओं के बावजूद पहले चरण का मतदान खत्म हो ही गया| आगाज ठीक से हो गया है, अंजाम क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता बनी रहेगी|

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