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ये स्वास्थ्य समस्याएं बर्बाद कर सकती हैं सेक्स जीवन

अक्सर देखा जाता है कि लोग अपनी संभोग जीवन से संतुष्ट नहीं होते हैं. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. हम सभी संभोग से जुड़ी किसी भी समस्या को सबसे बड़ा मानते हैं. संभोग से जुड़ी समस्या पर तुरंत ध्यान नहीं दिया तो आगे चलकर बड़ी कठिनाई खड़ी कर सकती है. आपको ये पता होना चाहिए कि कई स्वास्थ्य बीमारियां भी आपकी संभोग जीवन पर बुरा प्रभाव डालती हैं. ऐसी ही कुछ बीमारियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी संभोग जीवन बर्बाद कर सकती हैं.

1. डायबीटीज- डायबीटीज के होने से हमारे शरीर में की समस्याएं हो जाती हैं. इन्हीं समस्याओं में संभोग न करने की समस्या भी शामिल है  इसके चलते सेक्सुअल जीवन बेकार होने लगती है. पुरुषों में डायबीटीज के कारण डिस्फंक्शन की समस्या सामने आती है.

2. डिप्रेशन- हमारी संभोग जीवन को बर्बाद करने में सबसे बड़ी समस्या डिप्रेशन होती है. अगर बिना मन से संभोग करेंगे तो आप  आपका पार्टनर सेक्सुअल जीवन को एन्जॉय नहीं कर पाएंगे. इसके अतिरिक्त बिना मन संभोग करने से सेक्सुअल डिस्फंक्शन हो जाता है.

3. मोटापा- फैट की चर्बी हमारे शरीर में कई बीमारियों का जनक होता है. इसी तरह फैट की चर्बीहमारी संभोग जीवन को बहुत ज्यादा हद तक प्रभावित करता है. फैट की चर्बी अधिक होने के कारण हम खुद  हमारा पार्टनर संभोग को एन्जॉय नहीं कर पाते हैं.

4. कमर दर्द- कमर दर्द, बैक पेन आज के समय में आम समस्या है. शरीर में होने वाले इन दर्दों के कारण सेक्सुअल जीवन मे दिलचस्पी कम होने लगती है. दर्द के कारण लोग संभोग को अच्छे से एन्जॉय नहीं कर पाते हैं. अगर देखा जाए तो एनीमिया की तरह कमर दर्द, बैक पेन भी प्रत्यक्ष रूप से संभोग जीवन को प्रभावित नहीं करता है.

5. एनीमिया- एनीमिया के कारण भले ही प्रत्यक्ष रूप से संभोग जीवन को प्रभावित नहीं करता है लेकिन एनीमिया के चलते शरीर में होने वाली कमजोरी आपकी संभोग ख़्वाहिश को कम कर देती है.महिला हो या पुरुष एनीमिया के कारण संभोग करने की ख़्वाहिश नहीं होती है. ऐसा देखा जाता है कि पुरुषों में एनीमिया के चलते इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या होने लगती है.

6. वैस्कुलर डिजीज- वैस्कुलर डिजीज के चलते हमारे जननांगो में ब्लड सर्कुलेशन ठीक से नहीं होता है. इसके अतिरिक्त ब्लड प्रेशर आदि कि समस्या होने लगती है. इन बीमारियों के कारण ही ब्लड का फ्लो अच्छा नहीं होता है  उत्तेजना की कमी हो जाती है.

7. मेनॉपॉज- महिलाओं में मेनॉपॉज के कारण उनकी संभोग के प्रति दिलचस्पी कम होने लगती है.बता दें कि मेनॉपॉज के चलते स्त्रियों के शरीर में हॉर्मोंस बदलते हैं, इस कारण स्त्रियों की क्षमता घटने लगती है. इसलिए उनका संभोग करने का मन नहीं होता है.

  • आपने भी pe के बारे में बहुत सुना होगा. तो आखिर क्या है पीई यानी प्रीमच्योर इजैक्युलेशन  इसका हमारी सेक्शुअल जीवन पर कैसा प्रभाव होता है? इंटरकोर्स के दौरान महज 1 मिनट या इससे भी कम समय के अंदर ही इजैक्युलेट कर देने की समस्या को ही प्रीमच्योर इजैक्युलेशन बोला जाता है. इस समस्या में कई बार पेनिट्रेशन से पहले ही इजैक्युलेशन हो जाता है जिससे दोनों पार्टनर संभोग के बाद भी असंतुष्ट ही रह जाते हैं. यह एक कॉमन संभोगप्रॉब्लम  इससे जुड़े कई मिथक भी हैं जिसकी सच आपको पता होनी चाहिए
  • हकीकत: प्रीमच्योर इजैक्युलेशन की समस्या किसी भी वयस्क पुरुष को हो सकती है. उनकी आयु कितनी है इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता. पीई को लेकर 2 हजार पुरुषों पर की गई स्टडी के नतीजे बताते हैं कि प्रीमच्योर इजैक्युलेशन से पीड़ित 72 फीसदी पुरुषों की आयु 40 वर्ष से अधिक थी.
  • हकीकत: प्रीमच्योर इजैक्युलेशन की समस्या जन्म से ही किसी में नहीं होती. परफॉर्मेंस प्रेशर, ऐंजाइटी, स्ट्रेस  कई बार बहुत सी बीमारियों  दवाओं के सेवन से भी प्रीमच्योर इजैक्युलेशन की समस्या हो जाती है. हालांकि कुछ मामलों में यह जेनेटिक भी होने कि सम्भावना है.
  • हकीकत: बहुत सी महिलाएं जिनके पार्टनर को प्रीमच्योर इजैक्युलेशन की समस्या होती है उन्हें अक्सर यह गलतफहमी होती है कि उनके पार्टनर को इंटरकोर्स समाप्त करने की हड़बड़ी थी इसलिए उसने तुरंत इजैक्युलेट कर दिया. जबकी सच यह है कि इस तरह की समस्या में पीड़ित पुरुष की कोई गलती नहीं होती. दरअसल, वह आदमी अपने इजैक्युलेशन पर कंट्रोल ही नहीं रख पाता  इस वजह से उसे कई बार शर्मिंदगी भी महसूस होती है.
  • हकीकत: इस बात में किसी भी तरह की कोई सच्चाई नहीं है. वायग्रा का सेवन करने से प्रीमच्योर इजैक्युलेशन की समस्या में किसी तरह का कोई सुधार नहीं हो सकता. इसके लिए चिकित्सक या संभोग एक्सपर्ट से मिलकर निवारण खोजने की आवश्यकता होती है.
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