Monday , October 22 2018
Loading...
Breaking News

लेख विचार

मी टू यानी बहुत हुए लोकलाज और मर्यादा के चोंचले

शीतला सिंह सिने जगत में, जिसे इस देश में बॉलीवुड कहा जाता है, कास्टिंग काउच न कोई नया शब्द है, न अपरिचित या अचर्चित| लेकिन अब तक की इसकी चर्चाओं में यही माना जाता था कि यह अभिनेत्रियों द्वारा आगे बढ़ने के लिए समझौते करने व दबाव झेलने का नाम ...

Read More »

लालू के बेटों में घमासान

उपेन्द्र प्रसाद जब मीसा भारती ने एक सभा को संबोधित करते हुए यह कहा था कि लड़ाई तो उनके परिवार में भी भाइयों के बीच है और राष्ट्रीय जनता दल का परिवार तो बहुत बड़ा है और उसमें भी आंतरिक लड़ाई स्वाभाविक है, तब यह स्पष्ट हो गया था कि ...

Read More »

भूटान में चुनाव और बदलती सत्ता

राकेश कुमार मीणा साल 2008 में हिमालयी अधिराज्य भूटान ने संविधान अंगीकृत कर इसे लागू किया और संवैधानिक राजतंत्र को अपनाते हुए भूटान में वर्ष 2008 और 2013 में संसद के चुनाव हुए| वहां इस बार तीसरे संसदीय चुनाव हो रहे हैं, जिसका पहला चरण 15 सितंबर को हो चुका ...

Read More »

बिहारियों के योगदान की अनदेखी

आशुतोष चतुर्वेदी महात्मा गांधी जीवन पर्यंत अहिंसा के पुजारी रहे, उनकी धरती गुजरात से तो ऐसी उम्मीद नहीं की जाती है, लेकिन दुर्भाग्य है कि जब हम गांधी की 150वीं जयंती का उत्सव मना रहे हैं, गुजरात में बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा ...

Read More »

चीन के लिए बढ़ती मुश्किलें

डॉ अश्विनी महाजन पिछले लगभग दो दशक में अंतरराष्ट्रीय व्यापार से खासा लाभ उठाकर अपने भारी-भरकम विदेशी मुद्रा भंडार, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और सामरिक प्रगति के चलते चीन में विश्व विजय की महत्वाकांक्षा भी जग गयी| चीन ने जो विदेशी मुद्रा भंडार जमा किया था, अब उसका इस्तेमाल वह रणनीतिक तरीके ...

Read More »

श्रमिकों की गरिमा व बिहार की अस्मिता

मिहिर भोले बिहार छोड़े मुझे पच्चीस वर्ष हो गये| तब से गुजरात में ही रहता हूं| फिर भी विभिन्न कारणों से लगातार बिहार आता-जाता रहता हूं| इस दौरान लोग-बाग अक्सर मुझसे गुजरात के बारे में प्रश्न किया करते हैं और मैं आदतन पूरी सच्चाई और निष्पक्षता से उसकी खूबियों और ...

Read More »

भारत में उम्दा रोजगार की कम संभावनाएं

डॉ. हनुमंत यादव विकसित देशों की रोजगार नीति वहां के रोजगार के इच्छुक युवाओं को गुणवत्ता रोजगार उपलब्ध करवाने पर केन्द्रित होती है| गुणवत्ता रोजगार से आशय उच्च पारिश्रमिक, काम की सुरक्षा तथा सामाजिक सुरक्षा से परिपूर्ण रोजगार से होती है|  विकसित देशों के आर्थिक सहयोग और विकास संगठन के ...

Read More »

सामान्य ट्रेनों को तो निरापद बना नहीं पा रहे, बुलेट ट्रेनें कैसे चलाएंगे

कृष्ण प्रताप सिंह अभी मालदा टाउन से नई दिल्ली जा रही न्यू फरक्का एक्सप्रेस ट्रेन ने रायबरेली जिले के हरचन्दपुर रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतरकर सात यात्रियों की जिन्दगियां छीनकर और तीन दर्जन से ज्यादा घायलों को लम्बे अरसे तक न भूलने वाले दंश देकर अरसे से चली ...

Read More »

मी टू यानी बहुत हुए लोकलाज और मर्यादा के चोंचले

शीतला सिंह सिने जगत में, जिसे इस देश में बॉलीवुड कहा जाता है, कास्टिंग काउच न कोई नया शब्द है, न अपरिचित या अचर्चित| लेकिन अब तक की इसकी चर्चाओं में यही माना जाता था कि यह अभिनेत्रियों द्वारा आगे बढ़ने के लिए समझौते करने व दबाव झेलने का नाम ...

Read More »

लालू के बेटों में घमासान

उपेन्द्र प्रसाद जब मीसा भारती ने एक सभा को संबोधित करते हुए यह कहा था कि लड़ाई तो उनके परिवार में भी भाइयों के बीच है और राष्ट्रीय जनता दल का परिवार तो बहुत बड़ा है और उसमें भी आंतरिक लड़ाई स्वाभाविक है, तब यह स्पष्ट हो गया था कि ...

Read More »