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लेख विचार

भय का राज

हरियाणा में कानून-व्यवस्था की हालत बेहद चिंताजनक हो चुकी है| पिछले दस-ग्यारह दिनों में प्रदेश में सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटनाओं से साफ है कि राज्य में राजकाज का क्या आलम है| अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि दिनदहाड़े कॉलेज छात्रा को अगवा कर लेते हैं और फिर ...

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लाभ हानि

चुनाव आयोग का ताजा फैसला, जाहिर है, आम आदमी पार्टी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए बड़ा झटका है| आयोग ने लाभ के पद का दोषी पाते हुए पार्टी के बीस विधायकों को सदन की सदस्यता के अयोग्य ठहराने की सिफारिश राष्ट्रपति से की है| सत्तर सदस्यीय विधानसभा ...

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‘पत्थरकारिता’में दलाली व चाटुकारिता के बाद अब चोरी का भी तड़का

तनवीर जाफरी निश्चित रूप से दुनिया के अधिकांश देश ऐसे हैं जो न केवल दिन-प्रतिदिन तरक्की कर रहे हैं बल्कि ऐसे देशों का सामाजिक ढांचा भी परिवर्तित होता जा रहा है| दुनिया के अनेक देश रूढ़ीवाद से मुक्ति पाने की कोशिश में हैं| समाज से बुराईयों को अलविदा कहने के ...

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किससे घबरा रहे हैं प्रवीण तोगड़िया

विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डा|प्रवीण तोगड़िया अब तक हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाने के कारण ही चर्चा में आए| कभी वे अल्पसंख्यकों के खिलाफ विवादास्पद बयान देते, कभी कट्टर हिंदुत्व की पैरवी करते| ऐसी दक्षिणपंथी सोच वाले नेताओं, संगठनकर्ताओं के कारण अल्पसंख्यकों को कई बार डर ...

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हितों के टकराव और नैतिकता

वरुण गांधी (सांसद, भाजपा) साल 1990 की बात है| पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के प्रमुख सचिव रहे बीजी देशमुख ने प्रधानमंत्री से पूछा था कि क्या वह सेवानिवृत्ति के बाद एक बड़ी निजी कंपनी में नौकरी कर सकते हैं- उन्होंने दशकों सरकारी नौकरी की थी और चाहते थे कि इजाजत मिल ...

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मित्रता की परिभाषा बना इस्राइल

तरुण विजय (पूर्व सांसद, भाजपा) जिन दिनों भारत की संसद और मीडिया में इस्राइल से संबंध न रखने के नारे बुलंद होते थे, उन दिनों भी इस्राइल ने भारत की बिना शर्त सहायता की| भारत से उपेक्षा तथा हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर विरोध सहा, पर कभी भारत के खिलाफ न ...

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जस्टिस लोया की मौत के मामले के पेंच

शीतला सिंह अनुज और उनके परिवार के दर्द और दुख की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता| इस बात से भी असहमति नहीं जताई जा सकती कि उनके पिता की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और न ही किसी को इसका फायदा उठाने देना चाहिए| लेकिन इस बात ...

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1984 में इंसानी मूल्यों की भी हत्या हुई थी

शेष नारायण सिंह दिल्ली शहर में नवम्बर 1984 में पीड़ित सिखों के साथ वही लोग खड़े थे जिनको आम तौर पर लिबरल  बुद्धिजीवी माना जाता है| यह अलग बात  है बाद में सत्तासीन सभी वर्गों ने उनको सम्मान से नहीं देखा|  कांग्रेस नेताओं ने लिबरल बुद्धिजीवियों को अपना दुश्मन माना| ...

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हज सबसिडी खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला

तारकेश्वर मिश्र अदालत के आदेश के मुताबिक केंद्र सरकार ने हज यात्रा पर मिलने वाली रियायत को खत्म करके ऐतिहासिक कदम उठाया है| वैसे खुद मुस्लिम धार्मिक संस्थाएं भी इस पवित्र यात्रा को अपनी ईमान की कमाई से ही करने में यकीन रखती हैं| लिहाजा मुस्लिम धर्मावलंबियों ने इस फैसले ...

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ऐतिहासिक नायकों की तलाश में दलित

राम पुनियानी महाराष्ट्र के कोरेगांव में एक जनवरी 2018 को उन दलित सिपाहियों, जो सन् 1818 में पेशवा के खिलाफ युद्ध में अंग्रेजों की ओर से लड़ते हुए मारे गए थे, को श्रद्धांजलि देने के लिए इकऋा हुए दलितों के खिलाफ अभूतपूर्व हिंसा हुई| सन् 1927 में अंबेडकर ने कोरेगांव ...

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