Wednesday , August 22 2018
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लेख विचार

हाफिज को आईना दिखा गया पाक चुनाव परिणाम

प्रेम शर्मा पाकिस्तान के चुनाव परिणाम कई मायने में अहम है| पहला तो यह कि आतंक के बलबूते अपना सामा्रज्य खड़ा करने वाले मुम्बई के मास्टर माइंड आतंकी सईद की पार्टी अपना खाता भी नही खोल पाई| हाफिज शुन्य पर क्लीन बोल्ड हो गया| दूसरा यह कि आतंकी हाफिज सईद ...

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आरक्षण पर भारी विकास का मॉडल

हरिमोहन मिश्र रक्षण को लेकर कुछ समय से देश में नये तरह की बेचैनी दिख रही है| एक तरफ उन समुदायों की ओर से आरक्षण की मांग हो रही है, जो पहले इसकी जरूरत महसूस नहीं करते थे| मसलन, महाराष्ट्र में मराठा, हरियाणा और पश्चिम उत्तर प्रदेश के जाट, आंध्र ...

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कप्तान से वजीरे आजम तक

पाकिस्तान के 71 साल के इतिहास में राजनैतिक उठापटक का लंबा दौर रहा है| कई बार सैन्य तानाशाही रही, लोकतांत्रिक सरकारों को तख्तापलट के षड्यंत्र का शिकार बनना पड़ा| राजनैतिक हत्याएं हुईं और दिग्गज नेताओं को नजरबंदी, निर्वासन आदि से गुजरना पड़ा| सेना, आईएसआई और चरमपंथी संगठनों ने हमेशा कोशिश ...

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बरसात की मुश्किल

दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत से लेकर पश्चिम बंगाल तक गुरुवार को हुई भारी बारिश से जनजीवन पर गहरा असर पड़ा| आमतौर पर हर साल इस मौसम की बरसात के बाद दिल्ली सहित समूचे एनसीआर यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में जल-जमाव की वजह से सड़कें लगभग ठहर जाती हैं| जब तक ...

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पिछली सरकारों में केवल अपराध ओैर अराजकाता का किया गया भारी निवेश

मृत्युंजय दीक्षित वर्तमान समय में प्रदेश की राजनीति में विपक्षी दलांे की ओर से महागठबंधन बनने के बाद अब इन दलों के सभी नेता प्रदेश की भाजपा सरकार और केंद्र की मोदी सरकार को पूरी तरह से नाकाम बताने के लिये पूरी तरह से अपनी ताकत और बुद्धि लगा दी ...

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चीन से बढ़ता आयात भारत के लिए खतरा

प्रेम शर्मा भारत में नीति बनाने वालों के लिए चीन से डोकलाम विवाद अकेला सिरदर्द नहीं है| जिस तरह से चीनी वस्तुओं का प्रयोग हिन्दुस्तान में तेजी से बढ़ा और चीन के लिए सबसे बड़ा व्यापारिक केन्द्र भारत बना है| वह एक खतरे का संकेत दे रहा है| समय रहते ...

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यह दाग अच्छा नहीं है

आशुतोष चतुर्वेदी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में दुष्कर्म  मामले में सीबीआइ जांच का उचित फैसला किया है, जिसे सराहा जाना चाहिए| इससे  उनकी मंशा स्पष्ट होती है कि वह इस मामले में कुछ दबाना-छुपाना नहीं  चाहते, जबकि बिहार पुलिस के बयानों से ऐसा लग ...

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पचास साल बाद राग दरबारी

रविभूषण, वरिष्ठ साहित्यकार श्री लाल शुक्ल (31 दिसंबर, 1925- 28 अगस्त, 2011) के उपन्यास राग दरबारी के प्रकाशन (1968) के अर्धशती वर्ष में इस औपन्यासिक कृति पर विस्तार से विचार की पुनरू आवश्यकता है| पचास वर्ष बाद नये सिरे से विचार का आरंभ साहित्येतर लोगों ने किया| दिल्ली विवि के ...

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भाजपा को छकाना सीख गई कांग्रेस?

कृष्ण प्रताप सिंह देश की सत्ता की दौड़ में शामिल दोनों बड़ी पार्टियों, भाजपा और कांगे्रस, ने इधर जैसी तेजी से इलेक्शन मोड में आकर अपने चेहरे-मोहरे दुरुस्त करने शुरू किये हैं और उनकी देखा-देखी बहुमत के तराजू के पलड़े ऊपर-नीचे करने में पासंगों का काम करने वाले क्षत्रपों ने ...

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चालीस लाख घुसपैठिये पर टुच्ची राजनीति

प्रेम शर्मा असम में चालीस लाख से अधिक घुसपैठियें मिलना इस बाॅत का प्रमाण है कि राजनैतिक दलों को देश की नही बल्कि अपनी कुर्सी की चिन्ता है| इन चालीस लाख घुसपैठियों को लेकर हंगामा करने वाले नेताओं ने क्या विश्व के दूसरे देशों को देखा और समझा नही कि ...

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