Saturday , February 16 2019
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लेख विचार

बुलंदशहरः कौन चाहता था खून की नदियां बहाना?

उपेन्द्र प्रसाद उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने भी यह बता दिया है कि बुलंदशहर में गोवंश की हत्या का मामला एक बड़ी सजिश का हिस्सा था और वह कानून-व्यवस्था बिगड़ने का कोई साधारण मामला नहीं था| पुलिस प्रमुख के उस बयान के बाद अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो ...

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द. एशिया में द्वन्द्व के बीच शान्ति की पहल

सुशील कुमार सिंह अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं और अनिवार्यताओं की परिभाशा अलग हो चुकी है इसलिए नीतियों में फेरबदल भी अनिवार्य हो चली है| दुनिया में चाहे उत्तर-उत्तर का संवाद हो या दक्षिण-दक्षिण का या फिर उत्तर-दक्षिण का ही संवाद क्यों न हो सभी देश अपने हिस्से के राजनीतिक ...

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दोस्ती का गलियारा

कुमार प्रशांत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को भी अंदाजा नहीं होगा कि वे जिस करतारपुर गलियारे को बनाने व खोलने की शुरुआत कर रहे हैं, उससे भारतीय राजनीति के गलियारों में ऐसे विस्फोट होने लगेंगे| क्रिकेट की भाषा में कहें तो यह इमरान का वह बाउंसर है जिसे श्डक ...

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कतिल गड्ढें या सरकार?

प्रेम शर्मा ताजातरीन सड़क हादसों में मौत के आकड़े तथा इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार और टिप्पणी ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या इन मौतों के लिए वाकई गड्ढें जिम्मेदार है या फिर हमारी सरकार जिनका यह दायित्व है कि सड़क निर्माण कराने के दौरान ...

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सियासी पिच पर सिद्धू का अटपटा खेल

भवदीप कांग इन विधानसभा चुनावों में नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस पार्टी के लिए स्टार प्रचारक बनकर उभरे| उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए और यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए जनता का मनोरंजन करने में कसर नहीं छोड़ी| लेकिन जहां यह स्वैग का सरदार अपनी चुटीली ...

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कश्मीर में विदेशी का क्या काम

विवेक काटजू नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री शेल माग्ने बोंदेविक ने पिछले दिनों श्रीनगर का दौरा किया| वहां उन्होंने अलगाववादी हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासिन मलिक से मुलाकात की| वह कश्मीर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और कश्मीर चैंबर ऑफ बिजनेस एंड इंडस्ट्री के सदस्यों से भी ...

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नाजुक मसलों पर दिखाएं समझदारी

एनके सिंह गोकशी की अफवाह के चलते हिंदू संगठनों की अराजक भीड़ ने बुलंदशहर में एक पुलिस इंस्पेक्टर की जिस तरह हत्या कर दी, उसने कानून एवं व्यवस्था के समक्ष एक गंभीर सवाल खड़ा करने के साथ ही गाय के नाम पर होने वाली हिंसा को भी नए सिरे से ...

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जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां

उपेन्द्र प्रसाद पोलैंड में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्रसंघ का कान्फ्रेंस पिछले सप्ताह संपन्न हुआ|यह कान्फ्रेंस सफल रहा या विफल इसके बारे में कोई दावे से कुछ भी नहीं कह सकते|आशावादी इसके सफल होने की बात कर रहे हैं तो संशयवादियों को लगता है कि यह विफल रहा है|सफलता और ...

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हनुमानः दलित से जाट, फिर मुसलमान

शीतला सिंह देश की राजनीति में आया वह मोड़ तो कब का पुराना पड़ चुका, जिसके तहत जातियों व सम्प्रदायों को चुनावों से जोड़कर देखा जाता है और तद्नुसार समीकरण बनाये जाते हैं|अब उसमें एक नया मोड़ यह आया है कि देवी-देवताओं को भी अपनी पसंद की जातियों से जोड़ा ...

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तो तिब्बत एक आजाद देश होता

प्रो सतीश कुमार (सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा) पिछले दिनों तिब्बत को लेकर अमेरिका में हवा का रुख फिर से बदलने लगा है| अमेरिका चीन को घेरे में लेने की कोशिश में है| उसका लक्ष्य तिब्बत को मदद पहुंचाने की कम, अपना लक्ष्य पूरा करने का ज्यादा है| साल 1950 के ...

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