Saturday , February 16 2019
Loading...

लेख विचार

संतुलन के साथ खूब दी सौगात

सुषमा रामचंद्रन कार्यवाहक वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा पेश अंतरिम बजट साफ तौर पर आम चुनाव को ध्यान में रखते हुए तैयार किया| इसमें विभिन्न् वर्गों के लिए अनेक लुभावनी घोषणाएं की गई हैं| कह सकते हैं कि इस बजट के जरिए सरकार ने सबको खुश करने का जतन किया ...

Read More »

वेनेजुएला को एक नवउपनिवेश बनाने की अपराधिक साजिश

तुहिन देब दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में राजनैतिक संकट तीव्र हो गया है| देश में निर्वाचित राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को नकारकर विरोधी नेता व स्वघोषित राष्ट्रपति जुआन गुआइदो को अमरीका, नाटो, स्पेन, ब्रिटेन, फ्रांस सहित यूरोपीय संघ के कई देशों ने मान्यता देकर वेनेजुएला को गंभीर स्थिति में ढकेल दिया ...

Read More »

संकट बंगाल में, सियासत देश में

सुशील कुमार सिंह पश्चिम बंगाल में उपजा विवाद किस समस्या का परिचायक है इस पर भिन्न-भिन्न राय देखी जा सकती है|  कोई इसे लोकतंत्र-विरोधी तो कुछ संघीय ढांचे पर हमला बता रहे हैं| गृहमंत्री राजनाथ सिंह इसे संविधान विरूद्ध मान रहे हैं जबकि विपक्षी शरद पंवार संघीय ढांचे पर हमला ...

Read More »

हिंद-प्रशांत की उभरती अवधारणा

राजीव रंजन चतुर्वेदी विदेश नीति एवं रक्षा समुदायों तथा टिप्पणीकारों के बीच चर्चा हेतु हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) की अवधारणा एक अपरिहार्य विषय बन गयी है| अलबत्ता, उनमें से हरेक व्यक्ति इस विचार से जूझते हुए इस पर गौर कर रहा है कि किस तरह यह परिवर्तित विवेचना उस विशाल सामुद्रिक फैलाव ...

Read More »

नीति निर्धारण में जनभागीदारी

मनींद्र नाथ ठाकुर (एसोसिएट प्रोफेसर, जेएनयू) जनतंत्र का नया दौर आनेवाला है| इस नये दौर में सरकारों को नीति-निर्धारण में जनभागीदारी सुनिश्चित करनी होगी| केवल पांच साल में एक बार चुनी हुई सरकार से अब काम नहीं चलनेवाला है| जनतंत्र के लिए एक निश्चित अंतराल पर निष्पक्ष चुनाव, सभी वयस्क ...

Read More »

एक बार फिर गुर्जर आंदोलन

उपेन्द्र प्रसाद राजस्थान के गुर्जर एक बार फिर सड़कों पर हैं| पिछले 15 साल से वे आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे हैं| उनके आंदोलन में करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है और दर्जनों लोग अब तक मारे भी गए हैं| लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान आजतक निकाला ...

Read More »

रेपो रेट कटौती से आर्थिक गतिविधि में तेजी की संभावना

डॉ. हनुमंत यादव भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में आयोजित तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद 7 फरवरी को नीतिगत ब्याज दरों में कटौती का  फैसला किया| ब्याज दरों में कटौती से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आयेगी तथा होम लोन ...

Read More »

कला पर न लगे अनावश्यक प्रतिबंध

जगदीश रत्तनानी (वरिष्ठ पत्रकार) नामचीन अभिनेता, निर्देशक तथा निर्माता अमोल पालेकर एक मृदुभाषी वक्ता हैं, पर वे एक दमदार बात रख सकते हैं| पिछले सप्ताह वे मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में स्वर्गीय कलाकार प्रभाकर बर्वे की एक अरसे के दौरान विकासशील कलाकृतियों की प्रदर्शनी में अतिथि वक्ता ...

Read More »

संकट में पड़ा ‘इस्पाती ढांचा’

पवन के वर्मा (पूर्व प्रशासक एवं लेखक) नौकरशाही के एक अखिल भारतीय स्वरूप के संदर्भ में भारत के ‘इस्पाती ढांचे’ (स्टील फ्रेम) के सृजन का श्रेय सरदार पटेल को दिया जाता है| भारतीय प्रशासनिक सेवा एवं भारतीय पुलिस सेवा समेत अन्य अखिल भारतीय सेवाओं के इस चैखटे से ये उम्मीदें ...

Read More »

भूपेश सरकार से संस्कृति कर्मियों को उम्मीदें

रमेश अनुपम छत्तीसगढ़ राज्य के उदय से लेकर अब तक के अठारह वर्षों पर नजर डालें तो कांग्रेस के मुख्यमंत्री अजीत जोगी के प्रारम्भिक तीन वर्ष और बाद में भाजपा मुख्यमंत्री डॉ|रमन सिंह के पंद्रह वर्ष प्रदेश के साहित्य, संस्कृति और कला के क्षेत्र में विराट शून्य का काल रहा ...

Read More »