Saturday , February 16 2019
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लेख विचार

कुम्भ की सार्थकता बनाम राजनीतिक उपयोग

लोकसभा के चुनावी वर्ष में उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के अर्धकुम्भ को महाकुम्भ के रूप में प्रचारित करने और उसकी व्यवस्था पर भारी खर्च में पुरानी सारी सीमाओं का अतिक्रमण करने के वास्तविक निहितार्थों के वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन के लिए कुम्भ की स्वीकार्यता के साथ जनजीवन पर पड़ने वाले उसके प्रभावों ...

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जलवायु परिवर्तन का कहर

आशुतोष चतुर्वेदी इन दिनों दुनियाभर में सर्दी ने कहर बरपा रखा है| अगर आपने पिछले कुछ दिनों की  दिल्ली और उससे सटे इलाकों की तस्वीरें देखी हों, तो उनमें सड़कें और पार्क ओलों से पटे नजर आ रहे हैं| ऐसा दृश्य इससे पहले हाल-फिलहाल में देखने को नहीं  मिला| जम्मू ...

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संसद में बसवन्ना, मुक्तिबोध, सर्वेश्वर

रविभूषण (वरिष्ठ साहित्यकार) संसद में समय-समय पर नेता, मंत्री, प्रधानमंत्री, कवियों की काव्य-पंक्तियां पढ़ कर तालियां बटोरते रहे हैं| कविता और कवियों से उनका लगाव नहीं होता, पर यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है| वित्त मंत्री अपने बजट-भाषण में कवियों को याद करते रहे हैं| क्या हम इसे ...

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राममंदिर का गणित

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण विश्व हिंदू परिषद की प्राथमिकताओं में शायद सबसे ऊपर है| 2014 में जब मोदी सरकार ने देश संभाला और उसके बाद उत्तरप्रदेश जीतकर भाजपा ने आदित्यनाथ योगी को मुख्यमंत्री के लिए चुना तो विहिप समेत तमाम हिंदूवादी संगठनों की उम्मीदें और बढ़ गईं कि ...

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दो महाशक्तियों की नूराकुश्ती

पुष्पेश पंत (अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार) अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा आईएनएफ (इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज) संधि को तोड़ने की घोषणा ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक अप्रत्याशित संकट पैदा कर दिया है| रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कड़ा रुख अपनाते हुए यह ऐलान करते देर नहीं लगायी कि बदले हालात में ...

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सांप्रदायिक चश्मे से न देखें संस्कृत को

आरके सिन्हा (सदस्य, राज्यसभा) देश का वातावरण इस हद तक विषाक्त हो चुका है कि अब संस्कृत भाषा को भी सांप्रदायिकता के चश्मे से देखा जा रहा है| अब केंद्रीय विद्यालयों में प्रतिदिन सुबह होनेवाली प्रार्थना पर भी निशाना साधा जा रहा है| कहा जा रहा है कि यह संस्कृत ...

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कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना

शेष नारायण सिंह बीजेपी एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी है, केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार है| देश के कई राज्यों में सरकारें भी बीजेपी की ही हैं| 2018  छोड़कर पिछले पांच वर्षों में ज्यादातर चुनाव बीजेपी ही जीतती रही है|  हाल ही में पांच राज्यों में बीजेपी की सरकार नहीं ...

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बिहार में महागठबंधन को मिला ठोस आधार

अरुण श्रीवास्तव बिहार कांग्रेस के लिए अब कठिन राज्य नहीं दिख रहा है| पटना के गांधी मैदान में 29 साल बाद आयोजित कांग्रेस की 3 फरवरी की जन आकांक्षा रैली ने यह स्पष्ट कर दिया कि हाल के महीनों में कांग्रेस को राज्य में काफी जमीन मिली है और वह ...

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पचपन महीने बनाम पचपन साल का प्रहार

पीएम मोदी ने 55 महीने का जो हिसाब दिया है, प्रतिपक्ष उसे क्रास चेक करके उन्हीं विषयों को जनता के बीच क्यों नहीं उठाता? क्या बेरोजगारी, नोटबंदी में लुट-पिट गये लोग, सबको स्वास्थ्य, बेघरों को घर, डबल डिजीट महंगाई, किसानों की बदहाली कोर इश्यू नहीं है? गुरूवार को संसद में ...

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भूटान का चीन के प्रति झुकाव भारत के लिए चिन्ताजनक

भारत और भूटान के मधुर संबंध सदियों पुराने हैं| हाल में ये संबंध और भी प्रगाढ़ हो गये हैं| भारत और भूटान ने 1949 में एक संधि पर हस्ताक्षर किए थे जिसके तहत भूटान वैदेशिक मामलों में और सुरक्षा के मामलों में भारत की सलाह पर चलेगा| उसके बाद सन् ...

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