Wednesday , August 22 2018
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लेख विचार

नायपॉल-वाजपेयी का जाना

आकार पटेल कार्यकारी निदेशक, (एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया) बीते दिनों दो प्रसिद्ध व्यक्तियों की मृत्यु हुई है और उनके बारे में कई बातें भी लिखी गयी हैं| भारत में हमारी यही परंपरा है, और सामान्यतः दुनियाभर में भी, कि मृतक के बारे में अच्छी बातें कही जाएं, लेकिन कोई भी व्यक्ति ...

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सत्तर के स्तर पर रुपये का अर्थ

अजीत रानाडे सीनियर फेलो, (तक्षशिला इंस्टीट्यूशन) अब अमेरिकी डॉलर एवं भारतीय रुपये के बीच विनिमय दर 70 को पार कर गयी, तो अखबारों की सुर्खियों ने ‘रुपये में रिकॉर्ड गिरावट’ का शोर मचा दिया| ऐसी सुर्खियों में प्रायः एक सनसनीखेज नाटकीयता होती है, जो सियासी पार्टियों की लफ्फाजी से प्रेरित ...

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डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमयदर में गिरावट

डॉ. हनुमंत यादव गत सात माह से डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में  निरन्तर गिरावट के कारण 13 अगस्त को रुपए का मूल्य 70 रुपए तक गिर गया था तथा  16 अगस्त तक  70.32 रुपए पर बना रहा| यद्यपि 18 अगस्त को विनिमय दर में गिरावट थमी और ...

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आकाशवाणीः आगे कौन हवाल?

कृष्ण प्रताप सिंह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 26 अगस्त को बहुचर्चित मन की बात का नया एपीसोड प्रसारित करने वाले हैं और उन्हें इस बाबत देशवासियों के सुझावों की दरकार है| क्या आप उन्हें सुझा सकते हैं कि उसमें कुछ पल उसकी प्रसारक आकाशवाणी के उन कार्यक्रम व प्रसारण अधिकारियों ...

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प्रेमचंद की यह छवि-विकृति!

रवि भूषण पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष प्रेमचंद को अधिक याद किया गया है| इस वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईदगाह कहानी के हामिद से प्रेरणा प्राप्त करने की बात कही| उन्हें उज्ज्वला योजना के लिए हामिद ने प्रेरणा दी| राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रेमचंद की वर्षगांठ पर ...

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अभी समय है, चेत जाएं राज्य

शीतला सिंह उत्तर प्रदेश सरकार ने यह स्वीकारने के बाद कि देवरिया के बहुचर्चित बालिका संरक्षण गृह की कई बालिकाओं का यौन शोषण हुआ है, मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश कर दी है| इस सिफारिश पर कोई टिप्पणी करते हुए याद रखना होगा कि आज का माहौल ...

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ये मुल्क किसका है!

राजेंद्र शर्मा आज के जमाने में, जब आए दिन लोगों से देश-प्रेम के सबूत मांगे जाते हैं और पाकिस्तान चले जाने के फरमान सुनाए जाते हैं, अनुभव सिन्हा की फिल्म मुल्क बड़े साहस और संवेदनशीलता के साथ इस खतरनाक प्रवृत्ति को और उसके जरिए परोक्ष रूप से इस प्रवृत्ति को ...

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कब तक जपेंगे क्रिकेट की माला

आशुतोष चतुर्वेदी खेल के क्षेत्र में कई नयी उपलब्धियां सामने आयीं, लेकिन हम भारतीयों की दिक्कत यह है कि हम खेलों में क्रिकेट से आगे कभी सोचना ही नहीं चाहते| यह सही है कि क्रिकेट की उपलब्धियों पर हम गर्व कर सकते हैं और स्पष्ट कर दूं कि मैं क्रिकेट ...

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15 अगस्त ‘‘स्वतंत्रता दिवस’’ पर विशेष लेख

हम लाये हैं तूफान से किश्ती निकाल के, इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के! डाॅ. भारती गाँधी एवं डाॅ. जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक भारत के लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपनी कुर्बानियाँ देकर ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को अपने देश को अंग्रेजों की दासता से ...

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‘‘आजादी’’ का अर्थ स्वतन्त्रता नही! अपितु स्वाधीनता हैं!

लेखक-पंडित हरि ओम शर्मा आजादी का मतलब स्वतन्त्रता नही अपितु स्वाधीनता हैं| इस बात को हमें भावी पीढ़ी को स्पष्ट रुप से समझाना होगा| हम भावी पीढ़ी को यह समझायें कि आज हम किसी के गुलाम नही हैं जिस अंग्रेजी हुकूमत के हम गुलाम थे वह देश छोड़कर चले गये ...

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