Skin Health: त्वचा की इन सामान्य समस्याओं को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं गंभीर बीमारियों के संकेत
Skin Health: चेहरे पर होने वाले छोटे-छोटे दाने, रूखापन या दाग-धब्बों को अक्सर हम सामान्य मानकर अनदेखा कर देते हैं। ज्यादातर लोग ऐसी स्थिति में केवल अपना फेस वॉश या क्रीम बदल लेते हैं, यह सोचकर कि शायद उत्पाद सही नहीं है। हालांकि, डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार हर बार क्रीम बदलना समाधान नहीं होता। बार-बार होने वाली त्वचा की समस्याएं असल में शरीर के भीतर चल रही किसी बड़ी परेशानी या खराब स्किन हेल्थ का इशारा हो सकती हैं। दिल्ली की विशेषज्ञ डॉ. सुधा कपूर का मानना है कि त्वचा हमारे आंतरिक स्वास्थ्य का दर्पण होती है और इन लक्षणों को समय रहते पहचानना त्वचा को स्थाई नुकसान से बचाने के लिए बेहद जरूरी है।

त्वचा में जलन और चुभन का वास्तविक कारण
अक्सर चेहरे पर हल्की जलन या कुछ चुभने जैसा महसूस होने पर लोग इसे सेंसिटिव स्किन मान लेते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि यह वास्तव में स्किन बैरियर के क्षतिग्रस्त होने का लक्षण है। त्वचा की सबसे ऊपरी परत जब कमजोर हो जाती है, तो बाहरी तत्वों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ जाती है। इसका एक मुख्य कारण स्किन केयर उत्पादों में विटामिन सी, रेटिनॉल या एएचए का अत्यधिक उपयोग भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में सक्रिय रसायनों का उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए और कुछ दिनों के लिए सिरामाइड युक्त मॉइश्चराइजर का उपयोग करना चाहिए ताकि त्वचा की प्राकृतिक परत दोबारा ठीक हो सके।
बिना दानों के चेहरे पर आने वाली लालिमा
अगर आपके चेहरे पर बिना किसी पिंपल्स के अचानक लालिमा या रेडनेस दिखने लगी है, तो इसे केवल एलर्जी समझना गलत हो सकता है। यह रोजेशिया नामक त्वचा रोग की शुरुआती अवस्था हो सकती है। इसके अतिरिक्त, अत्यधिक मानसिक तनाव और हार्मोनल बदलाव भी त्वचा को लाल कर सकते हैं। यदि आप बार-बार चेहरे को स्क्रब या एक्सफोलिएट करते हैं, तो यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है। ऐसे में त्वचा को रगड़ने से बचें और विशेषज्ञ से परामर्श लें ताकि स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सके।
अत्यधिक रूखापन या त्वचा का बहुत ज्यादा ऑयली होना
मौसम के बदलाव के साथ त्वचा में हल्का परिवर्तन आना सामान्य है, लेकिन यदि त्वचा अचानक बहुत ज्यादा तैलीय या जरूरत से ज्यादा रूखी होने लगे, तो यह डिहाइड्रेशन या हार्मोनल असंतुलन का संकेत है। बार-बार चेहरा धोने या ओवर क्लीनिंग से भी त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो जाता है, जिससे त्वचा और अधिक तेल बनाने लगती है। इससे बचने के लिए अपनी स्किन टाइप के अनुसार ही फेस वॉश का चुनाव करें और दिन में केवल दो बार ही चेहरा धोएं। त्वचा में नमी बरकरार रखने के लिए सही मॉइश्चराइजर का उपयोग अनिवार्य है।
होंठों का फटना और आंखों के नीचे काले घेरे
होंठों के बार-बार फटने को केवल लिप बाम से ठीक नहीं किया जा सकता क्योंकि यह अक्सर शरीर में विटामिन बी और आयरन की कमी को दर्शाता है। इसी तरह, आंखों के नीचे होने वाले डार्क सर्कल्स केवल नींद की कमी से नहीं होते। ये एलर्जी, बढ़ते स्क्रीन टाइम या शरीर में पोषक तत्वों के अभाव के कारण भी हो सकते हैं। आंखों के आस-पास की त्वचा को बार-बार रगड़ने से बचें और पर्याप्त पानी पिएं। यदि होंठों और आंखों के आस-पास की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह स्वास्थ्य के प्रति सजग होने का समय है।
चेहरे के दाग-धब्बों को न लें हल्के में
यदि चेहरे पर हुए किसी दाने का निशान या दाग दो महीने से अधिक समय तक बना रहता है, तो यह मेलाज्मा या हार्मोनल पिग्मेंटेशन हो सकता है। साधारण क्रीम इन निशानों को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकती। इसके लिए धूप से बचाव और सनस्क्रीन का नियमित प्रयोग सबसे महत्वपूर्ण है। त्वचा की किसी भी समस्या को मामूली समझकर उस पर घरेलू नुस्खे आजमाने के बजाय एक प्रोफेशनल डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प होता है, ताकि सही समय पर सही उपचार मिल सके।



