Ranchi Traffic Police: रांची में सड़कों पर रफ्तार के जुनून और स्टंटबाजी पर अब सीसीटीवी कैमरों से होगी लगाम
Ranchi Traffic Police: झारखंड की राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में बेकाबू रफ्तार और यातायात नियमों की उड़ती धज्जियां अब पुलिस की तीसरी आंख की निगरानी में होंगी। रिंग रोड और राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत शहर को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों, रिंग रोड और नेशनल हाईवे पर अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए रांची ट्रैफिक पुलिस ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) और रिंग रोड अथॉरिटी को औपचारिक पत्र भेजकर सहयोग की मांग की है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि कानून व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

दुर्घटनाओं को रोकने और घायलों की मदद के लिए नई रणनीति
ट्रैफिक पुलिस के उच्चाधिकारियों के मुताबिक, हाईवे और रिंग रोड पर कैमरों की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर कई वाहन चालक रैश ड्राइविंग और गलत दिशा में गाड़ी चलाने जैसी खतरनाक गलतियां करते हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इन लापरवाहियों की वजह से पिछले कुछ समय में हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। सीसीटीवी कैमरे लगने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी दुर्घटना की खबर कंट्रोल रूम को रियल टाइम में मिल जाएगी। वर्तमान में सूचना देरी से मिलने के कारण घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल पाती, लेकिन अब लाइव मॉनिटरिंग के जरिए पुलिस और एम्बुलेंस सेवाओं को तत्काल मौके पर भेजा जा सकेगा।
स्टंटबाजों को रोकने के लिए तैनात होंगे इंटरसेप्टर वाहन
पुलिस उन विशेष स्थानों को चिन्हित कर रही है जहां युवा अक्सर जानलेवा स्टंट करते हैं या रेसिंग करते हैं। इन चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर न केवल कैमरे लगेंगे, बल्कि ट्रैफिक जवानों की विशेष तैनाती भी की जाएगी। इसके अलावा, तेज रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए मूविंग इंटरसेप्टर वाहनों का सहारा लिया जाएगा, जो सड़क पर चलते-फिरते नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि कैमरों की मौजूदगी का मनोवैज्ञानिक असर भी चालकों पर पड़ेगा और वे खुद-ब-खुद यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे, जिससे सड़कें सुरक्षित बन सकेंगी।
अपराधियों की धरपकड़ और संदिग्ध वाहनों पर पैनी नजर
ट्रैफिक सुरक्षा के साथ-साथ यह पहल अपराध नियंत्रण में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है। पुलिस के अनुभव बताते हैं कि शहरी क्षेत्रों में लूट या छिनतई जैसी घटनाओं को अंजाम देने के बाद अपराधी अक्सर भागने के लिए रिंग रोड या हाईवे का ही रास्ता चुनते हैं। सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित होने के बाद अपराधियों की आवाजाही और संदिग्ध वाहनों की पहचान करना बेहद आसान हो जाएगा। इससे भाग रहे अपराधियों को समय रहते नाकाबंदी कर दबोचा जा सकेगा और आपराधिक वारदातों के खुलासे में डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध होंगे।
एजेंसियों से बेहतर तालमेल और सुव्यवस्थित यातायात
ट्रैफिक पुलिस ने एनएचएआई और संबंधित एजेंसियों से आग्रह किया है कि वे प्रमुख जंक्शनों और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Accident Prone Zones) पर हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाने में तकनीकी और वित्तीय सहयोग करें। जैसे ही इन एजेंसियों की ओर से हरी झंडी मिलेगी, इंस्टॉलेशन का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इस तकनीक के आने से भारी वाहनों के आवागमन को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा और शहर के प्रवेश द्वारों पर लगने वाले जाम से भी आम जनता को काफी हद तक राहत मिल सकेगी।



