Bhandara Style Kaddu: भंडारे वाली चटपटी आलू-पूड़ी और खट्टी-मीठी कद्दू की सब्जी बनाने की सीक्रेट रेसिपी
Bhandara Style Kaddu: बड़े-बड़े आलीशान रेस्टोरेंट और महंगे ढाबों का खाना अपनी जगह है, लेकिन जो स्वाद भंडारे के खाने में होता है, उसकी तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। विशेषकर बिना लहसुन और प्याज के तैयार होने वाली हलवाई स्टाइल कद्दू की सब्जी का स्वाद तो जुबां से उतरता ही नहीं। गरमा-गरम पूड़ी के साथ परोसी जाने वाली यह खट्टी-मीठी और तीखी सब्जी घर पर अक्सर वैसी नहीं बन पाती जैसी हम पंडालों में खाते हैं। कई लोग सोचते हैं कि शायद इसमें बहुत ज्यादा मसाले डाले जाते हैं, जबकि असलियत इसके उलट है। आज हम आपको उन खास टिप्स और मसालों के बारे में बताएंगे, जिनका इस्तेमाल करके आप अपनी रसोई में भी वही सौंधी खुशबू और बेमिसाल स्वाद ला सकते हैं।

इन जरूरी सामग्रियों से तैयार करें असली स्वाद
भंडारे जैसी कद्दू की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले सही सामग्री का चुनाव करना जरूरी है। इसके लिए आपको लगभग 800 ग्राम ताजा कद्दू चाहिए। तड़के के लिए सरसों का तेल सबसे उत्तम माना जाता है। मसालों में ‘पंचफोरन’ (जिसमें राई, जीरा, सौंफ, मेथी दाना और कलौंजी बराबर मात्रा में मिले हों) की अहम भूमिका होती है। इसके अलावा एक छोटा चम्मच साबुत धनिया, दो तेज पत्ते, दो सूखी लाल मिर्च, हींग, अदरक-हरी मिर्च का दरदरा पेस्ट, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और साधारण नमक के साथ थोड़ा काला नमक जरूर रखें। मिठास के लिए थोड़ा सा गुड़ का पाउडर और खटास के लिए अमचूर पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही गरम मसाला, कसूरी मेथी और हरा धनिया खुशबू बढ़ाने का काम करेंगे।
पारंपरिक तड़के और भूनने की कला
हलवाई जैसी सब्जी का राज उसके तड़के में छिपा होता है। सबसे पहले कद्दू को धोकर छिलके समेत छोटे टुकड़ों में काट लें, क्योंकि छिलके से सब्जी में बेहतर बनावट आती है। अब एक भारी तले वाली कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें। जब तेल से धुआं निकलने लगे, तब इसमें पंचफोरन, साबुत धनिया, तेज पत्ता, सूखी मिर्च और हींग डालें। इसके तुरंत बाद अदरक और हरी मिर्च का पेस्ट डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। अब कटा हुआ कद्दू डालें और मध्यम आंच पर कम से कम 5 मिनट तक भूनें। भूनने की यह प्रक्रिया कद्दू में एक सोंधापन पैदा करती है, जो भंडारे की सब्जी की पहचान है।
मसालों का सही मिश्रण और पकाने की विधि
जब कद्दू थोड़ा नरम होने लगे, तब इसमें हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक मिलाएं। इसके बाद धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, चिली फ्लेक्स और काला नमक डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। थोड़ा सा गरम पानी (लगभग एक कप) डालें ताकि मसाले जले नहीं और कद्दू अच्छे से गल जाए। इसे ढंककर धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक पकने दें। जब कद्दू पूरी तरह पक जाए और किनारों से तेल छोड़ने लगे, तब इसमें गुड़ का पाउडर और अमचूर पाउडर मिलाएं। गुड़ और अमचूर का यह मेल ही वह मशहूर खट्टा-मीठा स्वाद देता है जिसकी वजह से लोग इस सब्जी के दीवाने होते हैं।
अंतिम टच: खुशबू और सजावट
सब्जी तैयार होने के आखिरी चरण में इसमें थोड़ी सी कसूरी मेथी को हाथों से रगड़कर डालें और ऊपर से थोड़ा सा गरम मसाला छिड़कें। बारीक कटा हुआ हरा धनिया और लंबी कटी हरी मिर्च डालकर गैस बंद कर दें। तैयार है आपकी एकदम हलवाई स्टाइल वाली खट्टी-मीठी कद्दू की सब्जी। इसे आप घर पर बनी गरमा-गरम पूड़ियों के साथ परोसें। यकीन मानिए, इस तरीके से बनाई गई सब्जी का स्वाद चखने के बाद हर कोई आपसे इसकी रेसिपी जरूर पूछेगा।



