RamayanaFilm – नई सिनेमाई रामायण और पुरानी यादों की स्वाभाविक तुलना
RamayanaFilm – भारतीय टेलीविजन और सिनेमा के इतिहास में रामानंद सागर की ‘रामायण’ एक ऐसी कृति रही है, जिसने पीढ़ियों तक दर्शकों की आस्था और स्मृतियों में स्थायी जगह बनाई। दशकों बाद भी यह धारावाहिक केवल एक टीवी शो नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखा जाता है। इसके पात्र, संवाद और प्रस्तुति आज भी लोगों के मन में जीवित हैं। इसी वजह से जब भी रामायण पर आधारित कोई नया प्रोजेक्ट सामने आता है, तो उसकी तुलना उस क्लासिक संस्करण से होना लगभग तय माना जाता है।

अरुण गोविल और नई रामायण से जुड़ी चर्चा
इन दिनों रामायण एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, लेकिन इस बार वजह एक नई फिल्म है। निर्देशक नितेश तिवारी की आने वाली फिल्म ‘रामायण’ में अरुण गोविल की मौजूदगी ने खास ध्यान खींचा है। इस बार वह भगवान राम नहीं, बल्कि राजा दशरथ की भूमिका में दिखाई देंगे। एक समय में जिनकी पहचान राम के रूप में घर-घर बनी, उनका इस महाकाव्य में अलग किरदार निभाना दर्शकों के लिए स्वाभाविक रूप से उत्सुकता का विषय है।
तुलना पर अरुण गोविल की साफ राय
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अरुण गोविल ने इस बात को स्वीकार किया कि जब कोई किरदार लोगों की यादों में गहराई से बस जाता है, तो तुलना होना लाजिमी है। उनके अनुसार, किसी भी नए प्रयास को पुराने मानकों से तौलना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि जब कोई एक स्तर तय हो जाता है, तो उसके बाद आने वाले हर संस्करण को उसी कसौटी पर परखा जाता है, और इसे नकारात्मक रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
‘राम’ का रूप और दर्शकों की अपेक्षाएं
अरुण गोविल का मानना है कि भगवान जैसे किरदार निभाते समय केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और रूप-रंग भी बेहद अहम हो जाता है। उनके शब्दों में, दर्शक जब स्क्रीन पर किसी अभिनेता को देखें, तो उन्हें उसमें देवत्व का आभास होना चाहिए। यही वजह है कि राम जैसे चरित्र के साथ दर्शकों की भावनात्मक अपेक्षाएं कहीं अधिक जुड़ी होती हैं, और हर नया कलाकार अनजाने में ही तुलना के दायरे में आ जाता है।
नई फिल्म की स्टार कास्ट और किरदार
आगामी फिल्म ‘रामायण’ की कास्ट पर नजर डालें तो इसमें कई बड़े नाम शामिल हैं। भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर नजर आएंगे, वहीं रावण की भूमिका में यश दिखाई देंगे। सीता के किरदार के लिए साई पल्लवी को चुना गया है, जबकि हनुमान की भूमिका सनी देओल निभा रहे हैं। लक्ष्मण के रूप में रवि दुबे दर्शकों के सामने होंगे। जैसे ही फिल्म का पहला लुक सामने आया, सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच इसकी तुलना 1987 के टीवी संस्करण से शुरू हो गई।
पुरानी रामायण से नई फिल्म की तुलना क्यों स्वाभाविक है
रामानंद सागर की रामायण केवल मनोरंजन नहीं थी, बल्कि आस्था से जुड़ा अनुभव थी। उस दौर में तकनीक सीमित होने के बावजूद कहानी और भावनाओं की गहराई ने उसे अमर बना दिया। ऐसे में आज जब अत्याधुनिक तकनीक, बड़े बजट और वैश्विक स्तर की प्रस्तुति के साथ नई रामायण आ रही है, तो दर्शक स्वाभाविक रूप से दोनों को एक ही तराजू पर रखकर देख रहे हैं, खासकर भगवान राम के लुक और प्रस्तुति को लेकर।
रिलीज प्लान और दर्शकों की उम्मीदें
इस फिल्म को नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियो और DNEG द्वारा, यश की प्रोडक्शन कंपनी के सहयोग से तैयार किया जा रहा है। फिल्म को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। पहला भाग दिवाली 2026 पर दुनियाभर में IMAX फॉर्मेट में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में दर्शकों तक पहुंचेगा। मेकर्स को उम्मीद है कि यह फिल्म नई पीढ़ी को रामायण से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी, वहीं पुरानी यादों से जुड़े दर्शकों के लिए भी एक नया अनुभव लेकर आएगी।



