MusicComposer – इंडस्ट्री में पहचान बनाने तक अमाल मलिक का लंबा और कठिन सफर
MusicComposer – बॉलीवुड के चर्चित म्यूजिक कंपोजर और बिग बॉस 19 के फाइनलिस्ट अमाल मलिक आज भले ही इंडस्ट्री के स्थापित नामों में गिने जाते हों, लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं रहा। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में अमाल ने अपने शुरुआती संघर्षों को लेकर खुलकर बात की और बताया कि मशहूर म्यूजिकल परिवार से ताल्लुक होने के बावजूद उन्हें वर्षों तक अस्वीकार और संदेह का सामना करना पड़ा।

पहचान के बजाय शक बना सरनेम
अमाल मलिक ने बताया कि इंडस्ट्री में कदम रखते समय उनका सरनेम उनके लिए किसी सहारे की तरह नहीं, बल्कि कई बार बाधा बन गया। उन्होंने कहा कि जब भी वे किसी प्रोजेक्ट में असिस्टेंट के तौर पर काम पाने की कोशिश करते, उनका बैकग्राउंड सामने आते ही लोगों का नजरिया बदल जाता। कई जगहों पर यह मान लिया जाता था कि वे अपने पारिवारिक नाम का फायदा उठाकर म्यूजिक से जुड़ी चीजें बेच सकते हैं या प्रभाव डाल सकते हैं। इस सोच के चलते उन्हें काम से बाहर कर दिया जाता था।
अमाल के मुताबिक, यह अनुभव सिर्फ उनके साथ ही नहीं, बल्कि उनके भाई के साथ भी हुआ। इंडस्ट्री में पहले से बनी धारणाओं के कारण उन्हें बार-बार खुद को साबित करने की चुनौती मिली।
एक दशक तक चला संघर्ष
अपने शुरुआती दौर को याद करते हुए अमाल ने बताया कि 15 से 25 साल की उम्र के बीच का समय उनके जीवन का सबसे कठिन लेकिन सबसे अहम चरण रहा। लगभग दस वर्षों तक उन्होंने लगातार संघर्ष किया। इस दौरान उन्होंने अस्वीकृति, अनिश्चितता और मानसिक दबाव को नजदीक से देखा।
अमाल का मानना है कि ज्यादातर लोग संघर्ष को जीवन के किसी एक हिस्से से जोड़कर देखते हैं, लेकिन उनके लिए यह अनुभव कम उम्र में ही आ गया। यही वजह रही कि आगे चलकर जब सफलता मिली, तो वे उसे संभालने के लिए मानसिक रूप से तैयार थे।
छोटे कामों से मिली बड़ी सीख
अमाल मलिक ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें कभी भी मौके आसानी से नहीं मिले। किशोर उम्र में उन्होंने इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए असिस्टेंट के तौर पर काम किया। इसके अलावा पोस्ट-प्रोडक्शन से जुड़े कामों में हार्ड डिस्क पहुंचाने जैसी जिम्मेदारियां भी निभाईं।
ये छोटे लेकिन जरूरी काम उनके लिए सिर्फ आजीविका का जरिया नहीं थे, बल्कि सीखने का माध्यम भी बने। जमीनी स्तर पर काम करने से उन्हें समय की अहमियत, प्रोफेशनल अनुशासन और विनम्रता का महत्व समझ में आया।
संघर्ष ने गढ़ा व्यक्तित्व
अमाल मानते हैं कि शुरुआती वर्षों की मुश्किलों ने उनके व्यक्तित्व और काम करने के तरीके को गहराई से प्रभावित किया। जब वे बाद में एक म्यूजिक कंपोजर के रूप में पहचान बनाने लगे, तब भी वे खुद को उन दिनों से अलग नहीं मानते थे।
उनके अनुसार, संघर्ष ने उन्हें यह सिखाया कि सफलता स्थायी नहीं होती और मेहनत का विकल्प कभी नहीं हो सकता। यही सोच उन्हें लगातार बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती रही।
आज की पहचान, कल की मेहनत
आज अमाल मलिक का नाम बॉलीवुड के भरोसेमंद म्यूजिक कंपोजर्स में शामिल है। बिग बॉस 19 में उनकी मौजूदगी ने दर्शकों को उनके व्यक्तित्व के उस पहलू से भी रूबरू कराया, जो अक्सर पर्दे के पीछे रह जाता है। शो के दौरान और उसके बाद दिए गए बयानों से यह साफ हुआ कि उनकी सफलता के पीछे सालों की मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास छिपा है।
अमाल का यह सफर उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो किसी प्रसिद्ध पृष्ठभूमि से आने के बावजूद अपनी अलग पहचान बनाने का सपना देखते हैं।



