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Missiles – भारत ने तट के किनारे सफल रैमजेट परीक्षण के साथ अपनी रणनीतिक बढ़त को मजबूत किया

Missiles – भारत अपनी हवाई हमलों की क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मंगलवार को सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SDFR) का सफल परीक्षण किया। इस तकनीक की मदद से देश की लंबी दूरी की मिसाइलें अधिक सटीक और तेज़ हो जाएंगी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह परीक्षण ओडिशा के तटीय क्षेत्र चांदीपुर में स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) में संपन्न हुआ।

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Missiles – भारत ने तट के किनारे सफल रैमजेट

रैमजेट क्या है और कैसे काम करता है

रैमजेट एक विशेष प्रकार का एयर-ब्रीदिंग जेट इंजन है, जो आने वाली हवा को दबाने के लिए मिसाइल की गति का उपयोग करता है। इसका मतलब यह है कि मिसाइल को पारंपरिक जेट इंजन के घूमने वाले पार्ट्स पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट में ईंधन नियंत्रित तरीके से जलता है, जबकि हवा इंजन के अंदर से लगातार गुजरती रहती है। इस तकनीक से मिसाइल को उच्च गति पर लंबे समय तक ऊर्जा मिलती रहती है।


अत्यधिक गति और नियंत्रण के फायदे

रैमजेट से लैस मिसाइलें उड़ान के अंतिम चरण में भी अपनी तेज़ रफ्तार बनाए रख सकती हैं। इसके चलते मिसाइलें अधिक फुर्तीली होती हैं और दुश्मन के हवाई वाहनों के लिए उन्हें टालना मुश्किल हो जाता है। जबकि पारंपरिक रॉकेट मोटर्स में ईंधन जल्दी जल जाता है और मिसाइल केवल अपनी गति के सहारे आगे बढ़ती है।


भारत अब रैमजेट तकनीक वाले चुनिंदा देशों में शामिल

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस सफल परीक्षण ने भारत को उन देशों की सूची में शामिल कर दिया है, जिनके पास लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइल विकसित करने की क्षमता है। इससे देश को रणनीतिक बढ़त मिलती है। इस तकनीक में नोजल-लेस बूस्टर, SFDR मोटर और ईंधन प्रवाह नियंत्रक जैसी सभी प्रणालियों का परीक्षण ग्राउंड बूस्टर मोटर के जरिए किया गया और यह पूरी तरह उम्मीद के अनुरूप रहा।


परीक्षण की निगरानी और वैज्ञानिक सहयोग

इस परीक्षण की निगरानी DRDO की विभिन्न प्रयोगशालाओं के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने की। इसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, अनुसंधान केंद्र इमारत और ITR शामिल हैं। वैज्ञानिकों ने सभी उप-प्रणालियों के प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन किया और इसे पूर्ण रूप से सफल घोषित किया।


भविष्य की संभावनाएं और सामरिक लाभ

इस परीक्षण के साथ ही भारत की मिसाइल तकनीक वैश्विक स्तर पर एक नए मुकाम पर पहुंच गई है। लंबी दूरी की सटीक हवाई हमलों की क्षमता से देश की सुरक्षा और सामरिक रणनीति मजबूत होगी। भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की हवाई मिसाइलों में बढ़े हुए नियंत्रण और तेज़ी के लिए किया जा सकता है।

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