FlyoverProject – ओरमांझी चौक पर प्रस्तावित फ्लाईओवर से बदलेगा रांची-रामगढ़ मार्ग का यातायात स्वरूप
FlyoverProject – रांची-रामगढ़ मार्ग पर स्थित एनएच-20 के ओरमांझी चौक को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांग अब साकार होने जा रही है। केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद यहां प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। इस परियोजना के लागू होने से न केवल यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा, बल्कि रोजाना जाम की समस्या से जूझ रहे हजारों यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति, परियोजना को हरी झंडी
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एनएच-20 के ओरमांझी चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फ्लाईओवर करीब एक किलोमीटर लंबा होगा और इसके निर्माण पर लगभग 47.62 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। स्वीकृति मिलने के साथ ही संबंधित विभागों ने निर्माण प्रक्रिया की औपचारिक तैयारी शुरू कर दी है।
आधुनिक डिजाइन और संरचना पर होगा निर्माण
प्रस्तावित फ्लाईओवर का निर्माण तीन वर्गीय स्पैन संरचना के आधार पर किया जाएगा। इसमें एक 15 मीटर का स्पैन, एक 30 मीटर का स्पैन और फिर एक 15 मीटर का स्पैन शामिल होगा। यह डिजाइन इस क्षेत्र में भारी वाहनों और तेज रफ्तार ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, ताकि यातायात सुचारू और सुरक्षित बना रहे।
स्थानीय आवागमन के लिए सर्विस रोड की व्यवस्था
फ्लाईओवर के दोनों ओर सर्विस रोड बनाने का भी प्रस्ताव शामिल है। इन सर्विस रोड्स के जरिए स्थानीय वाहन, दोपहिया और छोटे वाहनों को मुख्य हाईवे ट्रैफिक से अलग मार्ग मिलेगा। इससे आसपास के इलाकों में आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी और मुख्य मार्ग पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा।
18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, फ्लाईओवर निर्माण के लिए 18 महीने की समय-सीमा तय की गई है। निर्माण कार्य की आधिकारिक तिथि जल्द घोषित की जाएगी, जिसकी संभावना एक महीने के भीतर जताई जा रही है। निर्माण के दौरान हाईवे लाइटिंग की भी समुचित व्यवस्था की जाएगी, जिससे रात के समय भी यातायात सुरक्षित बना रहे।
जाम और दुर्घटनाओं से राहत की उम्मीद
ओरमांझी चौक पर लगने वाला जाम लंबे समय से रांची और रामगढ़ के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी समस्या रहा है। फ्लाईओवर बनने के बाद मुख्य सड़क का ट्रैफिक ऊपर से गुजर सकेगा, जिससे चौराहे पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। भारी वाहन फ्लाईओवर से निकलेंगे, जबकि स्थानीय यातायात सर्विस रोड का उपयोग कर सकेगा। इससे दुर्घटनाओं में कमी आने की भी संभावना जताई जा रही है।
सांसदों की पहल से मिली परियोजना को गति
झारखंड भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू ने इस परियोजना को केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया। आदित्य साहू के अनुसार, पिछले वर्ष जुलाई में उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश और प्रदेश महामंत्री एवं सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा के साथ मिलकर केंद्रीय मंत्री को पत्र सौंपा था। इस पत्र में ओरमांझी चौक पर फ्लाईओवर निर्माण की आवश्यकता को विस्तार से बताया गया था।
लिखित सूचना के साथ मिली मंजूरी
सांसद आदित्य साहू ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए न केवल परियोजना को स्वीकृति दी, बल्कि इसकी लिखित सूचना भी उपलब्ध कराई। इससे क्षेत्र के लोगों में विश्वास बढ़ा है कि अब फ्लाईओवर निर्माण का कार्य जल्द ही धरातल पर उतरेगा। स्थानीय निवासियों और नियमित यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनका सफर पहले से कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित होगा।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई दिशा
फ्लाईओवर के निर्माण से सिर्फ यातायात व्यवस्था ही नहीं सुधरेगी, बल्कि आसपास के इलाकों में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, आवागमन और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।



