Rail Budget – केंद्र ने उत्तराखंड की रेल महत्वाकांक्षाओं को दी ऐतिहासिक गति
Rail Budget – केंद्र सरकार से इस बार उत्तराखंड को रेल क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व वित्तीय समर्थन मिला है। राज्य में रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण हेतु 4,769 करोड़ रुपये का विशेष आवंटन किया गया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 26 गुना अधिक है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 2009 और 2014 के बजट की तुलना में यह बढ़ोतरी अब तक की सबसे बड़ी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य में कुल 1,39,491 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएँ अलग-अलग चरणों में प्रगति पर हैं, जिनसे पर्वतीय क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आने की उम्मीद है।

रेल विस्तार से बदलेगी पहाड़ की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए बजट प्रावधानों से दुर्गम इलाकों तक रेल पहुंच आसान होगी, पर्यटन को गति मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उनके अनुसार, बेहतर रेल संपर्क न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा बल्कि माल ढुलाई लागत भी घटाएगा, जिससे कृषि और बागवानी उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। उन्होंने इसे उत्तराखंड के दीर्घकालिक विकास के लिए रणनीतिक निवेश बताया।
बायोफार्मा और हरित ऊर्जा पर विशेष फोकस
बजट में बायोफार्मा क्षेत्र के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जिसे मुख्यमंत्री ने राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे उत्तराखंड में पाए जाने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों की मांग बढ़ेगी और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, ग्रीन एनर्जी क्षेत्र को भी प्राथमिकता दी गई है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता मजबूत होगी।
सौर स्वरोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
सरकार उत्तराखंड मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है और अगले चरण में इसे और विस्तारित किया जाएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध हो सकेंगी।
सरकारी नौकरियों में तेजी से बढ़ोतरी
राज्य सरकार के हालिया आंकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े चार वर्षों में औसतन हर महीने 518 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवधि में कुल 28,500 से अधिक युवाओं को स्थायी रोजगार दिया गया है। उनका कहना है कि सख्त नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हुई है, जिससे योग्य युवाओं को उचित अवसर मिल रहे हैं। चार जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से रोजगार और कौशल विकास उनकी प्राथमिकता रही है।
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण पर सराहना
अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन पर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। बुधवार को उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स और अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस कदम से अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर दिशा मिलेगी और समुदाय के हित सुरक्षित रहेंगे।
विकास की नई राह पर उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि यह बजट केवल वित्तीय आवंटन नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य की मजबूत नींव है। रेल, स्वास्थ्य, रोजगार, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में समन्वित प्रयासों से राज्य समावेशी और सतत विकास की ओर बढ़ रहा है।



