SuicideCase – रांची में कारोबारी अनुराग सरावगी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी
SuicideCase – रांची के प्रतिष्ठित कारोबारी और जेडी हाई स्ट्रीट से जुड़े अनुराग सरावगी की गुरुवार देर रात मौत की खबर ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया। ब्लेयर अपार्टमेंट की छठी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। अनुराग सरावगी इसी अपार्टमेंट में रहते थे। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

बालकनी में फोन पर बातचीत के दौरान हुआ हादसा
अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले अनुराग सरावगी अपनी बालकनी में खड़े होकर मोबाइल फोन पर किसी से तेज आवाज में बातचीत कर रहे थे। बातचीत के दौरान उनका लहजा असामान्य लग रहा था। इसी बीच अचानक वह बालकनी से नीचे गिर गए। सबसे पहले गिरने की आवाज घर में काम करने वाली दाई ने सुनी, जिसके बाद उसने परिजनों और आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी।
घटना के बाद अपार्टमेंट में जुटी भीड़
घटना की खबर फैलते ही ब्लेयर अपार्टमेंट में रहने वाले लोग और अनुराग सरावगी के परिचित बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। माहौल गमगीन और तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलते ही हिंदपीढ़ी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया।
परिवार की स्थिति और उस दिन का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, अनुराग सरावगी की सास का इलाज चेन्नई में चल रहा है। इसी वजह से उनकी पत्नी और बेटा एक दिन पहले ही चेन्नई रवाना हो चुके थे। हालांकि, उनके वृद्ध और बीमार माता-पिता घर पर मौजूद थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि उस दिन घर के अंदर और बाहर किन लोगों से उनकी बातचीत हुई थी।
सीनियर पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी पारस राणा, कोतवाली डीएसपी प्रकाश और हिंदपीढ़ी थाना प्रभारी रंजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और अपार्टमेंट में मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।
व्यवसायिक पृष्ठभूमि और पहचान
जानकारों के मुताबिक, अनुराग सरावगी रांची के जाने-माने कारोबारी थे। उनकी फर्म ने जेडी हाई स्ट्रीट मॉल, जेडी सिनेमाज और गोवा में जेडी विला जैसी प्रीमियम प्रॉपर्टीज का निर्माण किया था। शहर के व्यापारिक जगत में उनकी पहचान एक सफल और सक्रिय उद्यमी के रूप में थी, जिससे यह घटना और भी चौंकाने वाली मानी जा रही है।
सुसाइड नोट और कारणों को लेकर जांच जारी
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटनास्थल से किसी सुसाइड नोट की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि कहीं मृतक किसी तरह के आर्थिक दबाव, कारोबारी नुकसान, पारिवारिक तनाव या मानसिक परेशानी से तो नहीं जूझ रहे थे। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्थिति साफ हो पाएगी।
जांच पूरी होने तक कोई निष्कर्ष नहीं
फिलहाल पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है। परिजनों और करीबियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि घटना के पीछे की वजहों को समझा जा सके। शहर में इस घटना को लेकर शोक और चर्चा दोनों का माहौल बना हुआ है।



