Kotdwar – दुकानदार के पक्ष में खड़े जिम मालिक ने ठुकराया दो लाख का इनाम
Kotdwar – उत्तराखंड के कोटद्वार में हाल ही में सामने आई एक घटना ने सामाजिक सौहार्द और व्यक्तिगत मूल्यों पर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय जिम संचालक दीपक कुमार, जिन्हें लोग मोहम्मद दीपक के नाम से भी जानते हैं, ने एक मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में खड़े होकर न सिर्फ विवाद के बीच संयम दिखाया, बल्कि बाद में घोषित आर्थिक इनाम को अस्वीकार कर एक अलग ही मिसाल पेश की।

इनाम की घोषणा और दीपक का स्पष्ट रुख
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दीपक के व्यवहार और साहस की सराहना करते हुए अपने वेतन से दो लाख रुपये देने की घोषणा की थी। यह खबर सामने आने के बाद दीपक कुमार ने सार्वजनिक रूप से इस राशि को लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इतनी बड़ी रकम यदि किसी जरूरतमंद, दिव्यांग या आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति तक पहुंचे, तो उसका अधिक सार्थक उपयोग होगा। दीपक ने यह भी स्पष्ट किया कि सम्मान और सराहना उनके लिए पर्याप्त है, आर्थिक लाभ उनका उद्देश्य नहीं।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी
दीपक कुमार के अनुसार, उन्हें इस इनाम की जानकारी सीधे किसी आधिकारिक माध्यम से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए मिली। उन्होंने कहा कि मंत्री की भावना का वे सम्मान करते हैं, लेकिन समाज में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें तत्काल मदद की जरूरत है। दीपक के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी उनके फैसले को व्यापक समर्थन मिला।
राजनीतिक समर्थन पर स्थिति साफ
घटना के बाद कुछ कांग्रेस नेताओं ने दीपक के समर्थन में बयान दिए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें जरूर हैं, लेकिन उनका किसी राजनीतिक दल से कोई औपचारिक जुड़ाव नहीं है। उन्होंने समर्थन के लिए उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्रियों का आभार जताया, साथ ही यह भी कहा कि उनका कदम पूरी तरह व्यक्तिगत विवेक और मानवीय सोच से जुड़ा था।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
यह मामला 28 जनवरी को तब सामने आया, जब कोटद्वार के पटेल मार्ग स्थित ‘बाबा’ नाम की कपड़ों की दुकान के बाहर कुछ संगठन के कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए। वे 70 वर्षीय दुकानदार वकील अहमद और उनके बेटे से दुकान का नाम बदलने का दबाव बना रहे थे। तर्क दिया गया कि दुकान का नाम पास के एक धार्मिक स्थल से जुड़ा है और इसलिए यह नाम उपयुक्त नहीं है।
मौके पर क्या हुआ था
दीपक कुमार ने बाद में बताया कि उस दौरान वहां हल्की धक्का-मुक्की का माहौल बन गया था। इसी बीच किसी ने उनसे उनका नाम पूछा, जिस पर उन्होंने आवेश में अपना नाम बताया। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह प्रतिक्रिया इतनी बड़ी चर्चा का कारण बन जाएगी और मामला स्थानीय सीमा से बाहर तक पहुंच जाएगा।
बाद की घटनाएं और पुलिस कार्रवाई
घटना के कुछ दिनों बाद, 31 जनवरी को, कुछ लोग दीपक के जिम के बाहर जमा हुए और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने उनकी गिरफ्तारी की मांग भी की। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की, वहीं दीपक के खिलाफ भी एक प्राथमिकी दर्ज की गई। प्रशासन ने स्थिति को संतुलित रखने पर जोर दिया।
वीडियो से मिली पहचान और प्रतिक्रियाएं
मुस्लिम दुकानदार के समर्थन में दीपक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद वे अचानक चर्चा का केंद्र बन गए। कई राष्ट्रीय नेताओं ने उनके कदम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता का उदाहरण बताया। हालांकि दीपक ने खुद को किसी भी तरह की नायक छवि से दूर रखने की बात कही।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
घटना के बाद कोटद्वार में पुलिस प्रशासन सतर्क है। दीपक के जिम समेत कुछ संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश से सटे बॉर्डर इलाकों पर वाहनों की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके और शहर में शांति बनी रहे।



