GazaPeaceBoard – अमेरिका में होने जा रही पहली बैठक में तय है पाकिस्तान की भागीदारी…
GazaPeaceBoard – पाकिस्तान को प्रस्तावित ‘गाजा पीस बोर्ड’ के पहले शिखर सम्मेलन में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण मिला है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह बैठक 19 फरवरी को अमेरिका में आयोजित होने जा रही है, जिसमें पाकिस्तान की भागीदारी लगभग तय मानी जा रही है। इस सम्मेलन को गाजा पट्टी में शांति प्रक्रिया से जुड़े प्रयासों के लिहाज से एक अहम कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

गाजा पीस बोर्ड की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
गाजा पीस बोर्ड की घोषणा जनवरी महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। यह पहल इजराइल और हमास के बीच हुए संघर्षविराम समझौते के दूसरे चरण का हिस्सा मानी जा रही है। वॉशिंगटन इस मंच को केवल गाजा तक सीमित न रखकर, पश्चिम एशिया और अन्य अस्थिर क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देने वाली एक नई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के रूप में पेश कर रहा है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि विभिन्न देशों की भागीदारी से यह बोर्ड व्यावहारिक और संतुलित समाधान की दिशा में काम कर सकेगा।
पाकिस्तान ने जनवरी में स्वीकार किया था निमंत्रण
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 21 जनवरी को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की थी कि उसने राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से भेजा गया निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। इस निमंत्रण के तहत प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को गाजा पीस बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस कदम को इस्लामाबाद की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब गाजा में मानवीय हालात वैश्विक चिंता का विषय बने हुए हैं।
राजनयिक प्रयासों का विस्तार
रविवार को प्रकाशित डॉन अखबार की रिपोर्ट में वॉशिंगटन स्थित राजनयिक सूत्रों के हवाले से बताया गया कि पाकिस्तान को यह निमंत्रण उन देशों के साथ संपर्क मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है, जो पहले ही इस बोर्ड से जुड़ चुके हैं। एक वरिष्ठ राजनयिक सूत्र के अनुसार, यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य गाजा पीस बोर्ड की संरचना, कार्यप्रणाली और भविष्य की दिशा को स्पष्ट करना है।
इस्लामाबाद में तैयारियां और रुख
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस्लामाबाद के सूत्रों के हवाले से कहा है कि पाकिस्तान इस पहले शिखर सम्मेलन में भाग लेने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान गाजा में स्थायी शांति और मानवीय राहत से जुड़े प्रयासों का समर्थन करता रहा है और इस मंच के जरिए अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अवसर देख रहा है। हालांकि, बैठक में पाकिस्तान की भूमिका और प्रतिनिधित्व के स्तर को लेकर आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
रूस सहित अन्य देशों को भी मिला प्रस्ताव
गाजा पीस बोर्ड को लेकर अमेरिका ने केवल पाकिस्तान से ही संपर्क नहीं किया है। इससे पहले जनवरी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भी इस पहल में शामिल होने का प्रस्ताव भेजा गया था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने तब पत्रकारों को बताया था कि राष्ट्रपति पुतिन को राजनयिक चैनलों के माध्यम से यह प्रस्ताव मिला है और रूस इस पर मिलने वाले सभी विवरणों का अध्ययन कर रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि आवश्यक स्पष्टता के लिए अमेरिकी पक्ष से बातचीत की जा सकती है।
बहुपक्षीय मंच की ओर बढ़ता कदम
अमेरिका की इस पहल को एक बहुपक्षीय मंच के रूप में आकार देने की कोशिश माना जा रहा है, जिसमें अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण रखने वाले देश भी शामिल हों। जानकारों का मानना है कि यदि यह बोर्ड प्रभावी ढंग से काम करता है, तो गाजा संकट के समाधान में नई दिशा मिल सकती है। हालांकि, इसकी सफलता काफी हद तक सदस्य देशों की सहमति और व्यावहारिक सहयोग पर निर्भर करेगी।
आगे की राह पर नजर
19 फरवरी को होने वाली बैठक से यह स्पष्ट होगा कि गाजा पीस बोर्ड किस तरह के ठोस कदम उठाने की योजना बना रहा है। पाकिस्तान की संभावित भागीदारी को क्षेत्रीय कूटनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब वैश्विक शक्तियां गाजा में लंबे समय से जारी संकट के समाधान के लिए नए विकल्प तलाश रही हैं।



