LoveJihadCase – लखनऊ में संगठित नेटवर्क का खुलासा
LoveJihadCase – उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक गंभीर आपराधिक मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें कुछ युवकों पर पहचान छिपाकर युवतियों को झांसे में लेने और उन पर दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। गोमती नगर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपित युवक नाम और धर्म बदलकर युवतियों से संपर्क करते थे और बाद में उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जाता था। पुलिस इस मामले को संगठित साजिश के रूप में देख रही है और विभिन्न पहलुओं से इसकी जांच कर रही है।

स्पा सेंटर बना गतिविधियों का केंद्र
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर एक स्पा सेंटर इस पूरे प्रकरण का प्रमुख केंद्र था। आरोप है कि यहां बाहर से पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आई युवतियों को नौकरी का लालच दिया जाता था। विशेष रूप से वे लड़कियां निशाने पर थीं जो दूसरे जिलों से लखनऊ आई थीं और शहर में नई थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवतियों से पहले दोस्ती की जाती थी, फिर भरोसा जीतकर उन्हें अलग-अलग बहानों से बुलाया जाता था। एक पीड़िता ने दावा किया है कि उसके साथ धोखे से नशीला पदार्थ दिया गया और फिर उसका शोषण किया गया। इस दावे की जांच मेडिकल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है।
फर्जी नामों से बनाई गई पहचान
एफआईआर में दो मुख्य आरोपियों के नाम सामने आए हैं—कामरू जमाल और कमर हयात। शिकायत के मुताबिक, कामरू जमाल ने खुद को ‘राहुल’ और कमर हयात ने ‘सोनू’ बताकर युवतियों से संपर्क किया। पुलिस का कहना है कि पहचान छिपाने के पीछे कथित उद्देश्य भरोसा हासिल करना था। आरोप है कि युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उन पर मानसिक दबाव बनाया जाता था। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन गतिविधियों में और लोग भी शामिल थे।
परीक्षा की तैयारी के दौरान हुई मुलाकात
शिकायत दर्ज कराने वाली युवती ने बताया कि वह वर्ष 2024 में यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी के लिए अमेठी से लखनऊ आई थी। यहां उसकी मुलाकात एक युवक से हुई जिसने खुद को राहुल बताया। आरोप है कि उसने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उसे अपने कमरे पर बुलाया। वहां उसे पेय पदार्थ पिलाया गया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। पीड़िता का कहना है कि बाद में उसके साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसकी निजी वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली गई और उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। पुलिस ने इस बयान को दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जबरन काम कराने के आरोप
पीड़िता के अनुसार, वीडियो के आधार पर उसे कथित तौर पर स्पा सेंटर में काम करने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या अन्य युवतियों के साथ भी इसी तरह का व्यवहार हुआ। मामले में डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों नामजद आरोपियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है।
बड़े नेटवर्क की आशंका
पुलिस को संदेह है कि यह मामला केवल एक स्थान तक सीमित नहीं हो सकता। शिकायत में दावा किया गया है कि अन्य राज्यों की युवतियां भी इसका शिकार बनी हो सकती हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हिंदू संगठनों के कुछ पदाधिकारी भी थाने पहुंचे और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जांच तेज कर दी है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।



