JujubeBenefits – महाशिवरात्रि पर चढ़ने वाला बेर सेहत के लिए कितना उपयोगी
JujubeBenefits – महाशिवरात्रि का पर्व आस्था और परंपरा का संगम माना जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था, इसलिए देशभर में श्रद्धालु विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर बेलपत्र, दूध, जल और शहद के साथ बेर भी अर्पित किया जाता है। धार्मिक परंपराओं में बेर को भगवान शिव का प्रिय फल माना गया है। हालांकि, इस छोटे से फल का महत्व केवल पूजा तक सीमित नहीं है। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार बेर में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी हो सकते हैं। फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर यह फल पाचन से लेकर प्रतिरक्षा तंत्र तक कई स्तरों पर सहयोग कर सकता है।

वजन नियंत्रण में सहायक
बढ़ते वजन की समस्या आज आम होती जा रही है। ऐसे में लोग तरह-तरह के डाइट प्लान अपनाते हैं, लेकिन संतुलित आहार का महत्व अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। बेर में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखने में सहायक होते हैं। हालांकि केवल बेर खाने से वजन कम नहीं होगा, लेकिन संतुलित भोजन और नियमित व्यायाम के साथ इसे शामिल करना उपयोगी साबित हो सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती
बेर में विटामिन सी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विटामिन सी त्वचा के लिए भी फायदेमंद माना जाता है और घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद कर सकता है। मौसम बदलने के दौरान जब संक्रमण का खतरा बढ़ता है, तब मौसमी फलों का सेवन लाभकारी माना जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाले विटामिन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पाचन तंत्र के लिए उपयोगी
कब्ज और पाचन संबंधी परेशानियां कई लोगों को प्रभावित करती हैं। बेर में मौजूद अघुलनशील फाइबर आंतों की गति को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है। यह मल को नरम करने और उसे बाहर निकालने की प्रक्रिया को सुगम बनाता है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में बेर का सेवन पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मदद कर सकता है। हालांकि यदि किसी को पुरानी या गंभीर समस्या है, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
रक्त शुद्धि में संभावित भूमिका
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार बेर में सैपोनिन और एल्कलॉइड जैसे जैव सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर में जमा अवांछित पदार्थों को बाहर निकालने में सहायक माने जाते हैं। पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी बेर का उल्लेख रक्त शुद्धि के संदर्भ में मिलता है। हालांकि आधुनिक चिकित्सा में रक्त शुद्धि की प्रक्रिया जटिल मानी जाती है, फिर भी संतुलित आहार के हिस्से के रूप में बेर शरीर को पोषण प्रदान करता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य बेहतर रह सकता है।
त्वचा के लिए लाभकारी
त्वचा पर प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए एंटीऑक्सीडेंट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बेर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे त्वचा पर उम्र के असर को धीमा करने में सहयोग मिल सकता है। विटामिन सी कोलेजन निर्माण में भी सहायक माना जाता है, जो त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में योगदान देता है। हालांकि केवल किसी एक फल से चमत्कारिक परिणाम की अपेक्षा नहीं करनी चाहिए, लेकिन संतुलित आहार में बेर शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
संतुलित सेवन की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी फल का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक मात्रा में प्राकृतिक शर्करा भी स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकती है। इसलिए बेहतर है कि मौसमी फलों को विविधता के साथ आहार में शामिल किया जाए। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यदि पोषण का भी ध्यान रखा जाए, तो यह स्वास्थ्य के लिए दोहरा लाभ दे सकता है।



