BiharBoardExam – इंटर परीक्षा 2026 समाप्त, 27 फरवरी से मूल्यांकन
BiharBoardExam – बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते ही अधिकांश छात्र-छात्राओं के चेहरों पर राहत साफ दिखी। कई परीक्षार्थियों ने कहा कि अब उनकी नजरें केवल परिणाम पर टिकी हैं। इस वर्ष राज्यभर के 1762 परीक्षा केंद्रों पर कुल 13 लाख 17 हजार 846 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें 6.75 लाख छात्राएं और 6.42 लाख छात्र शामिल रहे। राजधानी पटना में 84 केंद्र बनाए गए थे, जहां व्यवस्था को लेकर विशेष निगरानी रखी गई।

मूल्यांकन की तिथि तय, मार्च में परिणाम की तैयारी
बोर्ड ने जानकारी दी है कि इंटर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 27 फरवरी से शुरू किया जाएगा। यह प्रक्रिया 10 मार्च तक चलेगी। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि मूल्यांकन कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की तैयारी की गई है ताकि परिणाम जारी करने में किसी तरह की देरी न हो। इसके लिए अलग-अलग जिलों में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं और शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति भी सुनिश्चित कर ली गई है।
अंतिम दिन कदाचार पर सख्ती, 71 परीक्षार्थी निष्कासित
परीक्षा के आखिरी दिन कदाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई की गई। राज्य के 20 जिलों से कुल 71 परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया। इनमें नवादा जिले से सबसे अधिक 27 छात्र शामिल रहे। बोर्ड का कहना है कि निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए उड़नदस्ते सक्रिय रहे और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की गई।
फर्जी परीक्षार्थियों की भी हुई पहचान
दूसरे की जगह परीक्षा देने के मामले भी सामने आए। कुल 14 फर्जी परीक्षार्थियों को पकड़ा गया। शेखपुरा से एक, नालंदा से दो, गया और सहरसा से एक-एक, नवादा से छह, रोहतास और लखीसराय से एक-एक तथा समस्तीपुर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। संबंधित अभ्यर्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अंतिम पाली में भाषा और तकनीकी विषयों की परीक्षा
अंतिम दिन की प्रथम पाली में विज्ञान, वाणिज्य और कला संकाय के विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त विषय समूह के अंतर्गत विभिन्न भाषा विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। दूसरी पाली में विज्ञान, कला और वाणिज्य के छात्रों ने कंप्यूटर साइंस तथा मल्टीमीडिया एंड वेब टेक्नोलॉजी विषय की परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों पर समयबद्ध तरीके से प्रश्नपत्र वितरण और उत्तरपुस्तिका संग्रह की प्रक्रिया पूरी की गई।
17 फरवरी से मैट्रिक परीक्षा, समयपालन अनिवार्य
इंटर परीक्षा के बाद अब बोर्ड की वार्षिक मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होगी, जो 25 फरवरी तक चलेगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी परीक्षार्थियों को निर्धारित समय से एक घंटा पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
जूता-मोजा पहनकर प्रवेश पर रोक बरकरार
बोर्ड ने पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों को दोहराते हुए कहा है कि परीक्षार्थी परीक्षा भवन में जूता और मोजा पहनकर प्रवेश नहीं करेंगे। यह व्यवस्था पहले की तरह लागू रहेगी और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यदि कोई छात्र निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए जूता-मोजा पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बोर्ड का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखना है। परीक्षा समाप्त होने के बाद अब विद्यार्थियों और अभिभावकों की नजरें मूल्यांकन कार्य और आगामी परिणाम पर टिकी हैं।



