KapoorFamily – राज कपूर के रिश्तों से जुड़ा फिल्मी खानदान
KapoorFamily – हिंदी सिनेमा में कपूर परिवार का नाम दशकों से सम्मान के साथ लिया जाता है। पृथ्वीराज कपूर से शुरू हुई यह परंपरा राज कपूर, ऋषि कपूर और अब रणबीर कपूर तक पहुंच चुकी है। लेकिन इस चर्चित परिवार की कहानी केवल उनके सीधे वंशजों तक सीमित नहीं है। राज कपूर के विवाह के बाद उनके ससुराल पक्ष से भी एक ऐसा फिल्मी परिवार जुड़ा, जिसने परदे पर अपनी अलग पहचान बनाई। कम लोग जानते हैं कि ऋषि कपूर के मामा और उनके परिवार का भी हिंदी फिल्म उद्योग से गहरा रिश्ता रहा है।

राज कपूर की शादी और विस्तृत परिवार
साल 1946 में राज कपूर ने कृष्णा मल्होत्रा से विवाह किया था। इस दंपति के पांच बच्चे हुए—रंधीर कपूर, ऋतू नंदा, रीमा जैन, ऋषि कपूर और राजीव कपूर। कपूर खानदान की अगली पीढ़ियों के बारे में अक्सर चर्चा होती रही है, लेकिन कृष्णा राज कपूर के मायके से जुड़े रिश्तेदारों पर कम बात होती है। कृष्णा के भाइयों में से एक प्रेम नाथ थे, जो अपने समय के चर्चित अभिनेता रहे। इस तरह प्रेम नाथ, राज कपूर के साले और ऋषि कपूर के सगे मामा थे।
प्रेम नाथ का फिल्मी सफर
प्रेम नाथ ने श्वेत-श्याम दौर की कई फिल्मों में काम किया और अपनी प्रभावशाली स्क्रीन मौजूदगी से पहचान बनाई। उन्हें कई लोकप्रिय फिल्मों में अलग-अलग किरदारों में देखा गया। निजी जीवन भी उस दौर में चर्चा में रहा, खासकर मधुबाला के साथ उनके संबंधों को लेकर। बाद में फिल्म ‘औरत’ की शूटिंग के दौरान उनकी नजदीकियां अभिनेत्री बीना राय से बढ़ीं और दोनों ने विवाह कर लिया। इस शादी से उनके दो बेटे हुए—प्रेम किशन और कैलाश नाथ, जिन्हें मोंटी के नाम से जाना जाता है।
ऋषि कपूर के ममेरे भाई की पहचान
प्रेम किशन ने भी अभिनय की राह चुनी। सत्तर के दशक के अंत में उन्होंने फिल्म ‘अलीबाबा’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह ‘दुल्हन वही जो पिया मन भाए’ जैसी फिल्मों में नजर आए। हालांकि, अभिनय में उन्हें वैसी सफलता नहीं मिली जैसी उम्मीद थी। कुछ समय बाद उन्होंने कैमरे के सामने से हटकर पर्दे के पीछे काम करना शुरू किया। निर्माता के रूप में उन्होंने ‘ये मोहब्बत है’ और ‘गर्व’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया। टेलीविजन की दुनिया में भी उनका योगदान रहा, जहां लोकप्रिय धारावाहिकों के निर्माण से उन्होंने नई पहचान बनाई।
नई पीढ़ी की सक्रियता
प्रेम किशन की अगली पीढ़ी भी मनोरंजन जगत से जुड़ी हुई है। उनकी बेटी आकांक्षा मल्होत्रा ने फिल्मों में अभिनय किया और एक बड़े बैनर की फिल्म में सहायक भूमिका निभाई। वहीं उनके बेटे सिद्धार्थ पी मल्होत्रा निर्देशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया, जिनमें पारिवारिक विषयों से लेकर सामाजिक मुद्दों पर आधारित कहानियां शामिल हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने युवा कलाकारों के साथ भी काम किया है और आने वाली परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
कपूर परिवार से दूर का रिश्ता
सिद्धार्थ पी मल्होत्रा रिश्ते में रणबीर कपूर के दूर के भाई लगते हैं। इस तरह देखा जाए तो कपूर परिवार का दायरा केवल सीधे वंशजों तक सीमित नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष के जरिए भी हिंदी सिनेमा में उनकी मजबूत उपस्थिति रही है। अलग-अलग पीढ़ियों ने अभिनय, निर्माण और निर्देशन के जरिए अपनी-अपनी भूमिका निभाई है।
हिंदी फिल्म उद्योग में परिवारों की परंपरा पुरानी रही है, और कपूर परिवार इसका प्रमुख उदाहरण है। लेकिन इस विस्तृत रिश्तेदारी में शामिल अन्य नाम भी समय-समय पर सिनेमा को अपनी सेवाएं देते रहे हैं। यही वजह है कि यह परिवार केवल एक खानदान नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों में फैला एक फिल्मी इतिहास बन चुका है।



