T20WorldCup – सुपर 8 की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया पर संकट गहराया
T20WorldCup – टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया को शुरुआत में खिताब के मजबूत दावेदारों में गिना जा रहा था, लेकिन अब टीम का सफर सुपर 8 से पहले ही थमता दिख रहा है। ग्रुप बी की जटिल स्थिति ने ऑस्ट्रेलिया की राह मुश्किल बना दी है। हालात ऐसे हैं कि टीम की किस्मत अब पूरी तरह अन्य मुकाबलों के नतीजों पर निर्भर हो गई है।

ग्रुप बी में उलझा समीकरण
ग्रुप बी से श्रीलंका ने अपने तीनों मैच जीतकर सुपर 8 में जगह पक्की कर ली है। दूसरी ओर ओमान लगातार तीन हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो चुका है। अब बची एकमात्र सीट के लिए जिम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड के बीच कड़ा मुकाबला है।
ऑस्ट्रेलिया के खाते में अभी सीमित अंक हैं और उसके पास केवल एक मैच शेष है। इसके बावजूद टीम की स्थिति मजबूत नहीं कही जा सकती, क्योंकि बाकी दो टीमों के पास अपने समीकरण सुधारने का अवसर मौजूद है।
जिम्बाब्वे के हाथ में सबसे बड़ा मौका
आज होने वाले जिम्बाब्वे बनाम आयरलैंड मुकाबले ने पूरे ग्रुप का गणित बदल दिया है। यदि जिम्बाब्वे यह मैच जीत लेता है, तो ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड दोनों की उम्मीदें लगभग समाप्त हो जाएंगी। उस स्थिति में जिम्बाब्वे सीधे सुपर 8 में पहुंच जाएगा और ऑस्ट्रेलिया का अंतिम मैच औपचारिकता भर रह जाएगा।
दूसरी ओर, अगर आयरलैंड जीत दर्ज करता है तो दोनों टीमों के चार-चार अंक हो सकते हैं। तब मामला नेट रन रेट पर आकर टिकेगा। ऐसे परिदृश्य में ऑस्ट्रेलिया चौथे स्थान पर खिसक सकती है और उसे अपने अंतिम मुकाबले में बड़ी जीत की जरूरत पड़ेगी।
नेट रन रेट बनेगा निर्णायक
यदि आयरलैंड जिम्बाब्वे को बड़े अंतर से हराने में सफल रहता है, तो उसका नेट रन रेट बेहतर हो सकता है। लेकिन तब भी उसे उम्मीद करनी होगी कि जिम्बाब्वे श्रीलंका के खिलाफ बुरी तरह हार जाए और ऑस्ट्रेलिया ओमान को बड़े अंतर से न हरा सके।
यह स्थिति ऑस्ट्रेलिया के लिए चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि टीम को अपने प्रदर्शन से अधिक दूसरे मैचों के परिणामों का इंतजार करना पड़ेगा। किसी भी टूर्नामेंट में ऐसी स्थिति आमतौर पर मजबूत टीमों के लिए असहज मानी जाती है।
श्रीलंका के खिलाफ जिम्बाब्वे की चुनौती
जिम्बाब्वे के पास एक और अवसर 19 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ है। यदि वह इस मुकाबले में जीत दर्ज कर लेता है, तो ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड दोनों ही समीकरण से बाहर हो जाएंगे। श्रीलंका पहले ही क्वालीफाई कर चुका है, लेकिन वह ग्रुप में शीर्ष स्थान बनाए रखने के इरादे से मैदान में उतरेगा।
ऐसे में जिम्बाब्वे का प्रदर्शन निर्णायक साबित हो सकता है। टीम ने अब तक संतुलित खेल दिखाया है और उसके खिलाड़ी दबाव की स्थिति में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया की आखिरी उम्मीद
ऑस्ट्रेलिया का अंतिम मुकाबला 20 फरवरी को ओमान के खिलाफ है। कागजों पर यह मुकाबला अपेक्षाकृत आसान माना जा सकता है, लेकिन मौजूदा समीकरणों में टीम को सिर्फ जीत से काम नहीं चलेगा। उसे बड़ी जीत दर्ज करनी पड़ सकती है ताकि नेट रन रेट में सुधार हो सके।
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया की स्थिति ऐसी है कि वह केवल अपने मैच पर ध्यान दे सकती है और बाकी परिणामों के लिए इंतजार करना होगा। टूर्नामेंट के इस मोड़ पर यह कहना गलत नहीं होगा कि ग्रुप बी में रोमांच अपने चरम पर है और सुपर 8 की अंतिम टिकट का फैसला बेहद नाटकीय अंदाज में हो सकता है।



