T20WorldCup – स्कॉटलैंड पर जीत के साथ नेपाल ने खत्म किया अभियान
T20WorldCup – नेपाल ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने आखिरी लीग मुकाबले में स्कॉटलैंड को सात विकेट से हराकर टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया। यह जीत कई मायनों में खास रही, क्योंकि पिछले 12 वर्षों में टी20 वर्ल्ड कप के मंच पर नेपाल की यह पहली सफलता है। इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ टीम बेहद करीबी मुकाबले में चार रन से हार गई थी, लेकिन उसी मैच ने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरा, जिसका असर स्कॉटलैंड के खिलाफ साफ दिखाई दिया।

12 साल बाद मिली विश्व कप में जीत
नेपाल की टीम लंबे समय से वैश्विक मंच पर बड़ी जीत का इंतजार कर रही थी। स्कॉटलैंड के खिलाफ प्रदर्शन ने इस इंतजार को खत्म किया। गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में संयम दिखाते हुए विपक्षी टीम को बड़े स्कोर से रोका और लक्ष्य का पीछा करते हुए बल्लेबाजों ने स्थिति को संभाल लिया। इस जीत ने खिलाड़ियों के साथ-साथ समर्थकों को भी उत्साहित किया, जो लगातार टीम के साथ खड़े रहे।
कप्तान रोहित पौडेल की प्रतिक्रिया
मैच के बाद कप्तान रोहित पौडेल ने इस जीत को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह उनका कप्तान के रूप में दूसरा विश्व कप था और लीग चरण में पहली जीत दर्ज करना टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार, यह जीत सिर्फ व्यक्तिगत संतोष नहीं बल्कि पूरी टीम के मनोबल के लिए जरूरी थी। उन्होंने खास तौर पर दीपेंद्र ऐरी की पारी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने जिम्मेदारी भरा खेल दिखाया और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
डेथ ओवरों में बदली मैच की दिशा
रोहित ने बताया कि स्कॉटलैंड ने पावरप्ले में तेज शुरुआत की थी, जिससे चुनौती बढ़ गई थी। हालांकि मध्य ओवरों में रन गति को नियंत्रित करने की रणनीति अपनाई गई। कप्तान के मुताबिक, टीम ने विकेट लेने की बजाय डॉट गेंदों पर फोकस किया, ताकि रन प्रवाह थमे। अंतिम पांच से छह ओवरों में गेंदबाजों ने सटीक लाइन-लेंथ के साथ बाउंड्री रोकने पर ध्यान दिया, जिसका नतीजा यह रहा कि विपक्षी टीम को 170 के आसपास रोका जा सका।
लक्ष्य का पीछा करते समय संयम
लक्ष्य का पीछा करते हुए एक समय टीम थोड़ा दबाव में नजर आई, लेकिन अनुभवी खिलाड़ियों ने स्थिति संभाली। रोहित ने कहा कि जब दीपेंद्र और गुलशन क्रीज पर टिक गए, तब ड्रेसिंग रूम में भरोसा था कि वे मैच समाप्त कर देंगे। दीपेंद्र की पारी को उन्होंने मैच का टर्निंग पॉइंट बताया और कहा कि वह मैन ऑफ द मैच के हकदार थे। कप्तान के अनुसार, टीम को पता था कि शांत रहना ही सफलता की कुंजी है।
इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले से मिली सीख
रोहित ने स्वीकार किया कि इंग्लैंड के खिलाफ करीबी हार ने टीम को दबाव की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव दिया। उनका मानना है कि ऐसे मैच खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम ओवरों में बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों दबाव में होते हैं, ऐसे में संयम ही फर्क पैदा करता है। इंग्लैंड के खिलाफ सीखे गए सबक का उपयोग स्कॉटलैंड के खिलाफ किया गया।
प्रशंसकों का समर्थन बना ताकत
कप्तान ने समर्थकों का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ मैच देखने के बाद भी प्रशंसक बड़ी संख्या में टीम का हौसला बढ़ाने पहुंचे। विदेश में खेलते हुए भी दर्शकों का साथ मिलना खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक रहा। उनके मुताबिक, यह जीत उन सभी समर्थकों को समर्पित है, जिन्होंने आखिरी मुकाबले तक भरोसा बनाए रखा।
मिश्रित लेकिन सीख से भरा अभियान
टूर्नामेंट के समग्र प्रदर्शन पर बात करते हुए रोहित ने कहा कि कुछ मुकाबलों में टीम उम्मीद के अनुरूप नहीं खेल पाई, खासकर इटली और वेस्ट इंडीज के खिलाफ। हालांकि इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के खिलाफ प्रदर्शन ने टीम की क्षमता दिखाई। सुपर 8 में जगह बनाना लक्ष्य था, जो पूरा नहीं हो सका, लेकिन यह अभियान भविष्य के लिए महत्वपूर्ण अनुभव लेकर आया है।
नेपाल ने भले ही अगले चरण में जगह नहीं बनाई, लेकिन अंतिम मैच में मिली जीत ने यह संकेत दिया कि टीम में संभावनाएं हैं और वह आने वाले टूर्नामेंट में और बेहतर प्रदर्शन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।



