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Local Body Polls 2025: 11,168 वार्डों में लाइन में आए मतदाता, शशि थरूर के इलाके में रोमांचक हुआ मुकाबला

Local Body Polls 2025: केरल में लोकल बॉडी इलेक्शन्स के पहले चरण का मतदान आज (मंगलवार) पूरे ज़ोरों पर शुरू हो गया है। राज्य के सात ज़िलों के 11,000 से ज़्यादा वार्डों में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। यह चुनाव केरल के ग्रामीण और शहरी प्रशासन की दिशा तय करेगा और राजनीतिक दलों के लिए ज़मीनी समर्थन का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण बैरोमीटर है। मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चलेगी, जिससे मतदाताओं को अपने लोकतांत्रिक कर्तव्य को निभाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इस चरण के सफल समापन के बाद, दूसरे चरण का मतदान 11 दिसंबर को होगा, जिसके बाद सभी परिणाम 13 दिसंबर को जारी किए जाएंगे।

Local Body Polls 2025
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पहले चरण में सात ज़िलों में वोटिंग: केरल के प्रमुख क्षेत्र शामिल

केरल में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण में राज्य के सात महत्वपूर्ण ज़िलों में वोटिंग हो रही है। इनमें Thiruvananthapuram, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम शामिल हैं। ये ज़िले केरल के तटीय, मध्य और पहाड़ी क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो इस चरण को भौगोलिक रूप से व्यापक बनाते हैं। इन ज़िलों में 36,000 से अधिक उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जो विभिन्न ग्राम पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों, ज़िला पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के लिए अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। इतने बड़े पैमाने पर उम्मीदवारों की भागीदारी केरल की जीवंत स्थानीय लोकतंत्र की कहानी कहती है।

11,168 वार्डों में फैसला: ग्रामीण से लेकर शहरी निकायों तक मतदान

पहले चरण के मतदान में कुल 11,168 वार्डों में वोट डाले जा रहे हैं। इन वार्डों में 941 ग्राम पंचायतें (स्थानीय स्वशासन की सबसे निचली इकाई), 152 ब्लॉक पंचायतें, 14 ज़िला पंचायतें (उच्चतम ग्रामीण निकाय), 86 नगर पालिकाएँ (छोटे शहरी निकाय) और 6 नगर निगम (बड़े शहरी निकाय) शामिल हैं। यह व्यापक कवरेज दर्शाता है कि कैसे ये चुनाव राज्य के प्रशासन की हर परत को प्रभावित करते हैं। केरल चुनाव आयोग ने पहले ही 25 अक्टूबर को मतदाता सूची जारी कर दी थी, जिसके अनुसार पहले चरण में 2.84 लाख से ज़्यादा मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है।

मुख्य मुकाबला: LDF, UDF और भाजपा के बीच त्रिकोणीय संघर्ष

केरल में राजनीतिक मुकाबला पारंपरिक रूप से वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) और कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के बीच Political Rivalry का रहा है। 2020 के पिछले स्थानीय निकाय चुनावों में, LDF ने अधिकांश सीटों पर जीत हासिल की थी, जिससे उनकी ज़मीनी पकड़ मज़बूत हुई थी। हालाँकि, इस बार कई निर्वाचन क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की बढ़ती उपस्थिति ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। भाजपा, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में, एक गंभीर चुनौती पेश कर रही है, जिससे पारंपरिक गठबंधनों के लिए अपनी सीटों को बचाना मुश्किल हो गया है। यह त्रिकोणीय संघर्ष निश्चित रूप से परिणामों को अप्रत्याशित बना सकता है।

 शशि थरूर का गढ़ निशाने पर: तिरुवनंतपुरम पर सबकी नज़र

पहले चरण के स्थानीय निकाय चुनाव में सभी राजनीतिक विश्लेषकों और दलों की नज़रें Tharoor’s Constituency यानी तिरुवनंतपुरम सीट पर टिकी हुई हैं। यह सीट कांग्रेस सांसद शशि थरूर का संसदीय क्षेत्र और गढ़ माना जाता है। इस महत्वपूर्ण सीट पर जीत हासिल करने के लिए LDF, कांग्रेस (UDF) और बीजेपी ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है। तिरुवनंतपुरम में निगम और अन्य स्थानीय निकायों पर नियंत्रण हासिल करना हर पार्टी के लिए एक प्रतिष्ठा का विषय है, क्योंकि यह राज्य की राजधानी है और अक्सर राजनीतिक शक्ति का प्रतीक माना जाता है। यहाँ का परिणाम न केवल स्थानीय निकायों के भविष्य को तय करेगा, बल्कि राज्य की राजनीतिक हवा का भी संकेत देगा।

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