स्वास्थ्य

Aluminium Cause Cancer: सावधान! फॉयल में गरमागरम रोटी लपेटना कैंसर को दे रहा है न्योता, जानें डिटेल में…

Aluminium Cause Cancer: आजकल खराब जीवनशैली और असंतुलित खाने की आदतों की वजह से कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोग घर में इस्तेमाल होने वाली हर चीज़ को लेकर सतर्क हो गए हैं, खासकर वह सामान जो रोजाना खाना बनाने में काम आता है। अक्सर यह सवाल उठता है कि एल्युमीनियम के बर्तन या एल्युमीनियम फॉइल का इस्तेमाल कैंसर का खतरा बढ़ाता है या नहीं। कई लोग इसे कैंसर का कारण तक मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञ क्या कहते हैं — यह जानना ज़रूरी है।

Aluminium Cause Cancer
Aluminium Cause Cancer

रायपुर के जाने-माने कैंसर स्पेशलिस्ट और कैंसर सर्जन डॉक्टर जयेश शर्मा ने हाल ही में एक वीडियो साझा कर इस मिथक पर विस्तार से बात की। उन्होंने साफ कहा कि एल्युमीनियम का उपयोग कैंसर का कारण नहीं बनता। आइए, विस्तार से समझते हैं।


क्या एल्युमीनियम कैंसरकारी है?

एल्युमीनियम धरती पर सबसे अधिक पाया जाने वाला हल्का धातु है। यह अन्य धातुओं की तुलना में कम रिएक्टिव होता है और खाने के साथ भी सामान्य रूप से कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं करता। इसी कारण भोजन में इसकी मात्रा बेहद कम ही पहुंचती है।

यदि थोड़ी मात्रा शरीर में चली भी जाए तो किडनी उसे बाहर निकाल देती है। यह शरीर में जमा होने वाली भारी धातु की श्रेणी में नहीं आता। इसलिए केवल एल्युमीनियम के संपर्क में आने या बर्तनों के उपयोग से कैंसर होने का खतरा नहीं है।


एल्युमीनियम शरीर के लिए कितना जोखिमपूर्ण?

डॉक्टर जयेश का कहना है कि एल्युमीनियम (Aluminium Cause Cancer) से टॉक्सिसिटी की संभावना बिल्कुल खत्म नहीं होती, लेकिन इसे कैंसर उत्पन्न करने वाली धातुओं की सूची में शामिल नहीं किया गया है।
एक सामान्य भारतीय लगभग 60 से 80 मिलीग्राम एल्युमीनियम का सेवन दिनभर के भोजन से कर लेता है, लेकिन यह मात्रा नुकसानदायक नहीं है। सामान्य खाना खाने से इतनी मात्रा भी शरीर में पहुँचना मुश्किल है।


किन स्थितियों में एल्युमीनियम के उपयोग से बचना चाहिए?

सामान्य उपयोग सुरक्षित है, लेकिन कुछ स्थितियों में सावधानी बरतना जरूरी है—

  • तेज आंच पर एल्युमीनियम के बर्तनों में खाना नहीं पकाना चाहिए।

  • बहुत खट्टे या अम्लीय खाद्य पदार्थ जैसे टमाटर, इमली या सिरका आदि एल्युमीनियम में पकाना उचित नहीं है।

  • अचार या अन्य अम्लीय वस्तुएं एल्युमीनियम के बर्तनों में लंबे समय तक बिल्कुल न रखें।

इन सावधानियों से एल्युमीनियम के कण भोजन में मिलकर ज्यादा मात्रा में शरीर में जाने की संभावना कम हो जाती है।


असली खतरा किससे है?

विशेषज्ञों के अनुसार, लोगों को एल्युमीनियम की बजाय अपनी खाने की आदतों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
तुलना करते हुए डॉक्टर ने कहा कि यह ऐसा है जैसे सिगरेट पीने के बजाय उसकी पैकिंग से होने वाले नुकसान की चिंता की जाए।
यानी असली खतरा एल्युमीनियम नहीं, बल्कि अस्वास्थ्यकर भोजन, फास्ट फूड और गलत जीवनशैली है, जो कैंसर का जोखिम बढ़ाती हैं।


निष्कर्ष

एल्युमीनियम से बने बर्तन या फॉइल का सीमित और सही तरीके से उपयोग सुरक्षित माना जाता है। इन्हें लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। बस तेज आंच, अम्लीय भोजन और लंबे समय तक स्टोरेज से बचें। स्वास्थ्य की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण है संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और स्वस्थ आदतें।

 

 

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