Healthy Winter Foods Myths: स्वाद के चक्कर में कहीं आप भी तो नहीं खा रहे सेहत के दुश्मन, जानें सावधानियाँ…
Healthy Winter Foods Myths: ठंड का मौसम शुरू होते ही हमारी रसोई का नजारा बदलने लगता है। शरीर के तापमान को संतुलित रखने की प्राकृतिक जरूरत हमें उच्च कैलोरी वाले भोजन की ओर खींचती है। दादी-नानी के जमाने से चली आ रही परंपराओं के अनुसार गोंद के लड्डू, मेवे की पंजीरी और गाजर का हलवा हर घर की शान बन जाते हैं। हालांकि, इन व्यंजनों का स्वाद (Calorie Intake) को इतनी तेजी से बढ़ा देता है कि हमें पता भी नहीं चलता। पुणे की मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट अमिता गदरे ने आगाह किया है कि कुछ खाद्य पदार्थ जिन्हें हम ‘हेल्दी’ समझकर खाते हैं, वे वास्तव में हमारे वजन और स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकते हैं।

आंवला कैंडी: विटामिन सी के नाम पर चीनी का जाल
आंवला निस्संदेह विटामिन सी का सबसे बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत है और यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को फौलादी बना सकता है। लेकिन अमिता गदरे का मानना है कि बाजार में मिलने वाली (Processed Foods) आंवला कैंडी स्वास्थ्य के लिए उतनी फायदेमंद नहीं है जितनी दिखाई देती है। इसे बनाने की प्रक्रिया में भारी मात्रा में चीनी का उपयोग किया जाता है, जो आंवले के गुणों को कम कर देता है। सर्दियों में जब ताजा आंवला बाजार में सस्ता और सुलभ है, तो कैंडी के बजाय उसकी चटनी, कांजी या ताजे शॉट्स लेना कहीं अधिक समझदारी भरा फैसला है।
च्यवनप्राश की चमक: क्या यह वाकई बच्चों के लिए सही है?
पीढ़ियों से च्यवनप्राश को सर्दियों का सुरक्षा कवच माना जाता रहा है, लेकिन इसकी सच्चाई थोड़ी अलग हो सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट अमिता के अनुसार, च्यवनप्राश के एक बड़े हिस्से में चीनी मौजूद होती है, जो (Antioxidant Benefits) की तुलना में शरीर को अधिक नुकसान पहुंचा सकती है। कई शोधों में च्यवनप्राश के भीतर भारी धातुओं की मौजूदगी की बात भी सामने आई है। वे सलाह देती हैं कि बच्चों या बड़ों को कृत्रिम सप्लीमेंट्स देने के बजाय ताजी सब्जियों का सूप पिलाना कहीं ज्यादा फायदेमंद है, जिससे प्राकृतिक पोषक तत्व सीधे शरीर को मिलते हैं।
मेवे के लड्डू: पोषण और मोटापे की महीन रेखा
मेवे के लड्डू पोषण से भरपूर होते हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन इनकी सबसे बड़ी समस्या इनकी सघनता है। अमिता बताती हैं कि महज एक मध्यम आकार के लड्डू में लगभग 200 कैलोरी हो सकती है। यदि आप (Weight Loss) की प्रक्रिया में हैं या अपनी कमर की बढ़ती चर्बी को लेकर चिंतित हैं, तो इन लड्डुओं से परहेज करना ही बेहतर है। विकल्प के तौर पर आप एक मुट्ठी सादे नट्स और सूखे मेवे खा सकते हैं, जिससे आपको बिना अतिरिक्त फैट और चीनी के जरूरी पोषण मिल जाएगा।
घी का मोह: स्वाद और आलस का खतरनाक संगम
सर्दियों के दिनों में पराठों और साग के साथ घी का सेवन एक सुखद अनुभव देता है, लेकिन इसकी मात्रा पर लगाम जरूरी है। अमिता गदरे के अनुसार, सर्दियों में हमारी शारीरिक सक्रियता कम हो जाती है और हम अधिक आलसी महसूस करते हैं। ऐसी स्थिति में अत्यधिक (Healthy Fats) का सेवन शरीर में जमा होने लगता है क्योंकि हम उतनी कैलोरी जला नहीं पाते। हालांकि सीमित मात्रा में घी का सेवन हड्डियों और त्वचा के लिए अच्छा है, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा खाना हृदय स्वास्थ्य और वजन के लिए खतरा बन सकता है।
पैकेज्ड सूप: सुविधा के पीछे छिपा सोडियम का संकट
ठंड की शाम में गरमागरम सूप पीना हर किसी को पसंद है, और समय बचाने के लिए लोग अक्सर इंस्टेंट सूप के पैकेट का सहारा लेते हैं। न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि इन (Packaged Soup) विकल्पों में सोडियम यानी नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो उच्च रक्तचाप का कारण बन सकती है। इनमें प्रिजर्वेटिव्स और कृत्रिम स्वाद होते हैं जो सूप की पौष्टिकता को शून्य कर देते हैं। बेहतर होगा कि आप घर पर मौसमी सब्जियों का इस्तेमाल कर फ्रेश सूप बनाएं, जो आपको असली गर्माहट और विटामिन प्रदान करेगा।
विंटर डाइट में समझदारी: पारंपरिक खान-पान का नया नजरिया
सर्दियों का मतलब यह नहीं है कि आप कचौड़ी, पकौड़ी और घी-शक्कर का बेलगाम सेवन करें। न्यूट्रिशनिस्ट अमिता गदरे, जिन्होंने क्लीनिकल न्यूट्रिशन में विशेषज्ञता हासिल की है, कहती हैं कि (Nutrition Awareness) ही आपको सर्दियों की बीमारियों से बचा सकती है। पारंपरिक भोजन बुरा नहीं है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में जहां शारीरिक श्रम कम हो गया है, वहां इन भारी खाद्यों का पुराना अनुपात अब फिट नहीं बैठता। हमें अपनी उम्र और सक्रियता के हिसाब से अपनी थाली सजानी चाहिए।
विशेषज्ञों की अंतिम राय और सावधानियां
अमिता गदरे समय-समय पर सोशल मीडिया के जरिए लोगों को खान-पान के प्रति जागरूक करती रहती हैं। उनके अनुसार, किसी भी फूड आइटम को केवल उसके नाम से नहीं बल्कि उसके (Ingredient List) से पहचानना चाहिए। यह लेख सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। यदि आप किसी विशेष बीमारी से ग्रसित हैं, तो अपनी डाइट में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या प्रमाणित डाइटिशियन से परामर्श अवश्य लें, क्योंकि हर शरीर की जरूरतें अलग होती हैं।
निष्कर्ष: जागरूक बनें और स्वस्थ रहें
सर्दियों का आनंद तभी है जब आप ऊर्जावान महसूस करें, न कि सुस्त और भारी। अपनी डाइट से उन ‘छद्म’ हेल्दी फूड्स को बाहर निकालकर आप एक (Balanced Lifestyle) की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। आंवला कैंडी की जगह ताजा आंवला, पैकेज्ड सूप की जगह घर का सूप और मेवे के लड्डुओं की जगह कच्चे नट्स आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाएंगे। याद रखें, सर्दियों की सही खुराक वही है जो आपके शरीर को अंदर से मजबूत करे, न कि केवल आपकी जीभ को स्वाद दे।



