Jharkhand Assembly Session: कुर्सी जाने की अटकलों के बीच गरजे CM हेमंत सोरेन, सियासी गलियारों में क्यों आया टेंशन का माहौल…
Jharkhand Assembly Session: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष की गैर मौजूदगी पर जमकर निशाना साधा (jharkhand-assembly-session)। उन्होंने कहा कि राज्य 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इसे कोई डरा या झुका नहीं सकता। सोरेन ने सदन में विपक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सत्तापक्ष पूरी तरह उपस्थित है, लेकिन विपक्ष केवल अशांति फैलाने तक सीमित है।

द्वितीय अनुपूरक बजट और राज्य की प्रगति
मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि उनकी सरकार ने 7721.25 करोड़ रुपये का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया है (supplementary-budget-jharkhand)। यह बजट राज्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जरूरी है और इससे विभिन्न योजनाओं को गति मिलेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि झारखंड लगातार आगे बढ़ता रहेगा।
विपक्ष की नाकामी और प्रश्न उठाने की कमी
सोरेन ने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास उठाने के लिए कोई मुद्दा, तर्क या संवेदना नहीं है (opposition-criticism-jharkhand)。 उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों का उद्देश्य केवल सदन को बाधित करना और मीडिया में सुर्खियों में आना है। विपक्ष ने छात्रवृत्ति जैसे मुद्दों पर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन खुद ही ज्यादा उलझ गया।
केंद्र सरकार पर निशाना: इंडिगो और महंगाई
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी हमला किया। उन्होंने इंडिगो प्रकरण और महंगाई पर केंद्र की चुप्पी को उजागर किया (central-govt-criticism)इंडिगो मामले में शव एयरपोर्ट पर सड़ गए और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
छात्रवृत्ति में कटौती का विरोध
हेमंत सोरेन ने छात्रवृत्ति के मामले में केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए (scholarship-policy-jharkhand)。 उन्होंने बताया कि आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बजट में भारी कटौती की गई। आदिवासी/दलित छात्रवृत्ति में 90-95 प्रतिशत और मेधा आधारित छात्रवृत्ति में 75 प्रतिशत कटौती की गई। तकनीकी संस्थानों को मिलने वाला अनुदान भी 61 प्रतिशत कम किया गया।
झारखंड सरकार की छात्रवृत्ति नीति
सीएम ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार छात्रों की छात्रवृत्ति घटाने वाली नहीं है (state-scholarship-jharkhand)। झारखंड सरकार ने बजट बढ़ाकर छात्रों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए सहायता सुनिश्चित की है। इसके तहत छात्रों को नि:शुल्क कोचिंग और उच्च संस्थानों से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
समृद्ध झारखंड के लिए 25 साल का रोडमैप
हेमंत सोरेन ने राज्य के विकास और समृद्धि के लिए 25 वर्षों का रोडमैप तैयार करने की बात कही (jharkhand-development-roadmap)। इस रोडमैप में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनका कहना था कि राज्य की संस्कृति, भावना और जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएंगी।
उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण की पहल
छात्रों के लिए सरकार ने एक्सएलआरआई, रिम्स, एक्सआईएसएस जैसे संस्थानों से सहायता ली है (higher-education-jharkhand)। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क कोचिंग, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा शिक्षकों के लिए भी उच्च शिक्षा संस्थानों से प्रशिक्षण दिलाने का प्रबंध किया गया है।
मुख्यमंत्री का संदेश: झारखंड का आत्मविश्वास
सीएम हेमंत सोरेन ने विधानसभा में कहा कि झारखंड को कोई नहीं रोक सकता और राज्य अपनी जिम्मेदारी और संस्कृति के साथ आगे बढ़ेगा (jharkhand-progress-vision)। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि सवाल उठाने से पहले अपनी तैयारी और वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लें। राज्य की प्रगति और योजनाओं की पारदर्शिता जनता के सामने सुनिश्चित की जाएगी।



