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Haryana DGP Controversy: सुसाइड केस की परछाईं में DGP की कुर्सी खाली, क्या अब होगा बड़ा खुलासा…

Haryana DGP Controversy: हरियाणा के IPS अधिकारी पूरन कुमार सुसाइड केस में नाम सामने आने के बाद दो महीने से छुट्टी पर चल रहे DGP शत्रुजीत कपूर को राज्य सरकार ने रविवार देर रात उनके पद से हटा दिया। उन्हें अब हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का चेयरमैन नियुक्त किया गया है (Haryana police)। खास बात यह है कि जिस दिन यह आदेश जारी हुआ, उसी दिन कपूर की दो महीने की छुट्टी भी पूरी हुई थी, जिससे सरकार के इस कदम को बेहद रणनीतिक माना जा रहा है।

Haryana DGP Controversy
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कार्यवाहक DGP की भूमिका और सीमित समय

नए आदेशों के मुताबिक IPS अधिकारी ओपी सिंह कार्यवाहक DGP के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। हालांकि, यह व्यवस्था ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली क्योंकि ओपी सिंह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं (Acting DGP)। ऐसे में हरियाणा पुलिस को कुछ ही दिनों में नए स्थायी प्रमुख की जरूरत पड़ेगी।

नए DGP की नियुक्ति का रास्ता साफ

शत्रुजीत कपूर को पद से हटाए जाने के बाद अब सरकार के सामने नए DGP की नियुक्ति का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही UPSC को नया पैनल भेजेगी और 31 दिसंबर के बाद हरियाणा को नया DGP मिल सकता है (DGP appointment)। इस बदलाव को प्रशासनिक स्थिरता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

DGP का पद अब आधिकारिक रूप से रिक्त

कपूर के ट्रांसफर के साथ ही हरियाणा पुलिस में DGP का पद अब औपचारिक रूप से रिक्त हो गया है। वर्तमान कार्यवाहक DGP ओपी सिंह के रिटायरमेंट की तारीख नजदीक होने के कारण यह रिक्ति और भी महत्वपूर्ण हो गई है (Vacant post)। सरकार पर समय रहते सही फैसले का दबाव बढ़ गया है।

UPSC ने पहले क्यों लौटाया था पैनल

हरियाणा सरकार द्वारा पहले भेजा गया DGP पैनल UPSC ने वापस कर दिया था। वजह यह थी कि सरकार ने पैनल में यह स्पष्ट किया था कि DGP कपूर छुट्टी पर हैं, न कि पद से हटाए गए हैं (UPSC objection)। इसी कारण UPSC ने DGP का पद रिक्त मानने से इनकार कर दिया था।

पैनल में शामिल पांच वरिष्ठ IPS अधिकारी

DGP पद के लिए सरकार की ओर से भेजे गए पैनल में कुल पांच IPS अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसमें 1990 बैच के IPS शत्रुजीत सिंह कपूर का नाम भी है क्योंकि उनकी सेवानिवृत्ति में अभी 10 महीने से अधिक का समय बाकी है (IPS panel)। इसके अलावा 1991 बैच के संजीव कुमार जैन, 1992 बैच के अजय सिंघल, 1993 बैच के आलोक मित्तल और अरशिंद्र चावला भी इस सूची में शामिल हैं।

पूरन कुमार सुसाइड केस से उठा बवाल

IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद यह मामला सुर्खियों में आ गया। उन्होंने चंडीगढ़ में अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी (Suicide case)। इस घटना ने न केवल पुलिस विभाग बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया।

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